शून्य छाया दिवस पर इमारतों, खंभों तथा टॉवरों की परछाई हुई गायब- शिक्षक राजेश पाराशर

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मनीष मालवीय ब्यूरों 

होशंगाबाद इटारसी // शून्य छाया दिवस पर केसला के एक्सीलेंस स्कूल के शिक्षक राजेश पाराशर ने इटारसी के लोगों को एक नए खगोलीय घटनाक्रम से परिचय कराया। उन्होंने मॉडल के रूप में प्रयोग कर इमारतों, खंभों तथा टॉवरों की गायब परछाई को दिखाया।
पाराशर ने यह प्रयोग उस वक्त किया, जब बादलों में सूर्य की लुका -छिपी की संभावनाओं के बीच आकाश में सौरमंडल का मुखिया इटारसी के ठीक उपर था। दोपहर 12:20 पर इस खगोलीय घटनाक्रम में उंची इमारतों, खंभों तथा मोबाइल टॉवरों तक की परछाई कुछ पल के लिये गायब हो गई।
शिक्षक पाराशर ने सांई फाच्र्यून सिटी प्रांगण में परछाई को गायब होते दिखाने कई रोचक प्रयोग किये।

उन्होंने बताया कि अनेक लोग मानते हैं कि हर रोज दोपहर 12 बजे सूर्य सिर के ठीक उपर होता है, लेकिन ऐसा नहीं है। मकर रेखा से कर्क रेखा की ओर जाते हुए सूर्य किसी एक दिन और वापस लौटते हुये किसी अन्य दिवस को सिर्फ दो बार ही ठीक सिर के उपर होता है। इन दो दिनों में जब सूर्य मध्यान्ह के समय ठीक हमारे सिर के उपर चमकता है, तो उस समय परछाई हमारा साथ छोड़ देती है। परछाई न बनने के इस घटना को खगोल विज्ञान में शून्य छाया दिवस कहते हैं।
उन्होंने दावा किया कि इटारसी में यह घटना 8 जून तथा 3 जुलाई को होती है। क्योंकि इस दिन यहां सूर्य की किरणें सीधी पड़ती है। इस प्रयोग के दौरान एमएस नरवरिया के साथ हरीश चौधरी एवं कैलाश पटेल ने सहयोग किया।