जाँच में पुलिस की कार्यप्रणाली पर उठ रहे सवाल – चोपना में पेट्रोल पंप आवंटन विवाद का मामला

Scn news india

नवील वर्मा ब्यूरों 

बैतूल। चोपना में पेट्रोल पंप आवंटन के चले आ रहे विवाद में एसपी के निर्देश पर एसडीओपी सारणी और थाना प्रभारी चोपना ने कोई विवेचना की है। इस विवेचना का जो प्रतिवेदन है उस पर ही अभी से कई सवाल खड़े हो रहे है। कहा जा रहा कि सही तथ्यों पर यह जांच नही हुई । एसपी को की गई शिकायत में जिन 9 बिंदु का उल्लेख था उन पर स्पष्ट और तथ्यात्मक जांच न होने से ही इस प्रतिवेदन को लेकर सवाल खड़े किए जा रहे है। इस मामले में क्षेत्रीय सांसद डीडी उइके सहित पूर्व मंत्री सुखदेव पांसे ने भी कलेक्टर और एसपी को पत्र लिख कर पूरे मामले की निष्पक्ष जांच के लिए कहा था।

– क्या है यह पूरा मामला…
चोपना क्षेत्र में एक पेट्रोल पम्प का आवंटन हुआ। यह पम्प अनुसूचित जाति वर्ग के लिए आरक्षित था। यह पम्प रोहित मंडल नामक व्यक्ति को आवंटित किया गया। मामले में अन्य प्रतिस्पर्धी थे उनका आरोप था कि जिस जाति प्रमाण पत्र के आधार पर यह पम्प आवंटित हुआ वह विवादित है और रोहित मण्डल अनुसूचित जाति वर्ग का नहीं है। मामले में लगातार शिकायत होती रही। इसी तरह की एक शिकायत में एसपी ने एसडीओपी सारणी और चोपना थाना प्रभारी को उल्लेखित 9 बिंदु पर जांच के आदेश दिए थे।

– – सांसद ने की जाति प्रमाण शून्य करने की मांग …
इस पूरे मामले की वास्तविकता समझने और प्रमाण देखने के बाद सांसद डीडी उइके ने कलेक्टर एवम् एसपी सहित अनुसूचित जाति आयोग को रोहित मण्डल का पश्चिम बंगाल जिला उत्तर 24 परगना तहसील बारासात से जारी जाति प्रमाण पत्र को शून्य करने की मांग की थी। सांसद ने अपनी बात के समर्थन में कई फैक्ट भी प्रस्तुत किए थे। चूंकि रोहित मण्डल के दादा एक पूर्वी पाकिस्तान से आए रिफ्यूजी के रूप में चोपना में बसाए गए थे इसलिए पश्चिम बंगाल से बना प्रमाण पत्र जायज नहीं हो सकता। जब इस संबंध में जब चोपना थाना प्रभारी से चर्चा करना चाहिए तो उन्होंने व्यस्तता के चलते बाद में बात करने की बात कही|