खेड़ापति मंदिर की भूमि पर कमिश्ररी ने दिया रास्ता रोकने के आदेश, मामला करोड़ों की भूमि पर हो रही प्लॉटिंग का

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  • मामला करोड़ों की भूमि पर हो रही प्लॉटिंग का, तहसीलदार ने कहा अब करेंगें कार्यवाही

स्वप्निल जैन ब्यूरों 
खनियांधाना।
शिवपुरी-शहर के मध्य प्राचीन खेड़ापति हनुमान मंदिर की माफी भूमि पर अब कमिश्ररी से आदेश आए है कि मंदिर भूमि से निकलने वाले रास्ते को रोका जाए और उसे बंद कराया जाए। इस आदेश के बाद यहां कॉलोनी काट रहे कॉलोनाईजर के चेहरे पर चिंता की लकीरें खिंच गई है। सूत्रों के अनुसार यहां कॉलोनाईजर प्रदीप मेडीकल स्टोर संचालक बताया गया है जो कि वर्तमान में सिद्धि विनायक हॉस्पिटल के डायरेक्टर भी है ऐसे में 1.50 करोड़ की भूमि खरीदकर यहां प्लॉटिंग करने का कार्य किया जा रहा था लेकिन अब जब कमिश्ररी से आदेश हुए तो उनके होश फाख्ता हो गए और मंदिर भूमि से दिया गया रास्ता अब बंद होने का है ऐसे में एक ओर जहां अन्य बने मकान व भू-खण्ड स्वामियों को परेशानी का सामना करना पड़ेगा तो वहीं दूसरी ओर कॉलोनाईजर के खिलाफ भी कमिश्ररी के आदेश पर उचित कार्यवाही होने की संभावना है।

इस मामले में तहसीलदार शिवपुरी भूपेन्द्र सिंह कुशवाह का कहना है कि वह शीघ्र ही कमिश्ररी के आदेश के तहत मंदिर भूमि से दिए गए रास्ते को बंद कराऐंगें और नियम निर्देशानुसार कार्यवाही की जाएगी। ऐसे में इस आदेश से उन कॉलोनाईजर की अरमान धरे गए जो यहां करोड़ों रूपये के बारे-न्यारे करने की रूपरेखा बना रहे थे और अपनी काली कमाई को यहां लगाकर करोड़ों रूपये का मुनाफा कमाने की सोच रहे थे। यहां बता दें कि खेड़ापति मंदिर की माफी की जमीन को पूर्व में पुजारी ने बेचकर न केवल दुकानें बनवा दी थी बल्कि पीछे स्थित कॉलोनी के लिए रास्ता भी दे दिया था जिससे यहां एक शादी विवाह घर भी तैयार हुआ और शहर के एक वरिष्ठ समाजसेवी ने भी अपनी हिस्सेदारी ले रखी थी हालांकि समय रहते उस समाजसेवी ने अपने हिस्से की भूमि को विक्रय कर मामले से दूरी बना ली बाबजूद इसके यहां अब कॉलोनाईजर कॉलोनी काटने की फिराक में था और इसी कारण मंदिर भूमि से जबरन रास्ता बनाकर यहां कॉलोनी विकसित करने का काम किया गया। हालांकि यहां तत्समय एसडीएम अतेन्द्र सिंह गुर्जर द्वारा इस मंदिर भूमि पर बनाई गई दुकानों को तोड़ दिया गया था लेकिन मंदिर भूमि का वह रास्ता उन्होंने बंद नहीं करवाया जिससे कॉलोनाईजर को विश्वास हो गया कि वह अपनी कॉलोनी विकसित कर करोड़ों की कमाई करेगा लेकिन बीते रोज कमिश्ररी से आए आदेश ने कॉलोनाईजर के सपनों को चकनाचूर कर दिया और इस मंदिर भूमि के बने हुए रास्ते को बंद करने के आदेश जारी कर दिए।

प्रति बीघा 60 लाख रूपये में क्रय की थी भूमि, करोड़ों कमाने की थी योजना

यहां बताया गया है कि इस भूमि को प्राप्त करने के लिए कॉलोनाईजर प्रदीप मेडीकल स्टोर संचालक द्वारा 60 लाख रूपये प्रति बीघा भूमि क्रय की थी और यहां 15 बीघा भूमि लेकर करोड़ों रूपये फंसानें के बाद कॉलेनी बसाने की मंशा थी लेकिन यहां कॉलोनी के लिए जाने वाला कोई रास्ता नहीं था तब सूत्रों के अनुसार मंदिर के पुजारी से सांठगांठ कर कॉलोनाईजर ने मंदिर की माफी की जमीन में से कॉलोनी तक पहुंचने के लिए रास्ता बना लिया। जिसके बदले में पुजारी द्वारा बड़ी राशि भी लिए जाने की चर्चा है। माफी की जमीन में रास्ता बनाए जाने के साथ ही कॉलोनी बनाने व प्लॉट बेचने का का भी तभी कॉलोनाईजर द्वारा शुरू कर दिया गया था। इसी बीच एक शिकायत राजस्व विभाग में पहुंची तो पिछले कांग्रेस के 18 माह के शासनकाल में अतिक्रमण तोडऩे के नाम पर मंदिर की माफी की जमीन पर बनी दुकानों को तोड़कर अधिकारियों ने कार्यवाही की तो कॉलोनाईजर की धड़कनें भी बढ़ गई, क्योंकि उसकी बनाई जाने वाली कॉलोनी का रास्ता भी इसी जमीन से होकर गुजर रहा था। चर्चा है कि कॉलोनाईजर को अपना रास्ता बचाने के फेर में बढ़ा चढ़ावा भी चढ़ाना पड़ा जिसके चलते स्थानीय स्तर पर मामले को दबा भी दिया गया।

पूर्व पार्षद ने की शिकायत और रास्ता बंद करने के आदेश हुए जारी

सूत्र बताते है कि स्थानीय स्तर पर जब यह मामला ठण्डा हो गया तभी एक पूर्व पार्षद ने इस मामले को लेकर कमिश्ररी में शिकायत दर्ज करा दी। जिस पर सुनवाई करते हुए कमिश्रर ने आदेश जारी कर दिया कि खेड़ापति मंदिर की माफी की जमीन में से बनाया गया रास्ता हटाया जाए। यह आदेश भी शिवपुरी आ चुका है लेकिन उस पर अमल अभी तक नहीं हो सका है। वहीं सूत्र बताते है कि इस मामले को लेकर करोड़ों रूपये लगाने वाला कॉलोनाईजर अब इस मामले को लेकर ग्वालियर जाने की तैयारी में है।

सरवती बाई मंदिर की भूमि पर भी है कॉलोनाईजर की नजर
बताया गया है कि मंदिर से लगी हुई50 बीघा जमीन सरवती बाई मंदिर की भूमि है उस पर भी कब्जा किए हुए है। जो श्रीराम टॉकिज तक जाती है। इस पर भी कई कॉलोनाईजर की नियत बनी हुई है।

इनका कहना है-
खेड़ापति मंदिर की माफी की जमीन में से जो रास्ता बनाया गया है उसे हटाने के आदेश कमिश्ररी से आया है हम अभी कोरोना में व्यस्त है जल्द ही इस ओर कमिश्रर से आए आदेश के तहत कार्यवाही की जाएगी।
भूपेन्द्र सिंह कुशवाह
तहसीलदार, शिवपुरी