सुसाइड नोट में लिखा में डिप्रेशन के कारण आत्महत्या कर रही हूं, नर्स फांसी पर झूल गई

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स्वप्निल जैन ब्यूरों 

खनियांधाना।
शिवपुरी जिले के अमोलपठा में स्थित प्राथमिक स्वास्थ्य केन्द्र में पदस्थ टीकमगढ़ की रहने वाली एक नर्स राममूर्ति यादव ने बीमारी से परेशान होकर स्वास्थ्य केन्द्र के लेवर रूम में फांसी लगाकर आत्महत्या कर ली। मृतिका ने एक सुसाईड नोट भी छोड़ा है। जिसमें उसने आत्महत्या का कारण अपनी स्वांस और पेट की बीमारी बताई है।

मृतिका ने सुसाईड नोट में लिखा है कि वह इस बीमारी का दिल्ली तक इलाज करा चुकी। लेकिन उसे कोई आराम नहीं मिला। जिससे वह डिप्रेशन में है। इसलिए वह आत्महत्या कर रही है। फिलहाल पुलिस ने मामले में मर्ग कायम कर जांच शुरू कर दी है।

जानकारी के अनुसार मृतिका राममृूर्ति पत्नी मुकेश यादव उम्र 38 वर्ष निवासी टीकमगढ़ वर्ष 2014 में अमोलपठा प्राथमिक स्वास्थ्य केन्द्र में नर्स केे पद पर पदस्थ हुई थी। राममूर्ति को स्वांस की और पेट की बीमारी थी। जिसका इलाज वह दिल्ली करा रहीं थी। लेकिन उसे कोई भी आराम नहीं था। इस कारण वह डिपे्रेशन में आ गई।

वह हमेशा अपने बच्चे और परिवार के लोगों की चिंता में डूबी रहती थी। बीती रात्रि साढ़े 8 बजे पुलिस को सूचना प्राप्त हुई कि नर्स राममूर्ति यादव की लाश स्वास्थ्य केन्द्र के लेवर रूम में फांसी के फंदे पर लटकी हुई है। सूचना पाकर पुलिस मौके पर पहुंची तो वहां पुलिस को एक सुसाईड नोट मिला। पुलिस ने उक्त सुसाईड नोट जप्त कर शव फांसी के फंदे से उतारकर पीएम हाऊस भिजवाया और उसके परिवार के लोगों को सूचना दे दी।

मैं डिप्रेशन के कारण मर रही हूं, मेरे बच्चों का ध्यान रखना

नर्स राममूर्ति यादव ने फांसी लगाने से पहले एक सुसाईड नोट तैयार किया। जिसमें उसने लिखा कि मेरा स्वास्थ्य खराब रहता है। डिप्रेशन इतना बढ़ गया है कि जी नहीं पा रही हूं। मेरे बच्चों का ख्याल रखना। उनको पढ़ाना और वो जहां रहना चाहे वहां रहने दिया जाए। मुझे किसी से कोई परेशानी नहीं है।

मेरे घर में मेरे पति, ससुरजी, सासु मां सब लोग बहुत अच्छे हैं। लेकिन मेरी तबीयत ठीक नहीं रहती है। इसलिए मैं डिप्रेशन के कारण से मर रही हूं। मेरा इलाज भी दिल्ली तक हो गया। कोई आराम नहीं मिला। बस हाथ जोड़कर निवेदन है कि मेरे बच्चों का ध्यान रखा जाए। उन्हें पढ़ा लेना और कोई वजह नहीं है सिर्फ डिप्रेशन