संक्रमण का खतरा -कोरोना काल में फिर सक्रीय हुई माइक्रो-फाइनेंस व् स्माल बैक कंपनियां , किश्त लेने पंहुच रही घर-घर

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मनोहर भोपाल

सारनी – सारनी पाथाखेड़ा बगडोना एवं आसपास के क्षेत्रों में लाकडाउन को ताक पर रख बे-खौफ होकर फिर से माइक्रो-फाइनेंस कम्पनी के एजेंट घर-घर घूम रहे है। जो संक्रमण को दावत दे रहा है। इनके लिए नाही कोई रेड जोन मायना रखता है और नाही कन्टेनमेंन्ट एरिया। सुबह होते ही ये बाईक ले कर पुरे क्षेत्र में फ़ैल जाते है। लोग वैसे ही विगत दो माह से घरों में लॉकडाउन के चलते बंद है , कोई काम नहीं है, जो कुछ बचत की जमा पूंजी थी , वो भी खर्च हो गई , सबसे ज्यादा तो वे लोग ही परेशान  है , जिन्होंने कर्ज लिया है।

अब ऐसे में इन कंपनियों के द्वारा बार बार आरबीआई से अनुमति का हवाला दे कर ये लोग इन्हे किश्ते जमा करने का महिलाओं पर दबाव बना रहे है।  पाथाखेड़ा की महिला समूह ने बताया की उन्होंने अपनी जरुरत के लिए इन माइक्रो-फाइनेंस व् स्माल बैक कंपनियों से लोन लिया था , वे नियमित लोन की किश्ते चूका भी रहे थे ,लेकिन लॉकडाउन की वजह से अभी किश्ते नहीं चुका पाएंगे।

वैसे भी वित्तमंत्री द्वारा सभी बैंकों को निर्देशित किया गया है कि 3 माह तक किसी भी तरह से कोई EMI काटी नहीं जाए। जिस हेतु 21 मार्च से 31 जून तक की किश्ते चुकाने में छूट दी गई है। इस अवधि की पेंडिंग किश्ते भी आगामी आदेश के बाद से मासिक किश्तों के रूप में ही ली जायेगी। साथ ही किसी भी तरह लोगों पर दबाव ना बनाने के निर्देश भी दिए , किन्तु माइक्रो-फाइनेंस व् स्माल बैक कंपनियां  इसका ध्यान नहीं रख रही।

महिलाओं को बीमार होने का डर  -ढूंढते रह जाएंगे हिस्ट्री

महिलाओं ने बताया की ये एजेंट घर-घर जा कर महिलाओ को जमा करते है , बैठक लेते है। जिससे संक्रमण के  खतरे की आशंका से भी नकारा नहीं जा सकता। मीटिंग के दौरान ना ही सोशल डिस्टेंस का पालन होता ना ही महिलाओं को मास्क आदि के प्रयोग हेतु जागरूक  किया जाता है। प्रशासन मामला बिगड़ने के बाद ट्रेवल हिस्ट्री और कांटेक्ट हिस्ट्री ढूंढते रह जाएंगे। अच्छा ये हो की अभी से इन पर लगाम लगाईं जाए।

प्रतिदिन 10 से 15 समूहों से मिलते है एजेंट 

बता दे की माइक्रो-फाइनेंस व् स्माल बैक कंपनियों के ये एजेंट प्रतिदिन टारगेट पूरा करने के चक्कर में नए महिला समूहों को जोड़ने और पुराने महिला समूह से किश्त वसूलने 10 से 15 समूहों से मिलते है। एक समूह में 8 से 10 महिलाएं होती है ,जिस तरह देखा जाय  तो 100 से 150 महिलाओं से मुलाकात करते है। जो कोरोना संक्रमण को बढ़ावा देने जैसा अपराध है।