घर घर मनाई गई महावीर जयंती

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स्वामी सींग गौड दमोह

दमोह। इस बार कोरोना संकट के चलते महावीर जयंती जैन धर्मावलंबियों द्वारा घर पर ही टी.व्ही. के सामने मुनि जनों के निर्देशन में ही महावीर जयंती मनाई गयी। कुण्डलपुर में पुजारी गणों ने बड़े बाबा का अभिषेक एवं शांति धारा के बाद पूजन संपन्न किया। कुण्डलपुर ट्रस्ट के द्वारा गरीब लोगों में भोजन एवं मिष्ठान वितरित किया गया। कुण्डलपुर कमेटी के प्रचार मंत्री सुनील वेजिटेरियन ने बताया कि सैकड़ों वर्ष के इतिहास में पहली बार ऐसा मौका आया जबकि श्रावकजनों को घर पर ही बैठकर महावीर जयंती मनानी पड़ी। प्रातः काल सभी धर्मावलम्बी अपने घर की बालकनी और छतों पर जाकर के थाली और घंटा बजाकर के भगवान के जन्मोत्सव की खुशियों को प्रगट किया।

दोपहर में टी.व्ही पर मुनिश्री के मुख से कथा वाचन का श्रवण किया। तथा रात्रि में भगवान की महाआरती की। इस बार आचार्य विद्यासागर जी महाराज की परम शिष्य मुनी श्री सुधा सागर जी महाराज एवं मुनि श्री प्रमाण सागर जी महाराज के निर्देशन में देश भर के जैन धर्मावलम्बी ने बहुत ही उत्साह पूर्वक धैर्य के साथ टीव्ही पर प्रसारित भगवान का अभिषेक देखा एवं पूजान विधान संपन्न किया। पूज्य मुनिश्री ने कहा कि आज भगवान महावीर स्वामी के उपदेश सारी मानव जाति के लिए बहुत प्रासंगिक है। जियो और जीने दो का अमर सिद्धांत ही इस विश्व को शांति की ओर ले जा सकता है। अहिंसा धर्म के पालन से ही दुनिया की विकट समस्याओं का समाधान निकल सकता है। प्रकृति के विरुद्ध जाने से ही दुनिया में कोरोना जैसी भयंकर महामारी का प्रकोप हो रहा है तथा पर्यावरण एवं आतंकवाद जैसी समस्याएँ जन्म ले रही हैं। दुनिया जैन धर्म को अपनाए अथवा नहीं किन्तु उसके स्वच्छता एवं सोलह के सिद्धान्तों का आज कड़ाई से पालन कर रही है। आज दुनिया को जैन धर्म के सिद्धांतों को अपनाने की आवश्यकता है।