पैरोल पर बाहर आया कैदी ने पत्नी की हत्या करने के बाद लगा ली फांसी

पैरोल पर बाहर आया कैदी ने पत्नी की हत्या करने के बाद लगा ली फांसी

Scn news india

2006 में दो बच्चों की हत्या के मामले में आजीवन कारावास की सजा हुई थी।

लॉकडाउन के पहले पैरोल पर बाहर आया था ।

 

स्वप्निल जैन ब्यूरों
खनियांधाना।
करैरा थाना क्षेत्र के ग्राम टीला में दो बच्चों की हत्या के मामले में सजा काट रहे युवक ने कुल्हाड़ी से हमला कर पत्नी की हत्या कर दी। बाद में खुद भी फांसी पर झूल गया। वह जेल से 15 दिन की पैरोल पर आया था। उसके बाद लॉकडाउन के कारण घर पर ही था। टीला निवासी 35 वर्षीय कैलाश जाटव ने वर्ष 2006 में अपने चाचा के बेटे और एक बच्चे की हत्या कर दी थी।

दो हत्याओं के मामले में उसे 2008 में आजीवन कारावास की सजा सुनाई गई थी। वह ग्वालियर सेंट्रल जेल में सजा काट रहा था। पिता मक्खू ने बताया कि लॉकडाउन के पहले वह 15 दिन के पैरोल पर आया था। लॉकडाउन के बाद वह अपने घर रुका रहा।

बुधवार सुबह कैलाश और उसकी पत्नी कलादेवी घर से बाहर नहीं आए तो अंदर जाकर देखा। वहां कलादेवी लहुलुहान पड़ी थी और कैलाश फांसी पर झूल रहा था। मक्खू ने बताया कि घर के अंदर कुल्हाड़ी रखी थी और उस पर खून लगा हुआ था। इससे लगता है कि कुल्हाड़ी से कलादेवी का सिर काटा गया होगा।

उन्होंने यह भी कहा कि बेटे की मानसिक हालत ठीक नहीं थी। अगर नाती अंदर सो रहा होता तो वह उसे भी मार डालता। कैलाश की 12 और 15 साल की बेटिया हैं। वह दोनों अपनी बुआ के घर नौनेर गई थीं। बुआ के घर कुछ दिन बाद शादी है और बहन भात मांगने के लिए घर आने वाली थी।

हत्याकांड से पहले हुआ था झगड़ा

करैरा थाना प्रभारी गब्बर सिंह का कहना है कि पता चला है कि किसी बात को लेकर पति-पत्नी के बीच झगड़ा हुआ था, जिसके बाद कैलाश ने कला की हत्या कर दी और खुद भी फांसी पर झूल गया। कैलाश ने कला के सिर, गर्दन और नाक के पास वार किए। घाव गहरे होने के चलते अधिक खून निकलने से उसकी मौके पर ही मौत हो गई।

शिवपुरी