शोभापुर गांव के एक साल के जियान एवं उसके माता-पिता सविता बारसे और रघुनंदन बारसे ने कोरोना की जंग जीती

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प्रवीण मलैया ब्यूरों 

घोड़ाडोंगरी- ब्लॉक के शोभापुर गांव के एक साल के जियान एवं उसके माता-पिता सविता बारसे और रघुनंदन बारसे ने कोरोना की जंग जीत ली है। शुक्रवार को घोडाडोंगरी के क्वॉरेंटाइन सेंटर से तहसीलदार मोनिका विश्वकर्मा, बीएमओ डॉ. संजीव शर्मा, जनपद पंचायत सीईओ दानिश अहमद खान ने तीनों का गुलदस्ता देकर सम्मान किया और फिर फूल बरसाकर विदाई दी।

एक साल का जियान और उसके माता-पिता 10 मई को मुंबई से लौटे थे, 19 मई को कोरोना रिपोर्ट पॉजिटिव आई थी। इसके बाद तीनों को घोडाडोंगरी के आइसोलेशन वार्ड में भर्ती कराया गया था, इसके बाद तीनों को बैतूल और इसके बाद भोपाल रेफर कर दिया गया था। गुरुवार को तीनों की कोरोना रिपोर्ट नेगेटिव आने के बाद उन्हें अस्पताल से छुट्टी देकर घोडाडोंगरी भेजा गया।

पॉजिटिव रहने की जरूरत

कोरोना के खिलाफ लड़ाई लड़ चुके माता-पिता ने बताया कि कोरोना से घबराने की जरूरत नहीं है। हमें पॉजिटिव रहने की जरूरत है। शासन द्वारा कोरोना संक्रमित मरीजों के इलाज के लिए अपनाए जा रहे तरीकों और व्यवस्थाओं की माता-पिता ने तारीफ की। उन्होंने बताया कि हमें बेहतर इलाज और सुविधाएं मिलीं। हमारा इलाज करने वाले चिकित्सक, नर्स और समस्त स्टॉफ का व्यवहार अच्छा रहा।

छतरपुर में 80 साल के बुजुर्ग ने कोरोना की लड़ाई जीती।
छतरपुर में चार साल की मासूम और 80 साल के बुजुर्ग ने कोरोना को हराया
छतरपुर के कुंड ग्राम में चार साल की मासूम बच्ची और 80 साल के बुजुर्ग ने कोरोना को हराकर कर अपने घर वापस लौट गए। डॉक्टरों ने उन्हें 7 दिन घर पर ही रहने की सलाह दी है। बुजुर्ग ने कहा कि सकारात्‍मक सोच और दृढ़ इच्‍छाशक्ति कोरोना जैसी महामारी को भी हराया जा सकता है।