रनिंग रूम के ठेका श्रमिकों को नही मिल रहा न्याय, रेलवे के अधिकारी नही कर रहे जांच

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दिलीप पाल ब्यूरों आमला
आमला. आज जिला महिला कांग्रेस अध्यक्ष ग्रामीण सीमा अतुलकर ने स्टेशन के सामने प्रदर्शन कर ठेका श्रमिको को न्याय दिलाने के लिए रेल मंत्री का पुतला फूंका ओर श्रमिको को सही मानदेय दिए जाने की मांग की सीमा अतुलकर में कहा कि रनिंग रूम में लोको पायलट एवं गार्ड के लिए खानपान व्यवस्था और विश्राम की व्यवस्था की गई है जहां खान पान बनाने को लेकर ठेका दिया गया है।

ठेकेदार द्वारा ठेका श्रमिकों को काम पर रखा गया है लेकिन ठेका श्रमिकों को सही मानदेय नियमानुसार नहीं दिया जा रहा है इसको लेकर आज महिला कांग्रेस जिलाध्यक्ष सिमा अतुलकर ने स्टेशन प्रबंधक श्री पालीवाल को रेल महाप्रबंधक मध्य रेल मुम्बई के नाम ज्ञापन सौप महिला श्रमिको को उनका अधिकार दिलाने की मांग की है ज्ञापन में बताया गया है कि आमला जंक्शन में संचालित रनिंग रूम में ठेकेदार द्वारा श्रमिको का शोषण किया जा रहा है।

रनिंग रुम में लोको पायलट एवं गार्ड के विश्राम व भोजन व्यवस्था के लिए प्रशासन द्वारा ठेका शिला केटर्स नामक नागपुर की कंपनी को दिया गया है जहाँ ठेकेदार द्वारा दस महिला श्रमिक एवं चार युवक श्रमिक को काम पर रखा गया है और ठेका श्रमिको को मानदेय के रूप में 5500 रुपए की राशि नगद भुगतान की जाती है जबकि रेल्वे बोर्ड के नियमानुसार कुशल श्रमिक व अर्द्ध कुशल और अकुशल श्रमिक को 603,503,403, रुपए प्रतिदिन के हिसाब से मानदेय दिया जाना है लेकिन ठेकेदार द्वारा रनिंग रूम में कार्यरत ठेका श्रमिको को 5500 रुपए देकर उनके साथ शोषण किया जा रहा है ।

बताया जाता है कि रेलवे के नियम अनुसार ठेका श्रमिकों को प्रतिदिन 403रू दिए जाना है लेकिन ठेकेदार द्वारा ठेका श्रमिकों को प्रतिमाह 5500 का मानदेय देकर उनसे काम कराया जा रहा है कम मानदेय मिलने पर मानदेय की बढ़ोतरी को लेकर ठेका श्रमिकों ने रनिंग रूम के सामने प्रदर्शन भी किया।

मानदेय को लेकर रेलवे के अधिकारियों को शिकायत भी की लेकिन रेलवे के अधिकारियों द्वारा इस और कोई कार्यवाही नहीं की जा रही नागपुर के ठेकेदार द्वारा ठेका श्रमिकों के खाते में 9990 की राशि डाली जाती है और उनसे पैसे वापस लेकर 5500 प्रतिदिन के हिसाब से मानते दिए जा रहे हैं इस बात का विरोध ठेका श्रमिकों द्वारा किया गया लेकिन ठेकेदार द्वारा उनको काम पर से निकालने की धमकी दी जा रही है ऐसे में ठेका श्रमिक मजबूरी में कहां पर जा रहे हैं लेकिन रेलवे के अधिकारी इस और कार्रवाई करने में परहेज कर रहे हैं ।

ठेकेदार ही निकाल रहे श्रमिको के खाते से राशि

रनिंग रूम में कार्यरत कर्मचारियों के बैंक खाते से ठेकेदार द्वारा ही राशि निकाल श्रमिको के साथ छलावा किया जा रहा है सिमा अतुलकर ने सौपे ज्ञापन में बताया कि श्रमिको के बैंक खाता पासबुक व एटीएम ठेकेदार के पास ही रखा गया है प्रतिमाह ठेकेदार द्वारा श्रमिको को बैंक ले जाकर उनके खाते से राशि आहरण कर उन्हें नगद राशि दी जाती है ठेका श्रमिको के खाते में 9990 रुपए ठेकेदार द्वारा डाले जाते है लेकिन श्रमिको को 5500 रुपए देकर बाकी की राशि स्वम रख ली जाती है ।