तीसरी बरसी पर 6 शहीद किसानों की स्मृतिमें कर्जा मुक्त पूरा दाम अभियान चलाया गया

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प्रवीण सोनी
सारनी -250 किसान संगठनों के अखिल भारतीय किसान संघर्ष समन्वय समिति के आवहान पर देश भर में मन्दसौर गोली चालन की तीसरी बरसी पर 6 शहीद किसानों की स्मृतिमें कर्जा मुक्त पूरा दामअभियान चलाया गया। एड राकेश महाले मध्यप्रदेश के विभिन्न जिले में किसान संघर्ष समिति ने अखिल भारतीय किसान संघर्ष समन्वय समिति के घटक संगठनों के साथ 20 जिलों में मुख्यमंत्री को ज्ञापन सौंपा। सारनी में किसान संघर्ष समिति के माध्यम से सारनी थाना प्रभारी के माध्यम से मुख्यमंत्री मध्य प्रदेश को ज्ञापन में कहा गया है कि आपके मुख्यमंत्री बनने के बाद किसानों को उम्मीद थी कि किसानों की कर्जा मुक्ति होगी तथा फसलों के पूरे दाम मिलेंगे, लेकिन ना तो किसानों की कर्जा मुक्ति हुई ना ही किसानों को फसल का पूरा दाम मिला। कांग्रेस की सरकार ने 2 लाख रूपये की कर्जा माफी के वायदे को पूरा नही किया जिसके चलते बड़े पैमाने पर किसान बैकों द्वारा डिफाल्टर घोषित कर दिये गये। आपसे उम्मीद थी कि आप डिफाल्टर किसानों को भी खाद्, बीज बिना ब्याज के दिलाने का फैसला करेगें, लेकिन इस सम्बंध में अभी तक कोई निर्णय ना होने के कारण किसान चिंतित और परेशान है। आपकी भाजपा सरकार द्वारा किये गये मण्डी संशोधन के चलते किसानों की लूट और बढ़ गई है। आपकी जानकारी में आया होगा कि 2100 रूपये क्विंटल की गेंहू की खरीद की आपकी घोषणा पर अमल नही हुआ है। व्यापारियों ने 1500 से 1700 रूपये क्विंटल पर खरीद की है। मंडियों में भी समर्थन मूल्य पर किसानों का पूरा गेंहू नही खरीदा गया है। मक्का पैदा करने वाले किसानों की हालत बहुत ही खराब है। 1760 रूपये क्विंटल समर्थन मूल्य होने के बावजूद 900 रूपये क्विंटल पर व्यापारियों द्वारा मक्के की खरीदी गांव-गांव में की जा रही है। सब कुछ आपकी जानकारी में होने के बाद सरकार मौन है एवं व्यापरियों पर कोई कार्यवाही नही कर रही है। जिन किसानों की फसलें खराब हुई थी उन किसानों को भी फसल बीमा का पैसा नही मिला है। टिड्डी पीड़ित किसानों के प्रकरण भी अब तक सर्वे के बाद तैयार नही हुए है। प्रदेश सचिव एड राकेश महाले ने कहा कि
मन्दसौर पुलिस गोली चालन की 6 जून 2020को तीसरी बरसी है, लेकिन गोली चालन करने वाले पुलिसकर्मियों पर ना तो हत्या के मुकदमें दर्ज किये गये और ना ही किसानों पर लादे गये फर्जी मुकदमों का खात्मा किया गया है। मन्दसौर के 6 शहीद किसानों का स्मारक भी नही बना है। मन्दसौर के किसानों ने कर्जा मुक्ति एवं पूरे दाम सहित जिन समस्याओं को लेकर तीन वर्ष पहले आन्दोलन किया था, उनका निराकरण भी नही हुआ है। किसानों के दूध का दाम घटाकर सरकार ने किसानों की कमर तौड़ दी है। लाॅक डाऊन के दौरान किसानों की सब्जी खेत मे ही सड़ जाने की भरपाई भी सरकार ने नही की है।
इस परिस्थिति में हम अखिल भारतीय किसान संघर्ष समन्वय समिति के बैनर तले मन्दसौर शहीद किसान स्मृति दिवस पर आपको यह ज्ञापन सौंप रहे है। आज पूरे देश में कर्जा मुक्ति पूरा दाम अभियान चलाया जा रहा है।
मुख्यमंत्री को भेजे गए मांग पत्र में
मन्दसौर तथा मुलताई में अवैध पुलिस गोली चालन में शहीद हुए किसानों को शहीद का दर्जा दो तथा उनकी स्मृति में स्मारक बनाओं, किसानों पर लादे गये सभी फर्जी मुकदमे वापस लो तथा खात्मा दर्ज करो, किसानों पर गोली चालन करने वाले पुलिस अधिकारीयों पर हत्या का मुकदमा दर्ज करो, जन आन्दोलनों पर गोली चालन पर प्रतिबन्ध लगाने के लिये कानून बनाओं, प्रत्येक किसान ,खेती हर मजदूर परिवार को 10.000/- रूपये मासिक पेंशन दो (किसान सम्मान निधि), किसानों द्वारा उत्पादित सभी फसलों का समर्थन मूल्य (लागत से ढेड़ गुना) तय कर खरीदी सुनिश्चित करो,समर्थन मूल्य से कम पर खरीद करने वाले व्यापारियों पर एफआईआर दर्ज करो, हर ग्राम पंचायत में कृषि उत्पाद सुरक्षित रखने हेतु भण्डारण की व्यवस्था करों, हर ग्राम में फूड प्रोसेसिंग युनिट की स्थापना करो, किसान को कर्जा मुक्त करो, खेती योग्य जमीन के अधिग्रहण पर तत्काल रोक लगाओं , दूध उत्पादक किसानों को 10 रूपये प्रति लीटर की सब्सिडी दो, मनरेगा में 200 दिन का काम दो, 500 रूपये प्रतिदिन की मजदूरी तय करो, प्रवासी मजदूरों को लाॅक डाउन से हुए नुकसान की भरपाई हेतु 25,000 रूपये का एक मुश्त भुगतान करो , प्रवासी मजदूरों सम्बन्धी उच्च न्यायालय और उच्चतम न्यायालय के सभी फैसलों का पालन करो, प्रदेश के किसानों के सभी बिजली के बिल माफ करो ,3 एचपी के कृषि पम्प का 5 एचपी में परिवर्तन बंद करो, कृषि यंत्र की खरीद पहले आओ ,पहले पाओ आधार पर नही सभी किसानों को सब्सिडी का लाभ तय करो आदि मांगें की गई हैं। इस ज्ञापन के लिए उपस्थित साथी भुतपुर्व सैनिक मुन्ना कापसे, रवि थोराट, जगदीश धुर्वे, सुमित हुरमाडे, हरीश पटेले, फुन्ना लाल सलामे, अजय सरनकर, अशोक इईके, साथी उपस्थित थे।