कोरोना से लड़ाई में जिले के निजी चिकित्सालय एवं डॉक्टर्स प्रशासन के कंधे से कंधा मिलाकर करेंगे सहयोग

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  • निजी अस्पतालों के वेंटीलेटर जिला अस्पताल को उपलब्ध कराए जाएंगे
  • कलेक्टर ने मकान मालिकों को निजी क्षेत्र के स्वास्थ्यकर्मियों से इस माह किराया नहीं मांगने एवं मकान खाली नहीं कराने के दिए निर्देश

अशोक सिनोटिया 

बैतूल,
कोरोना संक्रमण के विरूद्ध लड़ाई लडऩे में जिला प्रशासन के साथ जिले के निजी अस्पताल/नर्सिंग होम संचालक एवं निजी चिकित्सक भी पूरी शिद्दत के साथ आगे आए हैं। मंगलवार को कलेक्टर श्री राकेश सिंह के साथ निजी चिकित्सालय व नर्सिंग होम संचालकों एवं निजी चिकित्सकों की बैठक में सभी ने इस लड़ाई में जिला प्रशासन का कंधे से कंधा मिलाकर साथ देने का आश्वासन दिया। साथ ही निर्णय लिया गया कि जिला चिकित्सालय जो कि कोविड-19 अस्पताल के रूप में घोषित है, उसे पूरी तरह आवश्यक उपकरणों से तैयार रखा जाएगा। बैठक में निर्णय लिया गया कि जिले के निजी अस्पतालों के लगभग 15 वेंटीलेटर उपलब्ध कराए जाकर जिला अस्पताल में एक पृथक ईकाई के रूप में लगाए जाएंगे। बैठक में विधायक डॉ. योगेश पण्डाग्रे, पुलिस अधीक्षक श्री डीएस भदौरिया सहित जिला पंचायत के मुख्य कार्यपालन अधिकारी श्री एमएल त्यागी, अपर कलेक्टर श्री जेपी सचान, स्वास्थ्य अधिकारी एवं निजी चिकित्सालय व नर्सिंग होम संचालक व डॉक्टर्स मौजूद थे।

बैठक में तय किया गया कि कोरोना संक्रमण से बचाव के संबंध में आवश्यकता पडऩे पर जिले के समस्त निजी चिकित्सक अपनी सेवाएं देंगे। जो चिकित्सक यह सेवाएं देंगे, वे नगर में होटल अधिग्रहित कर ठहराए जाएंगे। बैठक में किसी भी आकस्मिक परिस्थिति में वेंटीलेटर सहित अन्य सभी उपकरण-सहायक उपकरण तथा दवाइयों की उपलब्धता एवं इनके उपार्जन के संबंध में भी चर्चा हुई, साथ ही यह निर्णय लिया गया कि उपरोक्त समस्त जरूरतें आवश्यकता पडऩे पर उपलब्ध रहेगी। बैठक में मुख्य चिकित्सा एवं स्वास्थ्य अधिकारी डॉ. जीसी चौरसिया ने बताया कि कोरोना पॉजीटिव मरीजों के इलाज के लिए चिकित्सकों एवं पैरामेडिकल स्टाफ द्वारा पहने जाने वाली सुरक्षा ड्रेस (पीपीई) अभी जिले में 110 नग से अधिक उपलब्ध है, आवश्यक मटेरियल बुलवाकर आगामी एक सप्ताह में इनको स्थानीय स्तर पर तैयार करवाया जाएगा। यह ड्रेस सभी निजी अस्पतालों को भी प्रदान की जाएगी। अन्य आवश्यक मेडिकल साधन जैसे- मास्क, सेनेटाइजर इत्यादि भी आवश्यकतानुसार निजी अस्पतालों को प्रदान किए जाएंगे। बैठक में चिकित्सकों एवं इन सेवाओं से जुड़े समुदायों ने जिला प्रशासन को आश्वस्त किया कि वे इस चुनौती में दिन-रात साथ देने के लिए तैयार हैं। कलेक्टर एवं पुलिस अधीक्षक सहित जिला प्रशासन एवं स्वास्थ्य विभाग के अधिकारियों ने निजी चिकित्सा क्षेत्र के लोगों का इस दौरान धन्यवाद् भी ज्ञापित किया। साथ ही कहा कि उनका यह सहयोग प्रशंसनीय एवं स्तुति योग्य है।
बैठक में निजी चिकित्सा क्षेत्र में लगे सभी पैरा मेडिकल स्टाफ, नर्सिंग स्टाफ, वार्ड ब्वाय एवं निजी चिकित्सालयों व नर्सिंग होम में कार्य करने वाले सभी कर्मचारियों की जिला प्रशासन ने सराहना करते हुए कहा कि वे इस चुनौती के कार्य में भरपूर सहयोग प्रदान कर रहे हैं, जो प्रशंसनीय है।

मकान मालिकों को निजी क्षेत्र के स्वास्थ्यकर्मियों से इस माह का किराया नहीं मांगने व मकान खाली नहीं कराने के निर्देश
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बैठक में कलेक्टर एवं जिला दण्डाधिकारी श्री राकेश सिंह के ध्यान में यह मुद्दा लाया गया कि निजी चिकित्सालयों में कार्य करने वाले नर्सिंग व सहायक स्टाफ जो नगर में विभिन्न स्थानों पर किराए के मकान में रहते हैं, ऐसे लोगों को कुछ मकान मालिकों द्वारा आवास खाली करने के लिए कहा जा रहा है। इस संबंध में कलेक्टर ने स्पष्ट निर्देश दिए कि आपदा प्रबंधन अधिनियम 2005 व दण्ड प्रक्रिया संहिता की धारा 144 के अंतर्गत इस तरह का कृत्य पूर्णत: प्रतिषेध है। ऐसे मकान मालिकों पर आपराधिक कार्रवाई हो सकती है। उन्होंने कहा कि जिन कर्मचारियों के संबंध में इस तरह की सूचना प्राप्त होती है, ऐसे मकान मालिकों पर आपराधिक प्रकरण दर्ज कराया जाएगा। कलेक्टर एवं जिला दण्डाधिकारी द्वारा स्पष्ट रूप से कहा गया कि कोई भी भवन मालिक ऐसे स्टाफ से न तो भवन खाली करने का कहेेंगे और न इस माह किराया मांगेंगे।

निजी नर्सिंग स्टाफ को आने-जाने में रहेगी सहूलियत
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कलेक्टर ने बैठक में पैरा मेडिकल स्टाफ से यह भी अपेक्षा की कि वे नियमित रूप से निजी अस्पताल अथवा नर्सिंग होम में आते रहें। परिचय पत्र दिखाने पर उनके आवागमन में कोई बाधा या रोक-टोक नहीं होगी।

वाट्सएप ग्रुप पर होगा सूचनाओं का आदान-प्रदान
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बैठक में बताया गया कि रेडक्रॉस समिति के सचिव डॉ. अरूण जयसिंग द्वारा सभी निजी चिकित्सालय संचालकों एवं डॉक्टर्स का एक वाट्सएप ग्रुप तैयार किया जाएगा, जिसमें आवश्यक सूचनाओं का आदान-प्रदान किया जा सकेगा एवं सभी लोग इस ग्रुप से नियमित सम्पर्क में भी रहेंगे।

कोर ग्रुप का गठन
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बैठक में जिला अस्पताल की व्यवस्थाओं के सुचारू संचालन के लिए कोर ग्रुप भी बनाया गया। यह कोर ग्रुप एक अप्रैल को जिला चिकित्सालय का भ्रमण कर आवश्यक प्रबंध सुनिश्चित करने की कार्य योजना तैयार करेगा।
बैठक में मुख्य रूप से डॉ. मनीष लश्करे, डॉ. एनआर पाढी, डॉ. दीप साहू, डॉ. नूतन राठी, डॉ. एमएल राठौर, डॉ. महेन्द्र सिंह चौहान, डॉ. विनय चौहान, डॉ. मनीष अलेक्जेण्डर, डॉ. अशोक मूले, डॉ. एके पाण्डे, डॉ. जयदीप पोपली, डॉ. पुनीत श्रीवास्तव, डॉ. नरेश सरदार, डॉ. ब्रजेश वामनकर, डॉ. गोपाल सरयाम, डॉ. रमेश काकोडिय़ा, अन्य निजी अस्पताल व नर्सिंग होम संचालक व चिकित्सकगण सहित स्वास्थ्य विभाग के चिकित्सकगण मौजूद थे।