गरीबो को भोजन बाटने के समय फोटो खींचने पर लगना चाहिए प्रतिबंध ,लॉक डाउन ओर सोशल डिस्टेंस का नही हो रहा पालन, दानदाता के कार्यो की सहराना

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दिलीप पाल ब्यूरों आमला
आमला. कोरोना वायरस कोविड – 19 के चैत्र दुनिया मे फैली महामारी ने सबको झिझोड़ कर रख दिया है गरीब बेसहारा बेघर लोगो के सामने भोजन का संकट आ पडा है लोगो को भोजन नही मिल पा रहा है खासकर शहर की झुगी बस्तियों में रहने वाले गरीब मजदूरों के सामने भूखे मरने की नोबत आ पड़ी है ऐसी विषम परिस्थितियों में उनकी मददत करना सहरानीय कार्य है आमला में जो गरीबो को भोजन अन्य खाद्य सामग्रीयो का वितरण कर रहे है मानवता का धर्म निभा रहे है यह सहरानीय कार्य है।

लेकिन गरीबो को भोजन उपलब्ध करा कारकर उनकी फोटो खींचकर उस फोटो को वायरल करना मानवता के खिलाफ है ऐसा करने और आप सभी उन गरीबो की मजाक उड़ा रहे है यह बात समाज सेवक चन्द्रशेखर पन्डोळे ने विज्ञप्ति जारी कर कही है समाज सेवक चंदशेखर पन्डोळे ने बताया कि गरीब बेसहारा निर्धन बेघर लोगो को मददत करना अच्छी बात है सहरानीय कार्य है लेकिन भोजन देकर उनकी फोटो खींचकर उसको प्रचारित करना अच्छी बात नही है गरीबो का अपमान किया जा रहा है लोग गरीब जरूर है लेकिन उनकी भी इज्जत है उनका सम्मान करना चाहिए उनकी फोटो खीचकर उसे प्रचारित करना निजता का परिचय देना है समाज सेवक चन्द्रशेखर पन्डोळे ने जिला कलेक्टर से मांग की है कि गरीबो को भोजन का वितरण करने के दौरान उनकी फोटो खींचकर उसे प्रचारित करने पर पूणतः प्रतिबंध लगाया जाए एव लॉक डाउन ओर सोशल डिस्टेंस का कड़ाई से पालन करने के निर्देश दिए जाए ताकि कोरोना वायरस की रोकथाम हो सके गाँव गाँव मे सेनेटाइजर एव मास्क का वितरण कराया जाए ग्रामो में सेनेटाइजर एव मास्क का वितरण नही किया जा रहा है ऐसे ग्रामो की जांच कराई जाए जहाँ सनेटिजर ओर मास्क नही बाटे गए है।