छतरपुर बुन्देलखंड का सबसे अच्छा शहर लेकिन समस्याओं के शिकंजे में मुखबिर तंत्र को मजबूत करने और अपराधों की गुत्थियां सुलझाने के सार्थक प्रयास जारी : तिलक सिंह

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जिला ब्यूरो प्रद्युम्न फौजदार
छतरपुर नगर की बदहाल यातायात व्यवस्था कोई नई समस्या नहीं है। यह समस्या पिछले कई वर्षों से कायम है। पुलिस अपने बूते पर यातायात व्यवस्था की बदहाली दूर करने की हर मुमकिन कोशिश करती है। शहर में आबादी और वाहनों की संख्या में अप्रत्याशित रूप से वृद्धि हुई है। जबकि नगर में न वाईपास न लिंक रोड है जिसकी वजह से शहर के अंदर यातायात व्यवस्था का दबाव बेहद बढ़ जाता है। सड़कों की पटरियों पर सामान रखा रहता है। कहीं नाली खुदी होती है, सिग्नल के नाम पर महज आकाशवाणी तिराहे पर सिग्नल की व्यवस्था है फब्बारा चौक, छत्रसाल चौक, पन्ना नाका जैसे भीड़ भरे स्थानों पर सिग्नल व्यवस्था की सख्त जरूरत है। यह बात एक सवाल के जबाव में पुलिस अधीक्षक तिलक सिंह ने कही। उन्होंने कहा कि सिग्नल स्थापित करना नगर पालिका का काम है उन्होंने यह भी कहा कि रात के वक्त शहर के ज्यादातर इलाके घने अंधकार में डूबे रहते हैं। इन्हीं तमाम अव्यवस्थाओं की वजह से न सिर्फ सड़क दुर्घटनायें घटती हैं बल्कि हादसों के शिकार होकर लोग घायल और असमय मृत्यु का शिकार भी होते रहते हैं। एसपी तिलक सिंह ने कहा कि छतरपुर बुन्देलखंड का सबसे अच्छा शहर है लेकिन यहां पर अव्यवस्थाओं की भरमार से लोगों को तमाम किस्म की समस्याओं से दो चार होना पड़ता है। एक अन्य सवाल के जबाव में एसपी तिलक सिंह ने कहा कि पुलिस अपना मुखबिर तंत्र मजबूत करने के लिये समय समय पर सार्थक प्रयास तो करती ही रहती है अपना काम भी करती है। पुलिस को आम जनता से जोडऩे के सार्थक प्रयास जारी हैं। एसपी ने स्वीकारा कि पुलिस गोपनीयता भंग होने के डर और लोगों से रंजिश होने की आशंका के चलते आपराधिक वारदातों और गैर कानूनी धंधों की जानकारी होने के बावजूद लोग उसे पुलिस के साथ सांझा करने से कतराते हैं। हालांकि उन्होंने कहा कि समाज हित में काम करने वाले लोग पुलिस को समय समय पर अपराधों और अपराधियों के बारे में सटीक सूचनायें प्रदान करके पुलिस की मदद करते रहते हैं। एक अन्य सवाल में एसपी तिलक सिंह ने कहा कि अनसुनझे अपराधों की गुत्थियां सुलझाने के प्रयास किये हाते हैं और अक्सर पुलिस को कई मामलों में कामयाबी भी मिलती है। एसपी ने कहा कि यह सही है कि पुलिस महकमे में काम की अधिकता के कारण परिवार के लोगों को कई बार दिक्कतों का सामना करना पड़ता है। हालांकि उन्होंने यह भी कहा कि वही लोग पुलिस महकमे में भर्ती होते हैं जिन्हें दिक्कतों का सामना करने का साहस होता है कोई जबरन किसी व्यक्ति को पुलिस महकमे में भर्ती नहीं करता। एसपी ने कहा अपराधों की गुत्थियां सुलझाने के लिये सायबर सेल की मदद ली जाती है और उच्च पदस्थ पुलिस अधिकारी भी समय-समय पर अपराधों और अपराधियों के बारे में पुलिस महकमे से जबाव तलब करते रहते हैं। जिसकी वजह से पुलिस अपराधों की गुत्थियां सुलझाने के लिये सक्रिय बनी रहती है और सटीक सूचना मिलते ही पुलिस जुर्म को बेनकाब कर मुजरिमों को अदालत के जरिये जेल की सलाखों के पीछे भिजवाती रहती है। एक अन्य सवाल के जबाव में एसपी तिलक सिहं ने कहा कि बड़ामहरा कस्बे में एक युवक की संदिग्ध हालत में मृत्यु की घटना की पोस्टमार्टम रिपोर्ट अभी पुलिस को नहीं मिली है लेकिन संदेह है कि मृतक की पत्नी ने अपने प्रेमी अथवा कुछ अन्य लोगों के सहयोग से सुनियोजित साजिश के तहत अपने पति की हत्या कराई है। अगले एक दो रोज में पुलिस मामले की असलियत उजागर कर देगी।

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