मदद करने के लिए वर्दी की जरूरत नहीं

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मनोहर

भोपाल-मदद करने का न कोई वक्त होता है , ना कोई धर्म ,ना कोई स्थान और ना ही कोई ड्रेस , केवल इंसानियत होनी चाहिए। ऐसा ही नजारा भोपाल की सड़क पर देखने को मिला जहाँ एक शख्स अपने सारे काम छोड़ किसी की मदद के लिए चल पड़ा ।

बाकया  भोपाल की सड़क का है जहाँ एक व्यक्ति एक छोटी सी बच्ची को पीठ पर लाद भरी धुप में पसीना पसीना हो कर अपनी ही धुन में जा रहा था। तभी रास्ते से मोटरबाईक से गुजर रहे एक पुलिसकर्मी नवीन वर्मा की नजर उस पर पड़ती है । पूछने पर पता चला युवक चौरसिया मरावी अपनी पीठ पर बच्ची अनामिका को जेपी अस्पताल से केरवा रोड पैदल अपनी पीठ पर लाद रेबीज का इंजेक्शन लगवा कर ले जा रहा था, जो 10 तारीख से प्रतिदिन जेपी अस्पताल ऐसे ही अपनी बच्ची को इंजेक्शन लगवाने आता था और जाता था।

मददगार नवीन वर्मा 

आज भी जब बच्ची को ले कर रविवार को जब  चौरसिया मरावी वैशाली नगर से गुजर रहा था तो  पुलिसकर्मी नवीन वर्मा जो अपने घर का सामान लेने निकले  थे , बच्ची को पीठ पर ले जाता देख  अपनी ड्यूटी निभाना नहीं भूले और उस शख्स से पूछताछ शुरू कर दी।  बच्ची को ले जाता देख कर  पूछा कहां से आ रहे हो,  वह कहां जा रहे हो।

लेकिन जब पूरी कहानी सुनी तो संदेह ख़त्म हो गया और जब इंसानियत का फर्ज अदा करने  नवील वर्मा  रास्ते से गुजरने वाले लोगों से उसकी मदद करने की गुहार लगाईं – लोगों से निवेदन कर कहा -आप उधर जा रहे हो तो इनको वहां तक छोड़ दो, लेकिन कोई तैयार नहीं हुआ , जिसके बाद एक ऑटो वाले को भी रोका , उसे खुद भाड़ा देने की भी बात की कहा पैसे मैं देता हूं तो वह भी तैयार नहीं हुआ।

आखिर में पुलिसकर्मी  नवीन वर्मा ने कहा सामान थोड़ी देर बाद ले जाऊंगा, चलो मैं ही तुम्हें घर तक छोड़ आता हूं। और उन्होंने बच्ची और युवक को बाइक पर बिठाया और उनके घर तक छोड़ आये।

बातों बातों में पता चला की युवक चौरसिया मरावी  मंडला जिले से अपनी साली को देखने भोपाल आया था और 2 दिन बाद ही लॉक डाउन लग गया और इसी बीच 10 तारीख को कुत्ते ने उनकी बेटी  को काट लिया , लाकडाउन में साधन नहीं होने से वह पीठ पर ही लाद अपनी लड़की को अस्पताल लाता और ले जाता था ।

बता दे कि मददगार नवील वर्मा वही पुलिस कर्मी है जो कई बार बड़े बड़े मंचों पर उत्कृष्ट कार्य हेतु पुरस्कृत किया  जा चुका  है,  हाल ही में  स्वच्छता अभियान में राजधानी के सबसे स्वच्छ थाना परिसर रखने के लिए  भी  इन्हे सम्मानित किया गया था।