रेरा के नियम अनुसार प्रोजेक्ट व एजेन्ट का पंजीयन कराना अनिवार्य

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होशंगाबाद // प्रदेश में रेरा एक्ट के लागू होने के बाद प्रोजेक्ट तथा प्रॉपटी बिक्री के कार्य में लगे सभी एजेन्टस और ब्राोकर्स को रेरा में पंजीयन कराना जरूरी है। ऐसा न करने पर प्रतिदिन 10 हजार रूपए का जुर्माना देना होगा। अभी तक रेरा प्राधिकरण के सामने जो जानकारी मिली है उसके अनुसार प्रदेश में तकरीबन 2200 परियोजनाओं द्वारा ही अपना पंजीयन कराया गया है जो प्रदेश की भौगोलिक दृष्टि के हिसाब से काफी कम है।  पंजीकृत परियोजनाओ के अवलोकन में भी यह पाया गया है कि ग्वालियर एवं चंबल संभाग में सबसे कम पंजीयन हुआ है। साथ ही प्रदेश कुछ प्रोजेक्ट भी पंजीयन से छूटे हुए प्रतीत हो रहे है। इस हेतु आमजन के लिए अपंजीकृत प्रोजेक्ट और एजेंट की पहचान करने हेतु रेरा प्राधिकरण ने पुरस्कार योजना भी लागू की है। अगर प्रदेश में किसी भी जिले से अभी तक किसी एजेंट ने पंजीयन नही कराया है तो इसी भी जानकारी देने पर इनाम दिया जायेगा। रेरा द्वारा बताया गया है कि नर्मदापुरम् संभाग के बैतूल जिले में 28, हरदा में 19 एवं होशंगाबाद में 68 पंजीयन हुए है। 
इसके साथ ही प्रदेश भर में मुरैना जिले में 3, श्योपुर में 4, भिंड में 0, ग्वालियर में 80, अशोकनगर में 3, शिवपुरी में 5, दतिया में 0, गुना में 8, इंदौर संभाग अंतर्गत अलीराजपुर में 5, बडवानी में 21, बुरहानपुर में 9, इंदौर में 563, जबलपुर संभाग अंतर्गत बालाघाट में 18, छिंदवाड़ा में 69, जबलपुर में 176, कटनी में 13, मंडला में 4, नरसिंहपुर में 26, सिवनी में 25, डिंडोरी में 3, रीबा संभाग अंर्तगत रीवा में 28, सतना में 23, सीधी में 2, सिंगरोली में 3, सागर संभाग अंतर्गत छतरपुर में में 19, दमोह में 15, पन्ना में 2, सागर में 25, टीकमगढ़ में 5, शहडोल संभाग अंतर्गत शहडोल में 20, अनुपपूर 5, उमरिया में 4, निवारी में 0, उज्जैन में संभाग के आगर मालवा में में 7, देवास में 41, मंदसौर में 60, नीमच में 20, रतलाम  में 46, शाजापुर में 7 तथा उज्जैन में 64 परियोजनाओं का पंजीयन हुआ है। 

रेरा एक्ट के मई 2017 में लागू होने के बाद से रियल एस्टेट सेक्टर में बड़ा बदलाव हुआ है। रेरा एक्ट को लागू होने के पश्चात सभी रियल एस्टेट प्रोजेक्ट का रेरा में पंजीयन के अलावा उनकी हर तीन माह मे प्रगति प्रतिवेदन देना होता है। रेरा एक्ट मूलत: आवंटी केन्द्रित है। समय पर प्रोजेक्ट को पूरा न करने पर आवंटतियों को उल्टा मुआवजा भी देना पड़ता है। उक्ट की सफलता के लिए यह आवश्यक है कि सभी नगरो और कस्बो में जो बिल्डर, कालोनाईजर प्लाट तथा मकान बेच रहे है उनके प्रोजेक्ट का पंजीयन होना जरूरी है। 
रेरा प्राधिकरण ने प्रोजेक्ट के तहत पंजीयन के प्रति बेरूखी के चलते आमजन को यह अवसर प्रदान किया है कि वे अपंजीकृत कॉलोनी और प्रजोक्ट उल्लेखनीय है की रेरा द्वारा अभी तक दो करोड़ रूपए से अधिक का जुर्माना किया जा चुका है। प्रदेश के अपंजीकृत प्रोजेक्ट और एजेंट की पहचान करने के लिए भू संपदा विनियामक प्राधिकरण रेरा द्वारा पुरस्कार योजना 31 दिसम्बर 2019 तक लागू की गई है। योजनांतर्गत आमजनो द्वारा अपंजीकृत प्रोजेक्ट और एजेट की जानकारी देने पर  पुरस्कृत किया जायेगा। इसके तहत अपंजीकृत प्रोजेक्ट की जानकारी देने पर 1400 रूपए तथा अपंजीकृत एजेंट की जानकारी देने पर 700 रूपए का पुरस्कार दिया जायेगा। इस आशय की जानकारी वाट्स एप नंबर 8989880123,दूरभाष नंबर 0755-2557955, अथवा पोस्ट के माध्यम से सचिव रेरा, रेरा भवन मेन रोड नंबर 1 भोपाल पर दी जा सकती है।

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