8 जून से सभी धार्मिक स्थल खोले जा रहे हैं. लेकिन, सब बदला हुआ नज़र आएगा.

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मनीष मालवीय ब्यूरों 

होशंगाबाद // 8 जून से जिले सहित पूरे देश में धार्मिक स्थल खोले जा रहे हैं। हालांकि, कंटेनमेंट जोन में धार्मिक स्थलों को बंद करने का फैसला किया गया है। इसके लिए केंद्र सरकार ने 5 जून काे गाइडलाइन जारी कर दी हैं। परिसर में प्रवेश से पहले सभी को अपने हाथ और पैर साबुन से धोने होंगे। प्रवेश द्वार पर ही सबके शरीर का तापमान चेक किया जाएगा। केवल उन्हीं को प्रवेश मिलेगा जिनमें कोरोना का कोई लक्षण नहीं होगा। बगैर फेस मास्क पहने लोगों का प्रवेश पूरी तरह से वर्जित किया गया है।

ये हाेंगे बड़े बदलाव

इंट्री गेट : हैंड सैनिटाइजर और थर्मल स्क्रीनिंग जरूरी, जिनमें काेराेना के लक्षण नहीं उन्हें ही इंट्री मिलेगी। मास्क या फेस कवर जरूरी।

मंदिराें के अंदर : मूर्तियाें, पवित्र किताबाें काे छूने की इजाजत नहीं, समूह में गाना बजाना न हाे, रिकाॅर्डेड धुन या गाने ही बजाएं। लाेगाें के बीच फिजिकल काॅन्टेक्ट न हाे। प्रसाद नहीं बांटा जाएगा। काॅमन दरी, चटाई, कालीन न रखी जाए। जमावड़ाें और समाराेहाें पर राेक रहे।

मंदिर परिसर : लंगर, भंडारा अन्नदान या कम्युनिटी किचन में साेशल डिस्टेंसिंग का ध्यान रखें। ताजी हवा के लिए क्राॅस वेंटिलेशन का पूरा ध्यान रखना हाेगा। एंट्री व एक्टजिट पांइट अलग-अलग हाेना चाहिए।

  • कोविड-19 या संदिग्ध केस पाए जाने पर ये करना होगा
  • तुरंत इसकी सूचना जिला प्रशासन और स्वास्थ्य विभाग को देनी होगी।
  • जिस जगह पर संक्रमित पाया जाएगा वो वहां पर मौजूद लोगों को आइसोलेट होना होगा।
  • संदिग्ध की जांच के दौरान उसके आस-पास के लोगों को खुद का फेस कवर रखना होगा और उससे पर्याप्त दूरी बनाए रखना होगा।
  • पूरे परिसर को डिसइंफेक्टेड करवाना होगा।

मंदिर-मस्जिद-चर्च औऱ गुरुद्वारा में सीमित संख्या में लोगों को बारी-बारी से प्रवेश दिया जाएगा.

अंदर जाने से पहले सेनेटाइज करना होगा. मंदिर में सिर्फ 30 सेकेंड दर्शन कर सकेंगे और गुरुद्वारा में “अब लंगर नहीं होगा. मस्जिद में वजू की व्यवस्था बंद कर दी गयी है. चर्च में एक बेंच पर एक बार में सिर्फ एक व्यक्ति ही बैठ सकेगा.

धार्मिक स्थलों में जाने का श्रद्धालुओं का इंतजार अब जल्द ही खत्म होने वाला है. 8 जून से प्रदेश के सभी धार्मिक स्थल, मंदिर-मस्जिद, चर्च और गुरुद्वारा खुल रहे हैं, लेकिन दर्शन और पूजा की व्यवस्था अब नयी होगी. श्रद्धालु सिर्फ 30 सेकेंड दर्शन कर पाएंगे, लेकिन मंदिरों में घंटा नहीं बजा सकेंगे.

मंदिर परिसर में सिर्फ 5 मिनट रुक पाएंगे. अब तय संख्या के हिसाब से ही श्रद्धालुओं को मंदिर में प्रवेश दिया जाएगा. बाकी को गेट के बाहर रोका जाएगा. पहले से मौजूद भक्तों के दर्शन करने और मंदिर से बाहर जाने के बाद ही गेट पर खड़े श्रद्धालुओं को प्रवेश दिया जाएगा.

गुरुद्वारों में अब लंगर नहीं

गुरुद्वारों में अरदास की व्यवस्था में भी बदलाव किया जा रहा है. गुरुद्वारों में सीमित संख्या में श्रद्धालुओं को प्रवेश दिया जाएगा. गुरुद्वारे में प्रवेश करते ही ऑटोमेटिक सैनिटाइजेशन मशीन से अपने हाथों को सैनिटाइज करना होगा. इसके बाद ही लोग गुरु ग्रंथ साहिब के सामने मत्था टेक सकेंगे.

यहां पर भी एक से डेढ़ मीटर की दूरी का ध्यान रखा जाएगा. गुरुद्वारे में अब लंगर नहीं होगा, सिर्फ भोग बांटा जाएगा. अब तक जो प्रसाद लंगर में दिया जाता था, वही प्रसाद अब पैकेट के जरिए श्रद्धालुओं को दिया जाएगा. गुरुद्वारे को सुबह और शाम के वक्त सैनिटाइज किया जाएगा.

चर्च में एक बेंच पर एक मेंबर

चर्च में प्रेयर में शामिल होने वाले मेंबर अब तक एक साथ कुर्सियों पर बैठते थे. अब कुर्सियों के बीच 2 मीटर की दूरी रखी जाएगी. पहली प्रेयर 14 जून को होगी.

लोग ज़्यादा होने पर दो बार प्रेयर की जाएगी. पहले एक बेंच पर 3 मेंबर बैठते थे. अब एक बेंच पर केवल एक ही मेंबर बैठ सकेगा. कैरोल गाने वाली टीम के बीच भी डेढ़ मीटर की सोशल डिस्टेंसिंग का ध्यान रखा जाएगा.

मस्जिद में फासला

मस्जिदों में नमाज़ अदा करने की व्यवस्था भी बदली जा रही है. नमाज़ अदा करते समय पहले जहां कंधे से कंधा मिलाकर नमाज़ी नमाज़ अदा करते थे. अब सोशल डिस्टेंस के साथ नमाज अदा की जाएगी. मस्जिदों में वजु नहीं किया जाएगा.

सभी को अपने घर से वजू करके मस्ज़िद पहुंचना होगा. बारी बारी से लोगों को नमाज़ के लिए मस्ज़िद में प्रवेश दिया जाएगा. प्रवेश से पहले खुद को सैनिटाइज करना होगा.