पशुओं की तरह खेतों की जुताई कर रहे हैं किसान – प्रशासन ने किया अनदेखा

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विकास सेन पन्ना ब्यूरों 

जनपद पंचायत गुनौर अंतर्गत ग्राम पंचायत भिटारी के भट्टमनिया हार में परमलाल चौधरी अपने पुत्रों, बहु एवं पत्नी के साथ अपने खेत पर बैलों का काम अपने पुत्रों तथा बहु एवं पत्नी के सहयोग से खेत को बोने के लिए तैयार कर रहा है और शासन द्वारा कोई मदद न मिलने से काफी दुखित है। केंद्र सरकार तथा प्रदेश सरकार द्वारा किसानों के हित के लिए विभिन्न तरह की योजना चलाकर किसानों को लाभ प्रदान किया जाता है जिसके अंतर्गत विगत वर्ष सलेहा क्षेत्र में निर्धन एवं बेसहारा किसानों के कृषि कार्य के लिए शासन द्वारा दो साल पूर्व सलेहा के लिए दो टेक्टर उपलब्ध कराए गए थे जिससे छोटे किसानों को खेती करने में आसानी हो सके, लेकिन शासन द्वारा उन टेक्टरों को या तो बंद कर दिया गया या फिर कार्य कागजों में चल रहा है।

शासन द्वारा भारत देश तो डिजिटल इंडिया बनाने का कार्य महानगरों तक शासकीय कार्यालयों में किया जा रहा है लेकिन जो किसान भारत देश को कृषि प्रधान देश बनाए हुए आज उन किसानों की दुर्दशा इस तरह से है कि वह किसान अपने आप को रस्सी में बांधकर कृषि यंत्रों की सहायता लेकर खुद पशु की तरह जुताई का कार्य महिलाओं एवं बच्चों के सहयोग से कर रहा है इस प्रकार कार्य को देखकर ऐसा प्रतीत होता है कि आज भी हमारा देश अंग्रेजों के अधीन तथा प्राचीन काल में चल रहा है नरेंद्र चौधरी द्वारा बताया गया कि हम सभी परिवार के सदस्य बाहर काम करते थे परंतु लाकडाउन होने की वजह से सभी लोग गांव आ गए हैं यहां पर रोजगार तथा उधर पोषण का कोई साधन न होने के कारण हमारी छोटी सी जमीन थी जहां पर हम परिवार के सदस्य परमलाल, दुर्गेश, नारेन्द,नत्थी बाई,अंजू आदि स्वयं गले में रस्सी बांधकर और महिलाओं के सहयोग से खेत में जुताई तथा धान बोने का काम स्वयं करने लगे यह कार्यक्रम विगत 1 सप्ताह से लगातार करते आ रहे हैं, लेकिन इस ओर स्थानीय प्रशासन तथा कृषि अधिकारियों का ध्यान नहीं गया ना ही हमारी किसी ने मदद की। प्रशासन से चाहते हैं कि हमारी दयनीय स्थिति को देखते हुए हमें कृषि यंत्र तथा परिवार के उदर- पोषण के लिए रोजगार उपलब्ध कराया जाए।

सरकार द्वारा गरीब किसानों को निशुल्क बीज उपलब्ध कराया जाता है ऐसे किसान कृषि केंद्र आकर बीज प्राप्त कर सकते हैं

मनोज रैले ग्राम सेवक सलेहा