लांचिंग के बाद ही पतंजलि की दवा के प्रचार पर रोक

लांचिंग के बाद ही पतंजलि की दवा के प्रचार पर रोक

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मनोहर

अतिसंवेदनशील मामला कोरोना संक्रमण की आयुर्वेदिक दवा की लांचिंग के कुछ ही देर बाद केंद्र सरकार ने पतंजलि पर एक्‍शन लेते हुए कोरोना की नई दवा के विज्ञापन पर रोक लगा दी है। साथ ही नियमों का हवाला देते हुए दवा के ट्रायल के रिकॉर्ड मांगे है । केंद्र सरकार ने इस संबंध में गजट नोटिफिकेशन भी जारी किया है।

बता दे  कि पतंजलि ने 23 जून को कोरोना से निजात दिलाने वाली एक दवा विकसित करने का दावा किया था। जिसमे केवल 7 दिनों में कोरोना का 100 % उपचार का दावा किया था। लांचिंग के बाद आयुष मंत्रालय ने खबर के आधार पर इस मामले को संज्ञान में लिया है। मंत्रालय का कहना है कि कंपनी की तरफ से जो दावा किया गया है, उसके फैक्ट और साइंटिफिक स्टडी को लेकर मंत्रालय के पास कोई जानकारी नहीं पहुंची है। मंत्रालय ने कंपनी को इस संबंध में सूचना देते हुए कहा है कि इस तरह का प्रचार करना कि इस दवाई से कोरोना का 100 प्रतिशत इलाज होता है, ड्रग्स एंड मैजिक रेमेडीज (आपत्तिजनक विज्ञापन) कानून 1954 का उल्लंघन बताया है।

गौरतलब है कि  कोई भी व्यक्ति  किसी असाध्य रोग के उपचार का विज्ञापन द्वारा सार्वजनिक रूप से  प्रचार प्रसार नहीं कर सकता। यह कानूनन अपराध की श्रेणी में आता है। वही बाबा रामदेव द्वारा सार्वजनिक मंच से दवा बनाने का द्वारा ना केवल दावा किया गया है, बल्कि कोरोना जैसी घातक और असाध्य बिमारी के संक्रमण को 100 % ठीक करने का दावा भी किया गया। जो ड्रग्स एंड मैजिक रेमेडीज (आपत्तिजनक विज्ञापन) कानून 1954 का उल्लंघन बताया  गया है। चूँकि दवा का फार्मूला आयुर्वेद पर आधारित है , इसलिए अब बाबा रामदेव को पहले आयुष मंत्रालय को संतुष्ट करना होगा।

आयुष मंत्रालय द्वारा पतंजलि आयुर्वेद से कहा गया है कि वह दवा के नमूने का आकार, स्थान, अस्पताल जहां अध्ययन किया गया और आचार समिति की मंजूरी के बारे में विस्तृत जानकारी दे। आयुष मंत्रालय ने पतंजलि से जल्द से जल्द उस दवा का नाम और उसके घटक बताने को कहा है, जिसका दावा कोविड उपचार के लिए किया जा रहा है।

केंद्र सरकार ने इस संबंध में गजट नोटिफिकेशन भी जारी किया है। कहा है कि दवाई कि‍ स्टडी को लेकर जो भी जानकारी है, उसे सरकार देखेगी। मंत्रालय ने इस संबंध में कंपनी को सैंपल साइज, स्टडी डाटा जैसी सभी महत्वपूर्ण जानकारियां साझा करने को कहा है। साथ ही फिलहाल कंपनी की तरफ से दवाई के विज्ञापन पर रोक लगा दी गई है।

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