सेहत से खिलवाड़ / यूरिया से बना रहे थे शराब, आठ लाख का सामान जब्त

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  • पिछोर के सिलपुरा व बरबटपुरा में दबिश देकर आबकारी टीम ने कच्ची शराब, लहान किया बरामद

स्वप्निल जैन ब्यूरों
खनियांधाना।
लॉकडाउन के चलते जिले में कई शराब दुकानें बंद हो जाने से कच्ची शराब बनाकर खपाई जा रही है। आबकारी टीम ने पिछोर के सिलपुरा और बरबटपुरा गांव में दबिश देकर कंजर डेरों से कच्ची शराब बनाने का जखीरा बरामद किया है। खास बात यह है कि मोटा मुनाफा कमाने कंजर कच्ची शराब बनाने में यूरिया का इस्तेमाल कर रहे हैं। यूरिया से बनी शराब पीने वाले की किडनी खराब होने का खतरा ज्यादा रहता है, लेकिन आबकारी टीम ने समय रहते कार्रवाई कर कच्ची शराब, लहान व जहरीली शराब बनाने का सामान जब्त किया। जिसकी कीमत 8 लाख रुपए आंकी है।

जानकारी के अनुसार आबकारी टीम के उपनिरीक्षक ने टीम के संग पिछोर वृत्त के सिलपुरा एवं बरवटपुरा पिछोर में दबिश दी। मौके से 115 लीटर हाथ भट्टी शराब और 15 हजार 200 लीटर लहान, 79 ड्रम, 2 लोहे की मशीन, 2 बड़ी परात बरामद की हैं। जब्त सामान की कीमत 8 लाख रुपए बताई जा रही है। कच्ची शराब बनाने वाले 7 लोगों के खिलाफ प्रकरण पंजीबद्ध किया है। मौके से चार महिला आरोपियों को गिरफ्तार कर लिया है।

कंजरों की कच्ची शराब: इसे पीने से कई लोगों की जान गई

चोरी छुपे कच्ची शराब बनाई जाती है। यूरिया के इस्तेमाल के अलावा खुले में तैयार की जाने वाली लहान में मक्खियां भिन-भिनाती रहती हैं। कई कीड़े-मकौड़े भी लहान में मर जाते हैं। कंजरों की कच्ची शराब का कोई क्वालिटी कंट्रोल नहीं होने से इसे पीने वाले कई लोगों की जान भी जा चुकी है। सिरसौद गांव में कच्ची शराब पीकर एक व्यक्ति मर चुका है। इससे पहले भी कई मौतें हो चुकी हैं।

इसे पीने से जान चली जाती है

कच्ची शराब बनाने की सूचना मिली। टीम के संग सिलपुरा और बरबटपुरा में दबिश देकर बड़ी मात्रा में लहान और कच्ची शराब जब्त की है। लहान व शराब मौके पर नष्ट करा दी है। यूरिया के इस्तेमाल से बनी कच्ची शराब पीने से किडनी खराब हो जाती हैं। कोई भी क्वालिटी कंट्रोल नहीं होने से कच्ची शराब कभी -कभी जहरीली हो जाती है और लोगों की जान चली जाती है।

अनिरुद्ध खानवलकर, आबकारी उप निरीक्षक, वृत पिछोर