किसी ने चार लाख तो किसी ने दस में खरीदी जनपद की दुकानें

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दिलीप पाल ब्यूरों आमला 

आमला।। आमला जनपद पंचायत के ट्रेविस दुकानों का मामला तूल पकड़ता जा रहा है विगत दिनों जनपद सदस्यों द्वारा जिला कलेक्टर को 100 पर शिकायत पत्र में जनपद सदस्यों ने दुकान आवंटन को लेकर कई सवाल उठाए थे इसी को लेकर आज जनपद सीईओ संस्कार बावरिया दुकानों के औचक निरीक्षण पर निकले और दुकानदारों से चर्चा की दुकान से संबंधित जानकारी मांगी तीन दुकानों में गुमास्ता जीएसटी आधार कार्ड सहित अन्य दस्तावेज मांगे लेकिन दुकानदारों के पास नियमानुसार दस्तावेज नहीं मिले जनपद सीईओ संस्कार बावरिया ने बताया कि दुकानदारों के पास न हीं दस्तावेज है और न ही जिसके नाम पर दुकान है वह व्यक्ति दुकान पर मौजूद मिला जोक दुकान पर मौजूद थे उनका कहना था कि वह दुकान के कर्मचारी है और जो दुकानदार अपने आपको मालिक बता रहा था उस दुकान में जो उपस्थित व्यक्ति अपने आपको दुकान का मालिक बता रहा था उसे दुकान में रखे सामग्री के दर ही नहीं पता हैं जिससे साफ प्रतीत हो रहा है कि दुकान किसी के नाम पर और संचालित कोई और कर रहा है ।

नीलामी दर से कम में खरीदी दुकान
जनपद पंचायत की 23 दुकानो में से कुछ दुकाने नीलामी दर से कम कीमत में खरीदी गई है वही कुछ दुकाने अधिक कीमत में खरीदी गई है मौके निरीक्षण में सीईओ संस्कार बावरिया ने बताया कि जनपद की 23 दुकानों में से 19 दुकानो का संचालक कोई और है और दुकान पर कब्जा किसी ओर का है संस्कार बावरिया ने दुकानों के निरीक्षण में पाया कि दुकान की नीलामी कीमत 4 लाख 75 हजार थी लेकिन खरीद फरोख्त में किसी मे दस लाख तो किसी ने उसे भी अधिक कीमत में दुकाने खरीदी है मौके पर निरीक्षण करने गए सीईओ संस्कार बावरिया को देख दुकानदारो ने दुकानों के असली मालिको को दुकान में बुला रखा था लेकिन असली दुकान मालिको को सामग्रियों का रेट ही नही मालूम था।

दुकानदारों के पास नही था गुमास्ता ओर जीएसटी

जनपद सीईओ संस्कार बावरिया ने आज जनपद पंचायत आमला द्वारा निर्मित दुकान के औचक निरीक्षण में जब दुकानदारो से गुमास्ता और जीएसटी मंगा तो दुकान दारो के पास कुछ नही मिला किसी ने कहा बन रहा है तो किसी ने कहा नही है जिसके बाद जनपद सीईओ ने पंचनामा बनवाया और सभी बातों को पंचनामे में लिखवाया है।

दुकान किसी ओर की मालिक कोई और
जनपद पंचायत द्वारा ग्रामीण बेरोजगार लोगों के लिए टिकट दुकानों का निर्माण किया था और दुकानें भी ग्रामीणों के नाम पर ही आवंटित की गई थी लेकिन अधिकतर दुकानों में शहरी लोग देखने को मिल रहा है जिसको लेकर संसद बावरिया में जब दुकान में उपस्थित दुकानदारों से चर्चा की तो दुकानदार गोलमोल जवाब देते हुए पाए गए कुछ दुकानदारों का कहना था कि यह दुकान उन्होंने किराए पर लिए जबकि जनपद सीईओ संस्कार बावरिया का कहना था कि दुकान आवंटन के समय अनुबंध में साफ तौर पर लिखा था कि यह दुकान किराए पर नहीं दी जा सकती है बावजूद इसके नियम विरुद्ध तरीके से दुकान किराए पर देकर संचालित करवाई जा रही है ।

नियम विरुद खरीदी गई दुकाने होगी निरस्त

संतोषी के संस्कार बावरिया ने बताया कि आवंटन के समय सारे नियम व शर्ते लिखी गई थी अगर किसी ने नियम विरुद्ध तरीके से दुकान खरीदी होगी तो दुकान निरस्त कर दी जाएगी जनपद सीईओ का कहना है कि इस विषय मे सभी पहलुओं पर जांच कर जांच प्रतिवेदन उच्चदिकरियो को भेजा जाएगा और उनसे मार्गदर्शन मंगा जाएगा ।