कलेक्टर की जांच तक नवीन गुमास्ता पंजीयन पर लगनी चाहिए रोक

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दिलीप पाल ब्यूरों आमला
आमला। जनपद पंचायत आमला की 23 दुकानों का मामला दिन पर दिन आगे बढ़ते जा रहा है एसडीएम चनाप की जांच के बाद दुकानदार और भी भयभीत हो गए क्योंकि अब पारदर्शिता से जांच की जा रही है दुकानदारों से जीएसटी नंबर गुमास्ता पंजीयन साथ ही खरीदी की गई सामग्रियों के पक्के बिल भी मांगे जा रहे हैं जांच के बिंदुओं के अनुसार दुकानदारों के पास सामग्रियों के पक्के बिल भी उपलब्ध होना चाहिए और तो और उपभोक्ताओं को दिए गए बिलो की रसीद भी दुकानदारों को पास होनी चाहिए लेकिन एसडीएम चनाब की जांच में देखने को आया है कि अधिकतर दुकानदारों के पास सामग्रियों के पक्के बिल नहीं थे उपभोक्ताओं को देने वाली बिल भी उपलब्ध नहीं थे इसका मतलब यह है कि दुकानदार कोई और है दुकान का संचालन कोई और करता है जांच के उपरांत गुमास्ता पंजीयन और जीएसटी नंबर पर भी रोक लगाई जाए क्योंकि जिन दुकानों पर किरायेदारों का कब्जा है उन दुकान मालिकों द्वारा नया गुमास्ता पंजीयन और जीएसटी नंबर लेने की तैयारी चल रही है अगर नवीन गुमास्ता पंजीयन और जैसे ही नंबर जारी हो जाता है तो जांच कहीं ना कहीं प्रभावित होगी जनपद पंचायत सीईओ संस्कार बावरिया द्वारा विद्युत विभाग में विद्युत कनेक्शन ना काटे जाए एवं नवीन कनेक्शन नहीं देने के निर्देश दिए हैं उन्हें विद्युत विभाग को कहा है कि जब तक जांच पूर्ण नहीं होती है तब तक यथावत स्थिति में दुकानें रहेगी
गुमास्ता पंजीयन पर लगना चाहिए रोक जांच को कर सकता प्रभावित
गुमास्ता का पंजीयन दुकानों की जांच को प्रभावित कर सकता है क्योंकि दुकानदारों के नाम से गुमास्ता का पंजीयन नहीं है जिन दुकानदारों ने दुकान किराए से दी है किरायेदारों के नाम से ही दुकान का गुमास्ता पंजीयन है ऐसे में आप दुकान के असली मालिक द्वारा गुमास्ता का पंजीयन बनाने की पूरी पूरी तैयारी की जा रही है अगर नवीन गुमास्ता का पंजीयन जारी किया जाता है तो कहीं ना कहीं पूरी जांच प्रभावित हो सकती हैं गुमास्ता विभाग को भी इन दुकानदारों की जांच करना चाहिए क्योंकि दुकान का मालिकाना हक किसी और का है और दुकान का संचालन कोई और कर रहा है श्रम कानून के अंतर्गत का नियम विरुद्धा गुमास्ता का पंजीयन जारी किया गया है। श्रम विभाग के अनुसार जिस दुकान पर मालिकाना हक हो स्वयं मलिक ही गुमास्ता का पंजीयन ले सकता है अन्यथा किरायानामा दुकान की छाया प्रति मालिक के साथ दुकान की फोटो सम्मिलित करना है लेकिन यहां पर दुकान का मालिकाना हक किसी और का है और पंजीयन किसी और का है ऐसी स्थिति में श्रम विभाग को भी इन दुकानों में जारी गुमास्ता पंजीयन की भी जांच करनी चाहिए। इस विषय मे जब सीईओ संस्कार बावरिया से चर्चा की गई तो उन्होंने बताया कि एसडीएम से मुलाकात कर श्रम विभाग को गुमास्ता पंजीयन करने पर रोक लगाने के लिए आदेश दिए जायँगे