शिवराज सरकार ने पूर्व कमलनाथ की सरकार के फैसलों को पलटना किया शुरू

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प्रवीण मलैया ब्यूरों 

मप्र की शिवराज सरकार ने पूर्व कमलनाथ की( कांग्रेश)सरकार के उन सभी फैसलों को पलटना शुरू कर दिया है, जिसे राजनैतिक कारणों से रद्द कर दिया था। उनमें से सबसे पहले 22 नगर परिषदों के गठन का मामला है। शिवराज सरकार ने वर्ष 2018 में 30 नई नगर परिषदों का गठन किया था। बाकायदे इसकी अधिसूचना जारी की गई थी, किंतु कमलनाथ की सरकार बनते ही उनमें से 22 नगर परिषदों के गठन को तत्काल प्रभाव से रद्द कर दिया। बाकी बची 8 नगर परिषदों में कांग्रेस विधायकों के अड़ जाने से यथावत रह गई थी।

मुख्यमंत्री शिवराज सिंह चौहान ने मई के अंतिम सप्ताह में 22 नगर परिषदों के गठन की फाइल मंगाई थी। उन्होंने नगरीय प्रशासन विभाग के प्रमुख सचिव से उस वक्त कहा कि उन्होंने चूंकि नगर परिषदों का गठन किया था, इसलिए उस यथावत करने की फाइल फिर से शुरू करें। इन नगर परिषदों के गठन की अधिसूचना चूंकि 7 मार्च को ही जारी की गई थी, इसलिए अफसरों में इसे लेकर असमंजस की स्थिति हुई, किंतु बाद में मुख्यमंत्री के पास फाइल अनुमोदन के लिए भेज दी गई। अभी दो दिन पहले ही मुख्यमंत्री ने फिर से गठन को अनुमोदित कर दिया। अब नगरीय प्रशासन विभाग फिर से उन सभी 22 नगर परिषदों के गठन की अधिसूचना जारी करेंगी।

पंचायत एवं ग्रामीण विकास विभाग को भी कहा गया है कि वे फिर से इन नगर परिषदों के गठन के लिए अपनी प्रकि्रया पूरी कराएं।
सबसे बड़ी समस्या परिषदों के सीमा वृद्धि को लेकर-
वर्ष 2018 में नगर परिषदों के गठन की सभी तरह की औपचािरकता पूरी कराई गई। संबंधित ग्राम पंचायतों को नगर परिषद घोषित किया गया। उनमें से जिनमें निर्धारित जनसंख्या के मापदंड पूरे नहीं हो रहे थे, उन सभी में आसपास की ग्राम पंचायतों को शामिल किया गया। इस कार्य में काफी समय लगा, साथ में नए सिरे से सीमांकन आदि भी कराया गया, किंतु कांग्रेस सरकार ने उनमें से 22 का एक झटके में खत्म कर दिया। इतना ही नहीं जिन पंचायतों को नगर परिषद बनाया गया था, उन सभी को फिर से नोटिफिकेशन जारी कर ग्राम पंचायत बनाया गया। जिन परिषदों के मापदंड पूरे नहीं हो पाए थे, आसपास की ग्राम पंचायतों को शामिल किया गया था, उसे वापस किया गया। पंचायत एवं ग्रामीण विकास विभाग को इसके लिए खासी तैयारी करनी पड़ी। सब कुछ नए सिरे से हुआ। किंतु निर्णय पलटने के बाद फिर से उसी तरह की प्रकि्रया शुरू की जा रही है।

इन नगर परिषदों के गठन को किया था निरस्त-

इन 22 नगर परिषदों में से हरदा जिले में सिराली, बैतूल जिले की घोड़ाडोंगरी व शाहपुर, मंदसौर की भैंसोदा मंडी, शिवपुरी की रन्न्ाौद, भिंड जले की रौन व मालनपुर, रीवा जिले की डभौरा, शहडोल की बकहो, अनूपपुर की डोलर व डूमरकछार, उमरिया की मानपुर, सागर जिले की बिलहरा, सुरखी, मालथौन, बांदरी, सिवनी जिले की छपारा, खरगोन की बिस्टान, बड़वानी की ठीकरी व धार जिले की बाग व गंधवानी की अधिसूचना रद्द कर ग्राम पंचायत बना दिया गया था। सरकार अब उन सभी को फिर से नगर परिषद बनाने जा रही है।