रैय्यत पस्तलाई में दो रात में खोदे तालाब के वेस्टवेयर में रेत की जगह डाल रहे डस्ट..!

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  • रैय्यत पस्तलाई में दो रात में खोदे तालाब के वेस्टवेयर में रेत की जगह डाल रहे डस्ट..!
  • लगभग 05 लाख 57 हजार का हो चुका भुगतान और पुनः
  • भुगतान के लिए लगा रहे 30 लाख के बिल..?

दिलीप पाल ब्यूरों
आमला. ब्लॉक के ग्राम मालेगांव के गांव पस्तलाई रैय्यत में निर्माणाधीन तालाब में आर ई एस विभाग की भर्राशाही और मनमानी रुकने का नाम नहीं ले रही। पहले फर्जी मस्टरोल भर कर मजदूरों का हक मारा और लगभग 05 लाख 57 हजार रूपये का भुगतान भी विभाग द्वारा किया जा चुका वहीं अब मशीनों से रातों रात तालाब बना डाला। ईई आरईएस के कार्रवाई के दावे के बावजूद अब वेस्टवेयर में भी धांधली की जा रही वहाँ रेत की जगह डस्ट का उपयोग किया जा रहा। जो टेक्निकल जानकार है वे इसे तालाब के भविष्य के लिए खतरनाक बता रहे है। उनका कहना है कि जिस तरह यहाँ शासकीय राशि का दुरूपयोग किया गया उसकी इस जगह आवश्यकता भी नहीं थी। जबकि मनरेगा के तहत यह पूरा काम मजदूर नियोजन के लिए खोला गया फिर फर्जीवाड़े पर न जनपद सीईओ उफ्फ कर रहे और न आमला का कोई जनप्रतिनिधि कुछ बोल रहा। जबकि मनरेगा का यह पूरा काम ठेकेदारी व्यवस्था के तहत करवाया जा रहा है। जो भी स्थानीय जिम्मेदार है वे जानते है कि उनकी वर्किंग की पोल खुल चुकी है इसलिए वे जल्द से जल्द पेमेंट भी निकालने की तैयारी कर रहे।
आठ साल में नहीं बना आठ दिन में बना डाला
रैय्यत पस्तलाई का यह तालाब 2012 का स्वीकृत बताया जा रहा। तब से यह तालाब नहीं बना। अब मजदूर नियोजन के लिए इस पेंडिंग पड़े तालाब का काम खोला गया तो आर ई एस के स्थानीय अफसरों और नेतानुमा ठेकेदार ने लॉक डाउन का फायदा उठाते हुए लगभग 50 लाख रुपए के इस काम में शासकीय राशि को ठिकाने लगाने का काम शुरू कर दिया। जिसका लगभग साढे पाँच लाख रूपये का भुगतान भी किया जा चुका है। इसलिए जिस तालाब को बनने में एक महीना लगना था उसे मशीनों से ठेकेदार-नेता ने आठ दस दिन में बना डाला। लगातार दो-तीन रात भर मशीनें चलाई गई। वो भी ईई के दावे के बाद में ?
तीस लाख के बिल लगाने की है तैयारी
अब जब तालाब का निर्माण लास्ट स्टेज पर आ रहा है तो आरईएस के स्थानीय अफसर मौके का फायदा उठाकर जल्द से जल्द पेमेंट निकालने की तैयारी में जुट गए हैं। वे तकरीबन तीस लाख के बिल भुगतान के लिए लगा रहे है। इसीलिए वेस्टवेयर में रेत की जगह डस्ट डालकर काम पूरा कर लॉक डाउन खुलने के पहले ही पूरा पैसा निकालने की कार्य योजना है। अफसरों को पता है कि उन्होंने जो किया है उस पर आज नहीं तो कल हंगामा होना तय है, इसलिए वे जल्दबाजी में है।
विधायक सांसद से की जाएगी अब शिकायत
जिस तरह से ईई के कार्रवाई के दावे के बाद भी मनमानी नहीं रुकी और रातों-रात मजदूरों के हक पर डाका मारकर मशीनों से तालाब बनवाया गया उसके बाद स्थानीय ग्रामीण विधायक योगेश पण्डागरे और सांसद डीडी उईके को पूरे मामले से अवगत कराने की तैयारी कर रहे हैं। उनका कहना है कि इसकी पूरी जांच करवा कर जिम्मेदारो से रिकवरी की जाए, साथ ही तब तक कोई भी भुगतान न किया जाए। ग्रामीणों का कहना है कि तालाब में मशीनों के टायर के निशान ही गवाही दे रहे कि काम कैसे करवाया गया। इसलिए जल्द से जल्द इसकी जांच भी अतिआवश्यक है।
इनका कहना …
मेरे पास बहार के मजदूरों को लाने की जबाबदेही है इसलिए व्यस्त हूँ, ध्यान नहीं दे पाया, आप जिला पंचायत सीईओ को भी अवगत करा दें। वैसे मैं जानकारी ले रहा हूँ, अगर आप के पास फोटोग्राफ हो तो उपलब्ध करवाएँ, कार्रवाई होगी, यह तय है।
– शेख हसरुद्दीन, ई ई आरईएस