15 साल की नाबालिग की शादी, पहुंचा प्रशासन, बारात को फोन पर किया आने से मना

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स्वप्निल जैन ब्यूरों 

खनियांधाना।
शिवपुरी-प्रशासन की टीम ने फिर एक नाबालिग की शादी होने से रोक ली हैं। पिता ने बताया कि वह बीमार रहता हैं इस कारण अपने ही सामने बेटी के हाथ पीले करना चाहता था। रिश्ता तय हो चुका था। लेकिन प्रशासन को इसकी भनक लग गई।

कुंवरपुर गांव के आदिवासी समाज में 15 वर्षीय बालिका के बाल विवाह की सूचना जिला कार्यक्रम अधिकारी देवेन्द्र सुंदरियाल को मिली। सूचना पर कार्रवाई के लिए बाल संरक्षण अधिकारी राघवेंद्र शर्मा, सेक्टर पर्यवेक्षक तृप्ति श्रीवास्तव, बाल संरक्षण इकाई के सामाजिक कार्यकर्ता जीतेश जैन को मौके पर भेजा गया।

टीम सदस्यों ने बालिका के उम्र के प्रमाण देखे तो उसकी उम्र 15 वर्ष थी। टीम द्वारा परिजनों को कम उम्र में विवाह के दुष्प्रभाव बताते हुए कानूनी अपराध की जानकारी दी,तो परिजनों ने उम्र पूरी होने तक विवाह नहीं करने का संकल्प लिया और टीम के सामने ही वर पक्ष को फोन कर बरात नहीं लाने की भी सूचना दी।

बताया जा रहा हैं कि पिता बीमार रहते है, इसलिए वह चाहते थे कि बेटी के जल्द हाथ पीले हो जाएं। इसलिए बेटी का रिश्ता तय कर बारात बुलाने की फिराक में पिता था।

समझाने पर माने, बालिग होने पर करेंगे विवाह

कम उम्र में विवाह का मतलब है बच्चे के भविष्य को चौपट करना है। परिजनों ने बताया कि बालिका के पिता बीमार रहते है। इसलिए कम उम्र में बेटी का विवाह करना चाह रहे थे, लेकिन समझाने के बाद बोले कि अब नहीं करेंगे।बेटी को भी आगे की पढ़ाई कराएंगे। राघवेन्द्र शर्मा, बाल संरक्षण अधिकारी