मिसाल पेश कर रही है भैंसदेही तहसील की बेटियां

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अलकेश साहू ब्यूरों एससीएन न्यूज इंडिया 

वर्तमान परिदृश्य में कोरोना संक्रमण की समस्या एक बहुत बडी वैश्विक महामारी बन चुकी है दिनोदिन कोरोना के प्रकरण तेज़ी से बढ़ते जा रहे है। भारत जैसे जनसंख्या बाहुल्य देश मे यह अत्यधिक चिंता का विषय है।कोरोना संक्रमण की रोकथाम सोशल डिस्टेंटिंग मास्क का प्रयोग करना एवं बेवजह घर से बाहर न निकलना तथा कोरन्टाइन आदि जैसे सावधानियां बरतने से ही सम्भव है।किसी स्थान पर रहते हुए किसी अन्य स्थान की यात्रा करने पर कोरन्टाइन होने से संक्रमण के खतरे को काफी हद तक कम किया जा सकता है। रोजी रोटी के लिए अपने घरो से दूर गये प्रवासी मजदूर कई दिनों तक परेशानियां झेलने के उपरांत अब अपने घर लौट रहे है,किन्तु इससे संक्रमण का खतरा भी बहुत बढ़ गया है।

प्रवासी मजदुरो एवं बाहर से आने वाले लोगो को संस्थागत कोरोंटाइन करवाने में प्रशासन, पुलिस, नगरीय प्रशासन विभाग, तथा पंचायत एवं ग्रामीण विकास के अधिकारियों, कर्मचारियों को काफी मशक्कत करना पड़ रहा है। कोरन्टाइन होने के मुददे पर वापस लौटने वाले लोगों द्वारा हुज्जत की जाती तथा कई बार वे मारपीट पर भी उतारू होते हुए दिखाई दिये। ऐसे समय मे भैंसदेही तहसील की कुछ बेटियां स्व प्रेरणा से संस्थागत कोरोंटाइन होकर समाज के सामने मिसाल पेश कर रही है।

भैंसदेही तहसीलदार  ओमप्रकाश चोरमा द्वारा बताया गया कि भैंसदेही तहसील के ग्राम कोलगांव की बेटी हेमलता पिता गंगाराम भुसुमकर भोपाल के कोलार क्षेत्र मे रह रही थी, वह पेशे से स्टॉफ नर्स है। दिनांक 16 मई को इनकी दादी की तबीयत बिगड़ने की वजह से उनका हाल जानने वह कोलगांव आई है। यहां पहुचते ही उन्होंने स्वयं को मिडिल स्कूल मे संस्थागत कोरोंटाइन करने के लिए ग्राम पंचायत एवं आंगनवाड़ी कार्यकर्ता से आग्रह किया और स्वास्थ्य परीक्षण उपरांत यहां संस्थागत कोरोंटाइन है।

हेमलता
हेमलता

हेमलता की दादी का स्वर्गवास 17मई को हो गया है किंतु एक लड़की की समझदारी उन लोगों के लिए उदहारण है जो संस्थागत कोरोंटाइन से भाग रहे है।

प्रज्ञा एवं निकिता सोनी
प्रज्ञा एवं निकिता सोनी

इसी तरह गर्ल्स हॉस्टल मे संस्थागत कोरोंटाइन दो सगी बहने प्रज्ञा सोनी एवं निकिता सोनी पिता चन्द्रकिशोर सोनी बाज़ार चौक भैंसदेही के मूल निवासी है, साकेत नगर भोपाल मे रह रही थी जो 17मई को भैंसदेही लोटकर नगरपरिषद एवं थाने मे सूचना देकर सामुदायिक स्वास्थ्य केन्द्र भैंसदेही मे स्वास्थ्य परीक्षण करवाया और गर्ल्स हॉस्टल मे संस्थागत कोरोंटाइन कर रह रहे है। इसी तरह जूनापानी ग्राम की चार लड़किया स्मिता, निकिता पिता शिवजी, ममता पिता मंगलू, अनिता पिता दिनेश दरियापुर महाराष्ट्र से आई है, और आदिम जाति छात्रावास सवलमेंढा मे स्व प्रेरणा से संस्थागत कोरोंटाइन रह रहे है। निश्चित रूप भैंसदेही तहसील की इन बेटियों से लोगो को सबब लेना चाहिए और बाहर से लौटने पर तमाम औपचारिकता पूरी करते हुए संस्थागत कोरोंटाइन होने के लिए पहल करनी चाहिए। ऐसा करने पर ही कोरोना नामक महामारी से बचा जा सकता है।

साभार -श्री ओमप्रकाश चोरमा, तहसीलदार भैंसदेही