एम्फन के कारण मानसून में होगा थोड़ा विलंब, जानिए केरल के तट से कब टकराएगा मानसून

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मनोहर
भारत के मौसम विज्ञान विभाग (IMD) के महानिदेशक मृत्युंजय महापात्र ने बताया कि एम्फन के कारण भारत में मानसून के आने में थोड़ा विलंब हो सकता है। केरल के तट पर मानसून अब एक जून के बजाय पांच जून को पहुंचेगा।

आइएमडी प्रमुख ने कहा कि आमतौर पर, मानसून पहली जून को केरल पहुंचता है, लेकिन एम्फन की वजह से वातावरण गड़बड़ा गया है। इसलिए, हम केरल में मानसून से थोड़ी देरी की उम्मीद कर रहे हैं। हमें उम्मीद है कि मानसून 1 जून के बजाय केरल पहुंच जाएगा। उन्होंने कहा कि एम्फन का देश के मौसम पर सकारात्मक और नकारात्मक दोनों तरह प्रभाव पड़ा है।
एम्फन के सटीक पूर्वानुमान के लिए नवीनतम तकनीक का इस्तेमाल

भारत के मौसम विज्ञान विभाग (आइएमडी) ने चक्रवात एम्फन का सटीक पूर्वानुमान देने के लिए उपलब्ध सभी नवीनतम तकनी का उपयोग किया। आइएमडी के महानिदेशक मृत्युंजय महापात्र ने गुरुवार को कहा कि विभाग ने चक्रवात के ट्रैक, उसकी तीव्रता, तूफान के बढ़ने, भूमि के समय और उससे जुड़े मौसम के बारे में सटीक पूर्वानुमान दिया।

महापात्र ने कहा कि अत्यंत विनाशकारी चक्रवात एम्फन कमजोर हो कर बुधवार रात 11.30 बजे बांग्लादेश की सीमा में चला गया। बंगाल में एम्फन का अब कोई प्रभाव नहीं है। इससे बचाव और राहत कार्य में काफी मदद मिलेगी।

महापात्र ने कहा कि एम्फन एक समय बहुत विकराल हो गया था लेकिन बुधवार को बंगाल में टकराने से पहले थोड़ा कमजोर हो गया। बंगाल में एम्फन के कहर से दर्जनों लोग हताहत हुए हैं जबकि हजारों बेघर हो गए हैं। इससे ओडिशा के कई तटीय जिलों में बिजली और दूरसंचार सेवाओं को ठप कर दिया है।

बंगाल में तूफान ने मचाई तबाही

वहीं, दूसरी ओर भीषण तूफान एम्फन ने कोलकाता समेत पश्चिम बंगाल के कई जिलों में भीषण तबाही मचाई और इस विनाशकारी तूफान की चपेट में आने से 72 लोगों की जान चली गई। सन् 1737 के बाद सबसे बड़ा विनाशकारी तूफान ने कोरोना के संकट काल में बंगाल को भीषण रूप से तबाह कर दिया है।