किसानो की मांग पर मूंग की फसल के लिए तवा से छोड़ा गया पानी

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  • अभी नहीं दिया जाना था पानी पर किसानों की मांग पर बदला फैसला
  • मूंग की फसल के लिए तवा से छोड़ा गया पानी

प्रवीण गौर
इटारसी // गर्मी में होने वाली मूंग की फसल के लिए तवा बाँध से नहरों में पानी छोड़ा जाने का निर्णय लिया गया है. शुक्रवार तीन अप्रैल को चार बजे करीब 300 क्यूसेक पानी छोड़ा गया है. जिसे शनिवार को 8 बजे बढ़ाकर 800 क्यूसेक कर दिया जायगा. जिसे बाद में जरूरत के अनुसार घटाया बढाया जाएगा,यह
वैसे मूंग के लिए तवा बाँध से 1 अप्रैल से नहरों में छोड़ा जाने वाला था , पर 31 मार्च को कोरोना वायरस के संक्रमण की आशंका और जिले में लागू लॉकडाउन के चलते शासन ने एहतियात के तौर पर यह फैसला लिया गया था कि 1 अप्रैल 2020 से पानी नहीं छोड़ा जाएगा.और पानी छोडने की आगामी तारीख की सूचना बाद में अलग से दी जाएगी पर सिंचाई विभाग ने अचानक इस निर्णय को बदलते हुए मूंग की फसल को पानी देने की घोषणा ही नहीं की बल्कि तत्काल पानी छोड़ भी दिया है, अधीक्षण यंत्री तवा परियोजना एसके सक्सेना का कहना है कि किसानों द्वारा लगातार की जा रही मांग के कारण और सम्भागीय आयुक्त के निर्देश पर यह फैसला लिया गया है .

वैसे हरदा सहित कई जगहों पर जहां गेहूं की कटाई हो चुकी है किसानों ने मूंग फसल की तैयारी कर ली थी और पानी का इंतजार कर रहे थे।
जिले के 27 हजार हेक्टेयर रकबे को मिलेगा पानी
नहरों में छोड़े जाने वाले पानी से होशंगाबाद एवं हरदा जिले के 52 हजार हेक्टेयर रकबे में सिंचाई की जा सकेगी। इसमें होशंगाबाद जिले का रकबा 27 हजार हेक्टेयर शामिल है। वहीं हरदा जिले के 25 हजार हेक्टेयर रकबे में मूंग की सिंचाई हो सकेगी। होशंगाबाद जिले को हरदा जिले से 2 हजार हेक्टेयर ज्यादा रकबे में सिंचाई करने के लिए पानी दिया जाएगा।
डेम की स्थिति –
सूत्रों ने बताया कि फिलहाल तवा डैम में 771 मिलीयन क्यूविक मीटर (एमक्यूएम) पानी है। इसमें से करीब 600 से 620 मिलीयन क्यूविक मीटर ग्रीष्मकालीन मूंग के लिए नहरों में छोड़ा जाएगा। बाकी पानी रिजर्व में रखा जाएगा।