नवाचार- कोरोना के विरूद्ध युद्ध में स्वसहायता समूहों की महिलाएं बन रहीं हैं सहभागी मास्क एवं सेनेटाइजर बनाने का कार्य लिया हाथ में

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बैतूल,
जिला प्रशासन द्वारा कोरोना संक्रमण से बचाव के लिए किए जा रहे उपायों में राष्ट्रीय ग्रामीण आजीविका मिशन (एनआरएलएम) के अंतर्गत गठित स्व सहायता समूहों से जुड़ी महिलाएं सहभागी बनकर कार्य कर रही हैं। इन महिलाओं ने जिले में कपड़े के मास्क एवं सेनेटाइजर बनाने का बीड़ा उठाया है। जिसके चलते छ: दिवस में 8700 मास्क बना दिए हैं। इसी तरह डब्ल्यूएचओ द्वारा प्रमाणित फार्मूले के आधार पर 600 लीटर सेनेटाइजर बनाकर पुलिस, नगरपालिकाओं एवं ग्राम पंचायतों को उपलब्ध कराया है।


सीईओ जिला पंचायत श्री एमएल त्यागी से प्राप्त जानकारी के अनुसार जिले के छ: विकासखण्डों के अंतर्गत 17 स्वसहायता समूहों की इन कोरोना वारियर्स महिलाओं द्वारा घर में कामकाज निपटाकर सोशल डिस्टेंस मेंटेन करते हुए मास्क बनाने का कार्य किया जा रहा है। छ: दिवस में 8700 मास्क बनाने वाली इन महिलाओं का लक्ष्य तय नहीं है, लेकिन मकसद एक ही है-कोरोना को हराना।

इन महिलाओं द्वारा निर्मित मास्क पंचायत एवं ग्रामीण विकास विभाग, पुलिस, नगरपालिकाओं तथा अन्य विभागों के साथ-साथ समुदाय के लोगों को भी प्रदाय किए जा रहे हैं। एक मास्क की कीमत 10 रूपए रखी गई है। बैतूल विकासखण्ड के अन्नपूर्णा स्व सहायता समूह द्वारा डब्ल्यूएचओ द्वारा प्रमाणित फार्मूले के आधार पर 600 लीटर सेनेटाइजर बनाकर उपलब्ध करयाा गया है। उक्त सेनेटाइजर की 100 एमएल की कीमत 30 रूपए एवं एक लीटर की कीमत 300 रूपए रखी गई है।