पीएचई के विरुद्ध भाजपा प्रदेश उपाध्यक्ष ने दी धरने की चेतावनी,18 जुलाई को धरना,अधिकारी व ठेकेदार के विरुद्ध मुख्यमंत्री से की कार्यवाही की मांग

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चंद्रमणि विश्वकर्मा जिला ब्यूरों अनूपपुर
अनूपपुर- आये दिन ठेकेदारो की करास्थानी आम जनता के साथ जनप्रतिनिधीयों और विभागिय अधिकारियो को सुनना पड़ता है। जिला मुख्यालय के एक ठेकेदार ने फर्जीवाडा कर करोड़ों का ठेका हथियने और कार्यों की गुणवत्ता को लेकर पहले भी कई शिकायतें की गई हैं। किन्तु कोई कार्यवाही नही होने से और मामले के खुलासे के बाद भारतीय जनता पार्टी के प्रदेश उपाध्यक्ष,अनुसूचित जनजाति आयोग के पूर्व अध्यक्ष तथा अनूपपुर के पूर्व विधायक रामलाल रौतेल ने मुख्यमंत्री शिवराज सिंह चौहान को पत्र लिखकर ठेकेदार के विरुद्ध कार्यवाही की मांग की है। कार्यवाही ना होने पर 18 जुलाई को लोक स्वास्थ्य यांत्रिकी विभाग के कार्यालय के सामने धरने की चेतावनी दी है।
सूत्रों के अनुसार ने प्रधानमंत्री कार्यालय,मुख्यमंत्री, संभागायुक्त, कलेक्टर, एसपी को पत्र प्रेषित कर शिकायत की है। कार्यपालन यंत्री लोक स्वास्थ्य यांत्रिकी विभाग खण्ड अनूपपुर ने अपने चहेते ठेकेदार प्रकाश मिश्रा एवं उसके जीजा राजेश झा को एक ही प्रमाणपत्र पर पयारी, परासी ,हरद में करोड़ों रुपये का नल जल योजना का कार्य स्वीकृत किया गया है। शिकायत में कहा गया है कि प्रधानमंत्री द्वारा 2024 तक प्रत्येक घर मे जल पहुंचाने के लिये महत्वाकांक्षी नल जल योजना का शुभारंभ किया गया। लोकस्वास्थ्य यांत्रिकी विभाग अनूपपुर ने चहेते ठेकेदार को काम दिलवाने के उद्देश्य से एक अनुभव प्रमाणपत्र के आधार पर ग्राम पयारी, परासी मे जीजा और साले अनुभव प्रमाणपत्र पर जारी किया। एक करोड़ रुपये से कम की निविदा आमंत्रित कर खोली गयी। नल योजना का काम अलग अलग नाम पर, एक ही प्रमाणपत्र से अलग अलग जारी किया। जबकि पूरा काम चहेते ठेकेदार ही करता है। जबकि नियमत: एक प्रमाणपत्र पर एक कार्य ही दिया जा सकता है।
उल्लेखनीय है कि ठेकेदार भाजपा पदाधिकारी हैं तथा भाजपा जिलाध्यक्ष का करीबी हैं। कार्यपालन यंत्री को नियमानुसार निविदा निरस्त कर ठेकेदार के विरुद्ध कार्यवाही करना चाहिये, किन्तु नहीं किया। जबकि इन्ही के द्वारा निविदा आमंत्रित व खोली गई। शेष अन्य स्वीकृत कार्यों को एक ही अनुभव प्रमाण पत्र पर कार्यादेश जारी किया गया है। पूर्व विधायक ने भारत सरकार एवं प्रदेश सरकार के नियम कायदों की धज्जियां उड़ाने वाले अधिकारी के विरुद्ध जांच कर दण्डात्मक कार्यवाही करने की मांग की है।