सितम्बर मे बारिश के सितम ,राहत कार्य के लिए आगे आये समाज सेवक

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मनीष मालवीय 

होशंगाबाद // पूरे प्रदेश में लगातार हो रही बारिश के चलते पिछले दो दिनों से नर्मदा नदी का जल स्तर खतरे के निशान के आस-पास बना हुआ है। इन दिनों में छोटे-छोटे नाले और सहायक नदियों के कारण कुछ निचले इलाकों में पानी जमा होने लगा है। इसको देखते हुए प्रशासन सजग और सत्तत निगरानी बनाएं हुए है। आज शाम मां नर्मदा का जल स्तर 964.30 पर पहुंच चुका है। इसी निशान पर खतरे का निशान अंकित है यदि जलस्तर और बढ़ता है तो निचले इलाके में रहने वालों की मुसीबत बन सकती है। लेकिन प्रशासन के साथ कुछ समाज सेवी भी पूरी तरह बाढ़ पीढि़तों की मदद के लिए तैयार है। राजेश रायकवार ने सोशल मीडिया के माध्यम से बाढ़ पीडि़तों के लिए अपील की है कि अखिल भारतीय निषाद सेना अध्यक्ष एडव्होकेट राजेश मांझी व अन्य साथियों ने प्रशासन के साथ कंधे से कंधा मिलाकर बाढग़्रस्त लोगों की मदद के लिए तैयार है यदि कोई बाढ़ पीडि़त चाहे तो हमारे निम्रलिखित नाम और नंबर पर संपर्क कर सकते है। राजेश मांझी 9405799053, मोनू चंचल 9425622802, राजेश रायकवार 9993207123, श्याम कहार 9302534128, तरूण मांझी 7974890305

तवा डेम के 13 गेट 9-9 फीट तक खोले गए है जिसके माध्यम से 2 लाख 681 क्यूसेक पानी छोड़ा जा रहा है। यदि बारिश नहीं थमी तो जलस्तर और बढ़ सकता है। पूरे प्रदेश में मानसून सक्रिय है।

मौसम विभाग के अनुसार
प्रदेश में हो रही बारिश को देखते हुए मौसम विभाग ने 32 जिलों को तीन सिस्टम सक्रिय होने के कारण अलर्ट घोषित किया है। जिसमें होशंगाबाद, हरदा, नीमच, मंदसौर, रायसेन, नरसिंहपुर, सीहोर और रतलाम को रेड अलर्ट घोषित किया है वहीं शेष अन्य जिलों को ऑरेंज और येलो अलर्ट के श्रेणी में रखा गया है।

घाटों पर नहीं है सुरक्षा के पुख्ता इंतजाम,
होशंगाबाद के प्रमुख सेठानी घाट को छोडक़र अन्य घाटों जैसे विवेकानंद घाट और कोरी घाट पर पुलिस प्रशासन व्यवस्था भी कमजोर नजर आ रही है। इसके चलते कोरी घाट पर लोग जान जोखिम में डालकर घाट किनारे सेल्फी ले रहे है उन्हे न तो अपनी जान का ख्याल है और न हीं पुलिस प्रशासन का डर है। अगर वक्त रहते प्रशासन सचेत नहीं रहा तो घटना हो सकती है।

 

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