मलेरिया की रोकथाम एवं जागरूकता हेतु स्थानीय प्रशासन ने छेड़ी मुहीम,एसडीएम ने किया निरिक्षण

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 नवील वर्मा ब्यूरों 

शाहपुर -जिले में मौसमी बीमारियों की रोकथाम के लिए स्वास्थ्य दल-आपके द्वार कार्यक्रम शुरू किया गया। इसके तहत स्वास्थ्य कार्मिकों की टीम ने घर-घर जाकर लोगों को मच्छर भगाने व मौसमी बीमारियां जैसे डेंगू, मलेरियां एवं स्क्रब टाइफस जैसे रोगों से सचेत  रहने संबंधी जानकारियां दी रही है । शाहपुर विकास खंड चिकित्सा अधिकारी शैलेन्द्र साहू ने बताया कि मौसमी बिमारी जैसे डेंगू, मलेरिया, आदि के नियंत्रण एवं रोकथाम के लिए एएनएम, आशा सहयोगिनी सहित स्वास्थ्य कार्यकर्ता को सम्मिलित कर बनाई गई टीमों द्वारा  घर-घर जाकर लोगों को बीमारियों के प्रति लोगों को सावधानियां बरतने जागरूक किया जा रहा है ।

अभियान के शुरुआत में मलेरिया निरोधक माह जून में अनुविभागीय अधिकारी  सुश्री हरप्रीत सिमरन कौर मैडम की निर्देशन में नायब तहसीलदार महोदय श्री रोहित विश्वकर्मा जी एवं खंड चिकित्सा अधिकारी डॉ श्री शैलेंद्र साहू जी के मार्गदर्शन में 10 टीम ने एएनएम आशा कार्यकर्ता आंगनवाड़ी कार्यकर्ता की टीम बनाकर ग्राम शाहपुर ग्राम मोतीढाना ग्राम पतौवापुरा ग्राम चिखल्दा में घर-घर जाकर सर्वे दल द्वारा मच्छर की उत्पत्ति स्थल टंकी के कूलर ,गमले, टायर एवं बारिश के एकत्रित पानी में मच्छर के लार्वा नष्ट करने हेतु उपाय समझाएं जल संग्रह सप्ताहिक खाली करने हेतु टीम द्वारा सलाह दी गई ।

ब्लॉक स्तरीय मिटनेरी डॉक्टर सीआरसी बीआरसी समन्वयक श्री दुबे जी, पंचायत निरीक्षक श्री वीरेंद्र मानकर, कृषि विभाग विकास अधिकारी प्रतिनिधि श्री नागले ,सचिव श्री रजनीकांत शुक्ला ,स्वास्थ्य विभाग से श्री भगत सिंह के खंड विस्तार प्रशिक्षक श्री बलदेव नागले बीपीएम श्री सुबोध गढ़वाल मलेरिया निरीक्षक श्री क्रांति यादव पीसीएम वरिष्ठ लैब टेक्नीशियन श्री राधा गोविंद शुक्ला एवं समस्त स्टाफ उपस्थित रहे।
मच्छर की उत्पत्ति रोकने के लिए लाउडस्पीकर से मुनादी करवाकर एवं गाड़ी सेल आउट सिस्टम के माध्यम से प्रचार-प्रसार कर एवं दल द्वारा मेगा माइक से ग्रामीणों का मलेरिया डेंगू से बचाव हेतु ग्रामीणों को बुखार आने पर मलेरिया की जांच आशा कार्यकर्ता एएनएम एवं नजदीकी स्वास्थ्य केंद्र में समय पर कराने पीटना सी मच्छरदानी लगाने सप्ताहिक जल संग्रह मटके ,टंकी ,टायर ,कूलर, गमले खाली करने अंकित यारी को ढककर रखने बारिश एकत्रित पानी की निकासी करने हेतु प्रचार किया गया।