श्रमिक एक्सप्रेस में हार्ट अटैक से बिहार के व्यक्ति की मौत मदर्स डे पर एक माँ की पुकार नही टाल पायी जनसेवा कल्याण समिति

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दिलीप पाल ब्यूरो आमला
आमला।रविवार देर शाम तमिलनाडु के काठपाड़ी से बिहार के लिये श्रमिक एक्सप्रेस से यात्रा कर रहे नंदकुमार पांडे की नागपुर में हार्ट अटैक से मौत हो गई। जिन्हें आमला स्टेशन पर उतार दिया गया बाद में सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र आमला में डॉक्टर के उपचार के बाद मृत घोषित होने पर कानूनी प्रक्रिया पूर्ण कर परिजन शव को एंबुलेंस से अपने साथ ले गए। जानकारी के मुताबिक बिहार के औरंगाबाद निवासी नंदकुमार पांडे की धर्मपत्नी इंदु पांडे उम्र 60 वर्ष ने बताया कि वह अपने (62) वर्षीय पति नंदकुमार पांडे एवं पुत्री गुंजन पांडे उम्र 20 वर्ष के साथ उनके पति का इलाज करवाने तमिलनाडु के काठपाड़ी गये थे। तब श्रमिक एक्सप्रेस से काठपाड़ी से औरंगाबाद लौटते वक्त नागपुर के पास उनके पति बाथरूम के लिए जा रहे थे तब अचानक उन्हें अटैक आ गया इस बीच ट्रैन छूट चुकी थी तब अन्य यात्रियों की मदद से उन्हें आमला स्टेशन पर उतार दिया गया जानकारी मिलते ही आमला तहसीलदार नीरज कालमेघ एवं जनसेवा कल्याण समिति के सदस्य भी सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र पहुँचे।

सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र आमला में डॉक्टर अशोक नरवरे ने शव का चिकित्सीय परीक्षण करते ही मृत घोषित कर दिया।
एवं शव को परिजनों के सुपुर्द कर दिया गया। आमला तहसीलदार नीरज कालमेघ की सूझबूझ और जनसेवा कल्याण समिति के सहयोग से एंबुलेंस से शव को बिहार के औरंगाबाद भिजवाया गया।
देवदूत की भूमिका में नजर आयी जनसेवा कल्याण समिति
पूरे देश मे कोरोना महामारी को रोकने के लिए लॉक डाउन जारी है सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र में आम जनता भय की वजह से नही जा पा रही है वही दूसरी और जब रविवार शाम ट्रेन में अटैक से मौत हो जाने पर शव को आमला उतार दिया गया तब मृतक व्यक्ति की पत्नी इंदु पांडे ने जनसेवा कल्याण समिति को मदद की गुहार लगाते हुए बताया कि नागपुर से लेकर आमला तक लोगो ने कोरोना संक्रमण के भय से शव को हाथ नही लगाया,में और मेरी बेटी आपसे निवेदन करते है कि हमे मदद की जरूरत है शव को ग्रह ग्राम तक पहुँचाने में हमारी मदद की जाये, चूंकि कोरोना संक्रमण को लेकर भय का माहौल बना हुआ है लेकिन एक मां की पुकार ने जनसेवा कल्याण समिति के सदस्यों को मजबूर कर दिया कि वे शव को अपने हाथों से पैक कर एम्बुलेंस में रखवाये, तब समिति ने बैतूल से प्रायवेट एम्बुलेंस बुलवाकर, परिजन की खाने पीने की व्यवस्था कर शव को सुरक्षित एम्बुलेंस में रखवाकर उन्हें रवाना करवाया।
परिजनों नम आँखों से समिति का आभार व्यक्त किया।