“हम नहीं सुधरेंगे , खुद भी मरेंगे -दूसरों को भी मारेंगे “.

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नवील वर्मा ब्यूरों 

शाहपुर -भौरा -ग्रामीण क्षेत्रों में कोरोना संक्रमण को ले कर व्यापक प्रचार प्रसार की आवश्यकता नजर आती है।  कारण इस दृश्य को देख आप स्वतः ही समझ जाएंगे। इसे कहते है – “हम नहीं सुधरेंगे , खुद भी मरेंगे -दूसरों को भी मारेंगे “. जबकि जिले में नवागत पुलिस अधीक्षक ने  प्रभार लेते ही पुलिस महकमें को पहले प्राथमिकता से कोरोना संक्रमण पर गाँव गाँव -गली गली लाउडस्पीकर लगा मॉस्क लगाने और दो गज दुरी बनाये रखने हेतु निर्देशित किया। जिसके बाद प्रायः सभी पुलिस थाना क्षेत्र में मुनादी कराई गई। और लोगों को सावधानी बरतने की समझाइश दी गई।

लेकिन उसका असर कितना हुआ -जरा बैंक के सामने लगी इस भीड़ को देख कर अंदाजा लगाया जा सकता है।  इसमें लोगों की कोई गलती नहीं है। ये जिम्मेदारी बैंक प्रबंधन की भी है कि सोशल डिस्टेंस हेतु लोगों को प्रेरित करें। और लोगों के पास मॉस्क नहीं है तो  मॉस्क वितरित करें। जरा सोचिये गलती से भी इस भीड़ में कोई संक्रमित व्यक्ति आ गया तो परिणाम कितना भयानक हो सकता है।

बता दे कि  भौरा में कोरोना को लेकर सब बेखबर है। इसका नजारा सोमवार और मंगलवार को नजर आया है। स्थानीय बैंक के सामने लोग पैसे निकालने के लिए साप्ताहिक बाजार जैसी भीड़ लगाए हुए थे। लोग ना तो मास्क लगाए थे। और ना ही सोशल डिस्टेंसिंग का पालन किया जा रहा था। बैंक के जिम्मेदार अधिकारीयो ने भी ग्राहकों के लिए कोरोना संक्रमण से बचाव के लिए कोई व्यवस्था नहीं कर रखी थी।

कोरोना की महामारी को बेहिचक लोग नजदीक बैठकर अपनी बारी का इंतजार कर रहे थे। बैंक के जिम्मेदार अधिकारी इस संबंध में पूछा तो उन्होंने कोई जवाब देना भी उचित नहीं समझा। जब तक ऐसे लापरवाह अधिकारियों पर कारवाही नहीं होती तब तक ये सिस्टम सुधरने वाला नहीं है।

जबकि सरकार द्वारा अनलॉक -2 के लिए भी सावधानियां बरतने हेतु आवश्यक दिशा निर्देश दिए जा चुके है। कानून का पालन कराने  सिर्फ पुलिस की ही जिम्मेदारी नहीं है। आम जनता को भी जागरूक होना आवश्यक है।ध्यान दे  अनलॉक -2  में पुलिस अब जागरूक नहीं करेगी सीधे चलानी कारवाही करेगी ।