लॉक-डाउन का उल्लंघन करने वालों पर होगी सख्त कार्रवाई, धर्मगुरूओं ने की लॉक-डाउन का पालन करने की अपील

Scn news india

  • अब वीडियोग्राफी कराकर चिन्हित किए जाएंगे ऐसे लोग
  • सार्वजनिक-धार्मिक कार्यक्रमों के आयोजन पर पूरी तरह प्रतिबंध

बैतूल,
कोरोना के संक्रमण से बचाव के दृष्टिगत जिले में प्रभावी लॉक-डाउन व्यवस्था का जिले में अब और सख्ती से पालन किया जाएगा। पुलिस एवं नगरपालिका द्वारा वीडियोग्राफी कराकर लॉक-डाउन का उल्लंघन करने वालों को चिन्हित किया जाएगा एवं ऐसे लोगों के विरूद्ध सख्त कार्रवाई होगी। लॉक-डाउन के दौरान सार्वजनिक-धार्मिक कार्यक्रमा का आयोजन पूरी तरह प्रतिबंधित किया गया है। शुक्रवार को कलेक्ट्रेट में आयोजित धर्मगुरूओं की बैठक में मौजूद सभी धर्मगुरूओं ने लोगों से लॉक-डाउन का पूरी तरह पालन करने की अपील की। बैठक में कलेक्टर श्री राकेश सिंह, पुलिस अधीक्षक श्री डीएस भदौरिया, अपर कलेक्टर श्री जेपी सचान, अतिरिक्त पुलिस अधीक्षक श्रीमती श्रद्धा जोशी मौजूद थे।


बैठक में कलेक्टर ने कहा कि कोरोना वायरस संक्रमण की परिस्थिति को देखते हुए यह आवश्यक है कि जिले के सभी लोग लॉक-डाउन का गंभीरता से पालन करें। धर्मगुरूओं से भी अपेक्षा है कि वे समाज के सभी वर्गों तक यह संदेश पहुंचाएं कि हम सबकी सुरक्षा के लिए लॉक-डाउन एवं सोशल डिस्टेंसिंग का कड़ाई से पालन किया जाना जरूरी है। उन्होंने बताया कि सुबह 6 बजे से 8 बजे तक दूध तथा सुबह 7 बजे से 10 बजे तक किराना की उपलब्धता के लिए छूट दी गई है, परन्तु इस दौरान यह बहुत जरूरी है कि प्रशासन के निर्देशों का पालन किया जाए तथा दुकानों पर सोशल डिस्टेंसिंग आवश्यक रूप से बनाई रखी जाए। आवश्यक जरूरतों के लिए दुकानों पर पैदल ही जाएं, वाहनों का उपयोग न करें। निर्धारित वाहनों को छोडक़र निर्देशों का उल्लंघन कर घूम रहे दोपहिया-चार पहिया वाहनों की सीधे जब्ती की कार्रवाई की जाएगी। लोगों से अपेक्षा है कि मोहल्ले-पड़ोस में भी यहां-वहां न घूमें एवं सोशल डिस्टेंस मेंटेन करते हुए अपने घरों में रहें।


बैठक में पुलिस अधीक्षक श्री डीएस भदौरिया ने कहा कि लॉक-डाउन के दौरान सार्वजनिक-धार्मिक कार्यक्रम पूरी तरह प्रतिबंधित रहेंगे। अंतिम संस्कार के लिए अधिकतम 20 लोगों को जाने की छूट रहेगी। धार्मिक स्थलों पर सिर्फ धर्मगुरू ही पूजा-अर्चना करें। इन स्थानों पर अनावश्यक भीड़ इकट्ठी न हो।  नागरिकों से अपेक्षा है कि शासकीय ड्यूटी एवं चिकित्सा ड्यूटी में कार्य कर रहे शासकीय सेवकों को सहयोग करें। उनसे किसी प्रकार का दुव्र्यवहार न किया जाए। समय-समय पर प्रसारित किए जाने वाले निर्देशों से अवगत रहें एवं उनका पालन करें। सोशल मीडिया पर किसी तरह की कोई आपत्तिजनक पोस्ट न की जाए।
बैठक में मौजूद विभिन्न सम्प्रदायों के धर्मगुरुओं एवं सामाजिक प्रतिनिधियों सर्वश्री पं. जानकी प्रसाद शुक्ला, महेश सोनी, यशवंत शुक्ला, शारिक खान, डॉ. कैलाश वर्मा, प्रवीण भावसार, विवेक भार्गव, प्रवीण गुगनानी, भगत सिंघ, प्रेमसिंघ खालसा, बबलू खुराना, मोहम्मद युसूफ पटेल, रेव्ह. सिनीयार्ड मुन्जी, संदीप माहेश्वरी, राधेश्याम पाटिल, सुरजीत सिंग, बन्टी मोटवानी, शेख मुनीरुद्दीन, हरदीप सिंग बग्गा, प्रवीण शर्मा, हाफिज नूर मोहम्मद, गुलाम मुस्तफा, तरूण ठाकरे, अनिल राने, शब्बीर खान, आशिक अली, प्रभाकर जैन, भानु कुमार जैन, नरेश जैन, राहुल पाटिल, पं. हीरेन्द्र शुक्ला, पं. महेन्द्र कुमार दीक्षित, डॉमिनिक सिमन, सुखदर्शन सिंघ, धनराज चन्देलकर, आरिफ खान, समीर खान ने जिले के नागरिकों से लॉक-डाउन का पूर्णत: पालन करने एवं सोशल डिस्टेंसिंग बनाए रखने की अपील की। साथ ही प्रशासनिक अधिकारियों को यह आश्वासन दिया कि वह लॉक-डाउन व्यवस्था को सफल बनाने में पूरी तरह सहयोग प्रदान करेंगे।
इस दौरान अनुविभागीय दण्डाधिकारी बैतूल श्री राजीव रंजन पाण्डे, एसडीओपी श्री विजय पुन्ज, मुख्य नगरपालिका अधिकारी श्रीमती प्रियंका सिंह सहित अन्य संबंधित अधिकारी मौजूद थे।