फिर दोहराई पंचायत ने वही गलती,गैस सिलेंडर के नाम जमा की भीड़

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नवील वर्मा ब्यूरों शाहपुर 

शाहपुर -कुण्डी ग्राम पंचायत में एक बार फिर लॉक डाउन एवं द्वारा 144 का उलंघन होता पाया गया है। अब  यहाँ उज्वलला गैस सिलेंडर के नाम भीड़ दिखाई दी । उस पर भी लोगों को पंचायत परिसर में बिना मास्क लगाए देखा गया। जो सरकार के कोरोना संक्रमण से बचाने की मुहीम पर पानी फेरने जैसा है।

21 दिनों के लॉक डाउन का पालन करना और कराना हम सभी का दायित्व है।  लेकिन कुण्डी पंचायत में घोर लापरवाही बरती जा रही है। सचिव की मनमानी का आलम ये है की संविधान से ऊपर मानने लगा है।  कारण साफ़ है  अधिकारीयों और राजनैतिक  संरक्षण ।

जिसके खिलाफ शिकायत के बाद भी कोई कारवाही नहीं होती और बचाने के रास्ते निकले जाते है। ये वही सचिव है जो लाक डाउन में सीसी सड़क का निर्माण करा रहे थे। जिनकी लिखित शिकायत के बाद भी ना तो जांच हुई नाही एफआईआर। जबकि नगर में घर के सामने वीडियो गेम खेल रहे लोग कानूनी कारवाही का शिकार हो गए।  लेकिन 20 से 25 मजदूरों से सीसी सड़क निर्माण कार्य की लिखित शिकायत ठन्डे बस्ते में चली गई। अब उज्ज्वला गैस सिलेंडर वितरण के नाम भीड़ जमा की जा रही है। जबकि सरकार द्वारा लॉक डाउन में सिलेंडरों को घर तक पंहुचा ने की व्यवस्था की गई है।

लॉक डाउन के पालन हेतु है तीन माह तक  निःशुल्क व्यवस्था 

लॉक डाउन की संवेदनशीलता भंग कर सचिव के द्वारा उज्ज्वला योजना में  दिए  जाने वाले पंचायत क्षेत्र में 20000 मुफ्त सिलेंडर पर नजर गड़ा ली है। बता दे की इस योजना में हितग्राही के खाते में सिलेंडर की राशि सरकार जमा करेगी , एजेंसी से ग्राहक तक पंहुचने सरकार स्वयं डिलीवरी चार्ज भी देगी ,ताकि डिलीवरी बॉय को भी रोजगार भी मिल सके। और लॉकडाउन का पूरी तरह पालन हो सके , लोग घरों में  ही रहे ,व् लोगों को खाना पकने में दिक्कत ना हो।  अब सवाल ये उठता है ये राशि क्या सीधे ग्राहक के खाते में जायेगी या पंचायत के खाते में जायेगी और वहां से सिलेंडर वितरित किये जाएंगे।

गोलमाल की आशंका 

गरीब भोले भाले ग्रामीणो को इस चक्रव्यूह में उलझाने की पूरी तैयारी कर ली गई है। बता दे की गैस रिफिलिंग की राशि में वितरक हेतु होम डिलीवरी की राशि भी जुडी हुई है। जो प्रति सिलेंडर दुरी के आधार पर 20 से 30 रूपये के लगभग होती है। जिसे वितरक डिलीवरी देने वाले व्यक्ति को देता है। 20000 सिलेंडर पर यह राशि 20000 x 30 =600000  छैः लाख रूपये होती है। ये आंकड़ा सिर्फ शाहपुर के गैस वितरक एजेंसी का है। और ये राशि एक माह के प्रदाय सिलेंडरों की है। ऐसा ही तीन माह तक चलेगा।

एलपीजी सिलेंडर डिलीवरी चार्ज 

वितरण एजेंसी को 5 किमी तक मुफ्त में एलपीजी सिलेंडर वितरित करना चाहिए। 2014 की बैठक के नियमों के अनुसार, 5-10 किमी तक डिलीवरी पर 20 रुपये का शुल्क लिया जा सकता है जबकि यह 10-15 किमी के लिए 25 रुपये है। 15 किमी से अधिक के लिए वितरण शुल्क 30 रुपये होना चाहिए। बिल पर वितरण शुल्क भी दर्ज किया जाना चाहिए। और यदि आप खुद एजेंसी पंहुच सिलेंडर लेते है तो ये राशि आपको एजेंसी द्वारा वापस लौटाई जानी चाहिए।

इनका कहना है –

चूँकि लाकडाउन है ऐसे में भीड़ जमा ना हो, ये हम सभी का दायित्व है। जहां तक गैस सिलेंडरों की डिलीवरी की बात है तो लोगों के घरों में  रहने की व्यवस्था को सुनिश्चित करने वितरक को घरों तक सिलेंडर पंहुचा कर देना होगा। यदि कोई शिकायत आती है तो कारवाही की जायेगी। 

के के टेकाम जिला खाद्य आपूर्ति अधिकारी बैतूल 

इनका कहना है –

उज्ज्वला योजना के हितग्राहियों के मोबाईल नम्बर बदल गए है। जिन्हे अपडेट करने पंचायत में बुलाया गया था। 

गौतमी गैस एजेंसी संचालिका शाहपुर