व्यापक रूप से अनुत्तीर्ण हुए इटारसी शा. आईटीआई के छात्र-छात्राओं ने दिया कलेक्टर के नाम ज्ञापन

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मनीष मालवीय 

होशंगाबाद // यूं तो प्रदेश सरकार और केन्द्र सरकार ऑनलाईन पर पूरा जोर दे रही है और कोशिश की जा रही है कि पूरे कार्य ऑनलाईन ही किए जाएं ताकि किए जा रहे कार्य में पारदर्शिता और शीघ्रता हो सके। लेकिन इसके विपरीत शा. आईटीआई इटारसी के छात्र-छात्राओं ने कलेक्टर के नाम दिए ज्ञापन में बताया कि उनके साथ जो छलावा हुआ है उससे कई छात्र-छात्राओं की जिंदगी के साथ खिलवाड़ किया गया है क्योंकि यहां सत्र 2018-19 के अनुसार टे्रड स्टेनोग्राफी एससीवीटी के प्रशिक्षाणार्थी की परीक्षा 16 जुलाई और 17 जुलाई 2019 को विभाग द्वा कि गवह कट ये रा ऑनलाईन प्रायोगिक परीक्षा ली गई थी जिसमें व्यापक रूप से गड़बड़ी सामने आई थी। छात्र-छात्राओं का कहना है कि ऑनलाईन सर्वर की गति धीमी होने के कारण कम्प्यूटर काम नहीं कर रहे थे और चयनित भाषा में परीक्षा देने पर कम्प्यूटर के फोंट स्वत ही बदल गए थे (हिंदी की जगह अंग्रेजी फोंटस)। ऑनलाईन परीक्षा के परिवेक्षक को भी ऑनलाईन परीक्षा हेतु कंम्प्यूटर का पर्याप्त ज्ञान नहीं था जिससे छात्र-छात्राओं को आशंका जाहिर हुई थी। इसके अलावा प्रायोगिक परीक्षा का प्रिंट आउट लेने पर गड़बड़ी सामने आई है। इसी प्रकार कंम्प्यूटर के चलते-चलते स्वत ही बंद हो रहे थे और छात्र-छात्राओं को एक कम्प्यूटर से दूसरे कम्प्यूटर पर बार-बार स्फिट किया जा रहा था। स्टेनो का कम्प्यूटर पर अनुवार कर देने के बाद डाटा सबमिट नहीं बता रहा था और टाईप किए गए मैटर के स्थान पर कोस्चन मार्क दिखाई देने लगा था। बार-बार सर्वर में हो रही समस्या के चलते आधे से ज्यादा परीक्षा संपन्न हो जाने के बाद पुन परीक्षा प्रारंभ हो रही थी। इससे यह अंदाजा लगाया जा सकता है कि यदि परीक्षा के दौरान परिवेक्षक और संस्था प्रमुख (प्राचार्य) को इस संबंध में यदि ज्ञान होता तो ऑनलाईन हुई इस गड़बड़ी को तुरंत ही सुधारा जा सकता था। अब प्रश्र यह उठता है कि आखिर इन छात्राओं के भविष्य को अंधकार में ले जाने वाला जिम्मेदार कौन ज् यदि परीक्षा परिणाम कुछ परसेंटेज में भी आया होता तो छात्र-छात्राओं की पढाई पर संदेह होता परंतु एक साथ सभी परीक्षार्थियों का फेल होना संदेह के घेरे में है इसलिए छात्र-छात्राओं ने कलेक्टर होशंगाबाद के माध्यम से शीघ्र जांच कराने का निवेदन किया है वहीं छात्र-छात्राओं ने ज्वाइंट डायरेक्टर आईटीआई गोविंदपुरा भोपाल से भी शीघ्र जांच कराकर यथा स्थिति से अवगत कराने का लेख किया है।

ओपी सैनी प्राचार्य से भी की थी जांच की मांग
बुधवार 23 अक्टूबर को शा. औद्योगिक प्रशिक्षण संस्थान इटारसी से सत्र 2018-19 में हिंदी स्टेनो का जो परीक्षा परिणाम घोषित हुआ है उससे सभी छात्र-छात्राएं असंतुष्ट के साथ दुखी भी है क्योंकि ऑनलाईन विधि से होने के कारण तकनीकी खराबी की आशंका जताते हुए जल्द से जल्द जांच की मांग की थी जिस पर प्राचार्य ने कोई तत्परता नहीं दिखाई जिसके कारण शनिवार 2 नवंबर 2019 को यह बात कलेक्टर के माध्यम से उच्च अधिकारियों तक पहुंचाई गई है।

ओपी सैनी प्राचार्य ने कहा
जब हमारे द्वारा यह पूछा गया कि स्टेनोग्राफर ट्रैड में कुल कितने प्रशिक्षणार्थी है तो उन्होंने कहा मुझे मालूम नहीं है मैं रजिस्टर देख कर बताउंगा। साथ ही हमने पूछा कि कुल कितने विद्यार्थी पास हुए है तो उन्होंने इस पर भी बेढंगा जबाव दिया कि यह मैं पूछ कर बताउंगा। और हमने जब आखिरी में यह पूछा कि ऐसा क्यों हुआ कि सभी विद्यार्थी फेल हुए है तो उन्होंने कहा कि कुछ तो गड़बड़ी हुई है इस संबंध में हमने परीक्षा सेल को पत्र लिखा है। जब हमने पूछा कि पत्र में आपने क्या लिखा है तो उन्होंने अपना फोन काट दिया।

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