ग्राम पंचायत कुंडी में पीएचई द्वारा निर्मित पानी की टंकी में भारी अनियमिताएं

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शाहपुर से नवील वर्मा की रिपोर्ट 

शाहपुर – ग्राम पंचायत कुंडी में लोक स्वास्थ्य यांत्रिकी विभाग द्वारा निर्मित पानी की टंकी के निर्माण स्थल पर भारी अनियमिताएं  देखने को मिली। सबसे पहला तो ये की निर्माण कार्य प्रारम्भ हो कर बेस डल गया , किन्तु किसी भी जनप्रतिनिधि को इसकी भनक तक नहीं लगी। दूसरा निर्माण स्थल पर ना ही कोई बोर्ड नजर आया और नाही कोई सुचना पटल जिससे ये पता चल सके कि निर्माण कब शुरू हुआ ,कितने समय में पूरा होगा , कितने लागत राशि में निर्माण स्वीकृत हुआ है , ठेकेदार एजेंसी कौन है , वगैरह वगैरह ….. ?

वही रविवार समूचे जिले में लागू लॉकडाउन में भी मजदुर यहाँ काम करते नजर आये वो भी बिना मास्क के ।  कार्य करने वाले मजदूरो से पता चला कि वो लोग बिहार से काम करने आए हैं। जिन्हे वास्तव में कोरेन्टाइन किया जाना चाहिये था वे ही सरकारी साईड पर काम कर रहे थे । सम्बंधित विभाग के अधिकारी से पत्रकारों ने उनका पक्ष जानना चाहा तो उन्होंने दूसरे दिन कार्यालय आ कर बात करने का कह मामले को टाल दिया।और जब दूसरे दिन पत्रकार उनका पक्ष जाने कार्यालय पंहुचे तो पता चला वे कार्यालय में नहीं है।  जब फोन पर चर्चा की तो उन्होने कहा की मैने काम बंद करा दिया गया है।

अब इसे क्या कहे …… ? जानकारी मिली है की टंकी का निर्माण नलजल योजना के तहत कराया जा रहा है। जिसकी लागत करोड़ों में है जहां  से तीन गाँवों को पेयजल आपूर्ति की जायेगी। देखने वाली बात ये भी है कि जहाँ टंकी का निर्माण कराया जा रहा है उसके पास अभी कोई बोर नहीं कराया गया। पास ही आईटीआई भवन है जहाँ पहले के दो से तीन बोर सूखे जा चुकें है। विभाग को पहले पानी की व्यवस्था हेतु उपाय करने चाहिए थे। यदि पर्याप्त पानी के श्रोत नहीं मिले तो टंकी सफ़ेद हाथी साबित हो सकती है। सवाल  यांत्रिकी विभाग की काबिलियत पर नही है। किन्तु निर्माणाधीन स्थल की भौगोलिक परिस्तिथि को भी नजरअंदाज नहीं किया जा सकता। क्योकि ऐसे सफ़ेद हाथी के उदहारण जिले में और भी है। जहाँ सालों से सुखी टंकियां खड़ी है।