नियमों को ताक पर रख जेसीबी मशीनों से हो रही तालाबों की खुदाई, ग्रामीणों ने किया विरोध,ज्ञापन सौंपा

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प्रवीण मलैया ब्यूरो एससीएन न्यूज इंडिया 

घोड़ाडोंगरी -घोड़ाडोंगरी जनपद में इन दिनों मनरेगा धड़ल्ले से मशीनीकरण के उपयोग की खबरें सुर्ख़ियों में है। किन्तु अब आदिवासी अंचलों में आई जागरूकता की वजह से ऐसे गोरखधंधों के भांडे भी फुट रहे है। और विरोध में ग्रामीण प्रदर्शन भी कर रहे है। हाल ही में एक महिला को जेसीबी का विरोध करने पर सरेआम सचिव द्वारा चांटा मारने की ख़राब ठंडी हुई भी नहीं थी कि पंचायत दूधावानी में आधीरात जेसीबी से काम मरने का मामला गरमा गया।

जनपद पंचायत घोड़ाडोंगरी के अंतर्गत आने वाली ग्राम पंचायत दूधावानी में बीती रात 11:00 बजे से 1:00 बजे के बीच गाँव में चल रहे मनरेगा के तहत जेसीबी से काम करने का मामला तूल पकड़ने लगा है। ग्रामीणों ने आरोप  लगाया है की उक्त कार्य में मजदूरों के बदले मशीनों से कराया जा रहा है। जिसके विरोध में गाँव के लगभग 50 मजदूरों ने जनपद पंचायत घोड़ाडोंगरी पहुंचकर मुख्य कार्यपालन अधिकारी दानिश अहमद खान को ज्ञापन सौंप कर पंचायत सचिव व जेसीबी चलाने वाले ठेकेदार के खिलाफ कड़ी कार्रवाई करने की मांग की है  ।

(सूत्रों से प्राप्त वीडियों एससीएन न्यूज स्थान व् घटनास्थल की पुष्टि नहीं करता )

ग्रामीणों ने आरोप लगाया है कि सरपंच सचिव की शह पर ठेकेदार द्वारा जेसीबी से तालाब की खुदाई करवाई जा रही है । रात्रि जेसीबी की आवाज सुन ग्रामीण मौके पर पंहुचे  तो ग्रामीणों को आता देख जेसीबी मशीन लेकर चालक व् ठेकेदार फरार हो गया। बताया जा रहा है कि इससे पहले एक ग्रामीण ने विरोध भी जताया था , जिस दौरान ग्रामीण और ठेकेदार के बीच  काम बंद कहा सुनी भी हुई।

गौरतलब है कि ग्राम पंचायत दुधावानी में 10 लाख रुपए लागत से तालाब स्वीकृत हुआ है, जो कि दुधावानी पंचायत के गांव चोपना में बनाया जा रहा है जिसमें गांव के 50 से 70 मजदूर को मनरेगा के तहत मजदूरी मिल रही है । इस तालाब के स्वीकृत होने से ग्राम के मजदूरों को करीब 2 से 3 महीने तक मजदूरी करके रोजगार मिल जाता परंतु सरपंच और सचिव की जल्दी पैसा कमाने के लालच में ठेकेदार से बात करके रातों-रात जेसीबी से खुदाई करवाकर लगभग 60 प्रतिशत कार्य पूर्ण करा दिया गया। जिसको लेकर पंचायत में अब मजदूरों को रोजगार का अभाव दिख रहा है ।

मजदूरों की जागरूकता से सरकार के दावों की खुली पोल

मजदूर लक्ष्मी काजले व रीना का कहना है कि हमको इस तालाब के स्वीकृत होने से 2 से 3 महीने तक मजदूरी का रोजगार मिल जाता परंतु अब हमारे लिए रोजगार का संकट खड़ा हो चुका है । हम ऐसी कोरोना वायरस के संक्रमण की स्थिति में गांव से बाहर भी नहीं जा पाएंगे जिससे हमारे परिवार में खाने के लाले पड़ेंगे।

ग्राम पंचायत दूधावानी के करीब 50 मजदूरों ने जनपद पंचायत घोड़ाडोंगरी पहुंचकर मुख्य कार्यपालन अधिकारी दानिश अहमद खान को ज्ञापन सौंपकर पंचायत सचिव व जेसीबी चलाने वाले ठेकेदार के खिलाफ कड़ी कार्रवाई करने की मांग की ।
ज्ञापन सौंपने वालों में ग्राम पंचायत दुधावानी के बोधराज, रीना,अनीता, भूरिया, लखन,कांति, लक्ष्मी काजले, फुलकुमारी सहित लगभग करीब तीन दर्जन मजदूर उपस्थित थे । वहीं मुख्य कार्यपालन अधिकारी ने मजदूरों को जांच कर कार्रवाई करने का आश्वासन दिया।

SCN न्यूज़ के संवाददाता प्रवीण मलैया द्वारा सचिव एवं CEO जनपद घोड़ाडोंगरी दानिश अहमद खान से की चर्चा –

सचिव का कहना है– मुझे इस बात की कोई खबर नहीं कि किसके द्वारा इस कार्य में जेसीबी का उपयोग किया गया है l मेरे द्वारा इस कार्य में JCB नहीं लगाई है l

इनका  कहना है

जिस जगह पर JCB चलाई गई है उस जगह का निरीक्षण किया जाएगा तथा इस मामले की जांच की जाएगी तथा जो भी इसमें दोषी होगा उस पर उचित कार्यवाही की जाएगी l

दानिश अहमद खान सीईओ जनपद घोड़ाडोंगरी