दबंगो का कहर -15 वर्षीय नाबालिग आदिवासी बच्चे को खम्भे पर रस्सी से बाँध बेरहमी के पीटा

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अमित त्रिपाठी ब्यूरों गुनौर 

पन्ना-आज भी कुछ जिला ऐसे भी है जहा मानव अधिकार की धजिया उड़ाई जाती है।बीते दिनों थाना अमानगंज अंतर्गत ग्राम बांधीकला का एक ऐसा मामला आया है। जिसे देखकर हर किसी की आंखों में आंसू आ जाते कि गांव के कुछ दबंग प्रवृत्ति के लोगों ने एक 15 वर्षीय नाबालिग आदिवासी बच्चे को घर से पकड़कर बेरहमी के साथ मारपीट की। जब इसकी खबर बच्चे के माता-पिता को लगी तो मौके पर पहुंचकर बच्चे को बचाने का प्रयास किया लेकिन इन लोगों द्वारा इनके माता-पिता के साथ हुई अभद्र्र व्यवहार किया गया। जिसकी शिकायत पीडि़त परिवार ने अमानगंज थाना में दर्ज कराई। आज भी गांव में कुछ इस प्रकार के लोग है। जो ऊंच-नीच का भेदभाव कर कानून को अपने हांथों में लेने से भी परहेज नहीं करते। भले ही बाद में इसका खामियाजा क्यों न भुगतना पड़े? इस बात को सोचे बिना दबंग लोग अपनी दबंगई दिखाकर लोगों ने भय और खौफ का माहौल पैदा करते है। दिनांक 29 मार्च के 9 बजे ग्राम बांधीकला में घटी घटना कुछ इसी तरह की दास्ता बयां कर रही है कि एक नाबालिग छात्र के इस तरह से बांधकर मारने में इन दबंग लोगों को जरा भी रहम नहीं आई। इंसानियत की परवाह किये बिना इसको अंजाम देने वाले लोगों के विरूद्ध पुलिस ने भी मामला कायम हो चुका है।

क्या है घटना
इस समूचे घटनाक्रम के सबंध में बताया जाता है कि ग्राम बांधीकला निवासी इमरत आदिवासी का 15 वर्षीय बालक को चोरी के संदेह में आरोपी पंकज बिंदुआ जो उसे उसके घर से पकड़कर ले आया और गांव में ही खम्भे से बांधकर लात-घूसों के साथ बेरहमी से पिटाई की। इसके बाद इसे पकड़कर एक कमरे में डाल दिया। जैसे ही बच्चे के पिता इमरत आदिवासी और मां बेशाकी बाई अपने बच्चे को लेने पहुंची तो इनके द्वारा इनके साथ भी गाली-गलौच की गई। गौरतलब है कि कुछ दिन पहले उदय बिंदुआ के दुकान को अज्ञात लोगों द्वारा चोरी की घटना को अंजाम दिया गया। जिसके संदेह में इनके भाई ने उक्त बालक के साथ मारपीट की। जिस बात को लेकर पीडि़त परिवार इसकी शिकायत लेकर पन्ना भी आया। बाद थाना पुलिस ने पीडि़त की शिकायत के आधार पर आरोपियों के खिलाफ अनुसूचित जाति एवं जनजाति अधिनियम के तहत धारा 294, 325, 342 के तहत मामला कायम कर कार्यवाही की। ग्राम में इस प्रकार की घटना को लेकर हर कोई खौफ में नजर आ रहा है।