जनपद की दुकानो को लेकर गर्माई सियासत – भाजपा, कांग्रेस के बाद दूसरे संगठन भी आए सामने

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दिलीप पाल ब्यूरों आमला
बैतुल. जनपद पंचायत कार्यालय के समीप दो वर्ष पहले जनपद पंचायत द्वारा दुकानो का निर्माण किया था। 23 दुकानो का निर्माण किया गया जिसमें से 21 का आवंटन लगभग दो साल पहले ही कर दिया गया। दुकानो का आवंटन हुआ, जिन दुकानदारो को दुकाने मिली उनमे से कुछ लोगो ने अपनी जमा पूंजी लगाकर अपना छोटा मोटा व्यवसाय भी चालू कर दिया। व्यवसाय शुरू हुआ ही था कि शिकवा, शिकायतो का दौर शुरू हो गया।

दो वर्ष बाद अचानक शिकवे, शिकायत के दौर शुरू होने से दुकानदारो की भी मुसीबत बढ़ गई और साथ ही उनके सर पर बेरोजगारी का संकट भी मंडराने लगा। जनपद पंचायत के मुख्य कार्यपालन अधिकारी ने दुकानदारो को नोटिस थमाया जिसके बाद बीते दिनो लगभग सभी दुकानदारो ने नोटिस के जवाब दिए और कागजात भी जमा करवाये। दुकानदारो ने बताया कि बमुश्किल हमे अब रोजगार मिला है, जैसे तैसे व्यवसाय करके अपने परिवार का पालन पोषण कर रहे है। जनपद कार्यालय द्वारा जब हमे किराये के लिए कहा गया तो हमने यहां वहां से पैसो की व्यवस्था कर किराया भी जमा कर दिया है। इधर पिछले एक पखवाड़े से भी अधिक समय से जनपद पंचायत की दुकानो को लेकर शिकवा शिकायतो का दौर लगातार जारी है। राजनैतिक सरगर्मीया तेज हो गई है, दोनो प्रमुख दलो के नेता एक दूसरे की शिकवा शिकायतो में लगे हुए है। जिससे आमला ब्लाक के विकास के मुद्दे ठण्डे बस्ते में चले गए है।


निर्माण को लेकर क्लिन चिट :-

जनपद पंचायत द्वारा निर्मित दुकान आवंटन को लेकर तो शिकवा शिकायते की जा रही है। लगभग आधा दर्जन से अधिक बार ज्ञापन भी सौपे जा चुके है लेकिन दुकानो के निर्माण को लेकर सभी ने चुप्पी साध रखी है। निर्माण एजेन्सी कौन थी, निर्माण कार्य कैसे हुआ और निर्माण कार्य की गुणवत्ता को लेकर सभी संगठनो ने क्लिनचिट दे रखी है।
आदिवासी संगठन ने सौपा ज्ञापन :-
आज शनिवार आदिवासी संगठन ने भी एक ज्ञापन सौपा। जनपद सदस्य राजेश वट्टी के नेतृत्व में सौपे गए ज्ञापन में पांच प्रमुख मांगे थी जिसमें कहा गया है कि दुकानो के आवंटन में आदिवासी समुदाय की अनदेखी की गई है। आदिवासी वर्ग को कितना आरक्षण दिया गया यह स्पष्ट होना चाहिए। आदिवासी संगठन ने मांग की है कि दुकानो का आवंटन निरस्त कर फिर से प्रचार प्रसार कर पारदर्शी तरीके से दुकान ग्रामीण बेरोजगारो को दी जाये। ज्ञापन सौपते समय महेश मर्सकोले, झनकलाल, सानूराम मर्सकोले, रूपलाल, अनंतराम, भरत आदि उपस्थित थे।
इनका कहना :-
ज्ञापन दिया गया है, मैं बाहर था, ज्ञापन हमे मिल गया है :- संस्कार बावरिया, मुख्य कार्यपालन अधिकारी जनपद पंचायत आमला।