मालवीय दंपत्ति की वजह से बिन माता-पिता की संताने परिणय सूत्र में बंधी

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प्रवीण मलैया ब्यूरों 

घोड़ाडोंगरी- बैतूल जिले के घोड़ाडोंगरी के बस स्टैंड के पास रहने वाले दुर्गादास मालवीय और उनकी पत्नी प्रतिभा मालवीय ने इंसानियत की अनूठी मिसाल पेश कर  प्रेरणादायी कार्य किया और बिन माँ बाप के बच्चों का विवाह संपन्न कराया। उनकी वजह से  आज विजय दरोकार और पूनम नायक सात जन्मों के बंधन में परिणय सूत्र में बंध गए।
विजय जब 10 साल की उम्र के थे तब उनके माता-पिता का देहांत हो गया था विजय ने बताया तभी से दुर्गा मालवीय और प्रतिभा मालवीय ने उन्हें पाला है l विजय को दुर्गादास मालवीय नगर भी बना कर दिया है।

बिन मां बाप की लड़की से कि शादी-
वही दुर्गादास मालवीय और उनकी पत्नी प्रतिभा मालवीय ने विजय के जीवन को खुशहाल बनाने  और बिन माँ बाप की बच्ची  को अपना  उसका विवाह विजय से कराया , ताकि एक और लड़की का जीवन संवर जाए इसके लिए प्रतिभा और दुर्गा ने विजय की शादी एक ऐसी लड़की पूनम नायक से की जिसके मां बाप नहीं है।
इसमें एक खास बात यह भी है कि गरीब लड़की शादी तय करके उनकी गरीब स्थिति को देखते हुए वधू पक्ष का खर्चा भी दुर्गा और प्रतिभा ने उठाया।  वधू पूनम के माता-पिता  का  जब वह 3 वर्ष की थी तभी देहांत हो गया था।
शादी के पूर्व ही सगाई का कार्यक्रम 27 फरवरी को बड़े रूप में किया गया था जिसमें गाजे-बाजे के साथ कार्यक्रम किया था। करीब 500 लोगों के भोजन की व्यवस्था थी किंतु आप क्लॉक डॉन के कारण शादी को सादे तरीके से सीमित लोगों की उपस्थिति में करना पड़ा l

अंतर्जातीय था विवाह- और इस विवाह में एक खास बात और थी कि यह विवाह अंतर्जातीय था इस विवाह में लड़का और लड़की दोनों ही अलग-अलग जाति के हैं इसलिए यह विवाह कई मायनों में अपनी एक अलग ही पहचान बनाए रखता है l