अनूपपुर- सालिक की सह पर पुष्पेंद्र पी गया मिट्टी तेल ,मामला लैम्पस धनगवां में कैरोसीन के नाम पर हुये भ्रष्टाचार का

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पीड़ित ग्रामीण

सुनील पटेल अनूपपुर
अनूपपुर। मार्च के अंतिम सप्ताह से देश में संपूर्ण रूप से लाॅकडाउन प्रभावशील हो चुका था, ऐसे अवसर पर सरकार ने गरीबों को खाद्यान्न के साथ-साथ कैरोसीन भी रियायती दर पर उपलब्ध कराने के निर्देष दिये थे। खाद्य विभाग ने अप्रैल, मई माह में आवंटन भी नियमानुसार जारी कर दिया था। किंतु आदिम जाति सेवा सहकारी समिति धनगवां के प्रबंधक व उनके विक्रेता पुष्पेंद्र सोनी ने निर्धारित मूल्य 16 रूपये की जगह आम उपभोक्ताओं से 40 रूपये वसूल डाले। शासन ने कोरोना संक्रमण के दौर में खाद्यान्न के साथ-साथ जरूरतमंद लोगों को कैरोसीन भी वितरित करने के निर्देष दिये गये थे। जिले के अंतर्गत आने वाले धनगवां लैम्पस में इन दिनों भ्रष्टाचार अपने चरम पर हैै, एक तरफ सरकार गरीबों को जीवनोपयोगी खाद्यान्न उपलब्ध कराने के लिये लगातार प्रयासरत है। तो वहीं दूसरी ओर जिम्मेदारों ने गरीबों को लूटने का कार्य प्रारंभ कर रखा है। कलेक्टर अनूपपुर द्वारा आवंटित कैरोसीन जिसका मूल्य मई में 16 रूपये प्रतिलीटर था, जो गरीबों तक उसी दर पर बंटना चाहिये था। किंतु लैम्प्स प्रबंधक सालीग्राम राठौर की सरपरस्ती में उनके विक्रेताओं ने गरीबों को 16 रू लीटर का कैरोसीन 40 रू में बेंच दिया।
16 का माल बिका 40 में
कलेक्टर अनूपपुर द्वारा प्रतिमाह खाद्यान्न आवंटन के साथ-साथ कैरोसीन के आवंटन का आदेश भी जारी किया जाता है, जिसके तहत लैम्पस धनगवां को लगभग 7000 लीटर प्रतिमाह का आवंटन किया जाता रहा है। जिसे जरूरतमंदों तक पहुंचाने की जिम्मेदारी लैम्पस में बैठे अधिकारियों व उचित मूल्य की दुकानों में बैठे वितरकों की होती है। शासन ने तो विक्रय करते समय हितग्राहियों से थम्ब मशीन में अंगूठे लगाने के प्रावधान भी किये हैं।