लॉकडाउन में मुख्यमंत्री के निर्देशों की अवहेलना,बिना राशन लिए लौटे गरीब परिवार

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नवील वर्मा ब्यूरो शाहपुर 

भौरा:- कोरोना महामारी से बचाव के लिए सरकार ने लॉकडाउन किया। गरीबों को बंद के दौरान उचित मूल्य की दुकानों पर राशन सामग्री का वितरण भी शुरू करवा दिया गया था। जिसके चलते नगर में स्थित राशन डीलर की दुकान के बाहर लोगों की लंबी कतारें लगने लगी थी। मगर दुकानों को फिर से बंद करवा दिया गया। जिसके कारण जरूरतमंद गरीब को बिना राशन के ही खाली हाथ वापस घर आने को मजबूर होना पड़ रहा है। पिछले दिनों तीन महीने का राशन मिलना था। जो हमें अभी तक नहीं मिल पाया।

राशन की दुकान पर घंटो बीतने के बाद पता चला कि दुकान नहीं खुलेगी। इसी तरह गांव में 20 से अधिक परिवार हैं, जो जैसे-तैस दिन गुजार रहे हैं। ग्रामीण राजू शंकर कहार, राकेश बाघमारे, गीताबाई, सुरता कहार, जितेंद्र कहांर, जितेंद्र कुमार, सुशीला धुर्वे, बबली कहार, शकुन कहार,फिरोज, झब्बू जोगी, टीकाराम सहित सभी की एक ही पीड़ा है- काम बंद है, ऐसे में मजदूरी नहीं कर पा रहे हैं।

लॉक  डाउन के दौरान 3 दिन खोली दुकान

गरीबों को राशन उपलब्ध कराने के लिए राशन दुकान से दस फीट की दूरी तक सोशल डिस्टेंस के लिए निश्चित दूरी पर सफेद गोले बनाए गए थे।परंतु इसके बाद लंबी कतारों में लगे लोग आपस में सटकर ही खड़े थे तो कहीं पर झुंड में बैठे थे। इस दौरान लोगों ने उन्हें जागरूक भी किया मगर वे नहीं माने।जिसके कारण से गरीबों को राशन दुकानों से मिलने वाला अनाज नहीं मिल पा रहा है।

इस मामले में मंगलवार को एस डी एम  सुश्री हरसिमरन प्रीत कौर से चर्चा की एवं ग्रामीण क्षेत्रों की राशन दुकानों पर राशन ना मिलने पर लोगों को होने बाली परेशानी से अवगत कराया गया । जिस पर उन्होंने कहा कि ग्रामीण क्षेत्र में राशन ना मिल पाने के कारण होने वाली परेशानियों को वरिष्ठ अधिकारियों को अवगत करा दिया गया है। अगले 1 या 2 दिन में राशन की दुकान खुलवाने के प्रयास किए जाएंगे। तब तक के लिए ग्राम पंचायत सचिव को ग्राम में गरीब परिवारों को भोजन की व्यवस्था करने के कहती हूं।