ब्रह्माकुमारीज़ सच्चे अर्थों में भारत को विश्वगुरू बनाने का कार्य कर रहीं – शिवराज सिंह चौहान

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भोपाल:

भारत प्राचीन देश है। यहां की संस्कृति बहुत प्राचीन एवं पावन है। जब कई देशों में सभ्यता विकसित नहीं हुई थी उसके पहले हमारे देश में वेदों की रचना हो गई थी। ब्रह्माकुमारीज़ की दीदियां ईश्वरीय ज्ञान एवं राजयोग की साधना के द्वारा चरित्र का निर्माण कर पवित्र बनाकर ब्रह्म स्वरूपन बना रही हैं। उन्होनें कहा कि मैं अपने आप को बहुत धन्य महसूस कर रहा हूं एवं मैं भी इस ईश्वरीय परिवार का सदस्य हूं। ब्रह्माकुमारीज़ भारत को विश्व गुरू बनानें में 1936 से लगातार कार्य कार्य रही हैं। उक्त उद्गार ब्रम्हाकुमारी भोपाल जोन द्वारा अंतर्राष्ट्रीय महोत्सव के दूसरे दिन आयोजित मुख्य कार्यक्रम के दौरान मध्यप्रदेश के पूर्व मुख्यमंत्री एवं भाजपा के राष्ट्रीय उपाध्यक्ष शिवराज सिंह चौहान जी ने कार्यक्रम के मुख्य अतिथि के तौर पर व्यक्त किए ।

ब्रह्मकुमारीज़ मीडिया प्रभाग के राष्ट्रीय अध्यक्ष राजयोगी करूणा भाई जी नें कहा कि 140 देशों में ब्रह्माकुमारीज़ के सेवाकेन्द्र कार्य रहे हैं, जिनका संचालन बहनें करती हैं। ब्रह्माकुमारीज़ में तीन बातें सिखाई जाती हैं। एक ईश्वर, एक विश्व, एक परिवार। ब्रम्हाकुमारीज़ में 40,000 समर्पित बहनें, 10,000 समर्पित भाई, एवं 10 लाख परिवार प्रतिदिन ईश्वरीय ज्ञान एवं राजयोग प्रतिदिन ब्रह्माकुमारीज़ में जाकर सीखते हैं। ब्रह्माकुमारीज़ के सदस्य प्रतिदिन 4 बजे से नींद का त्याग कर ब्रह्म मुहूर्त में उठकर तपस्या करते हैं। ऐसे तपस्वियों के तप से भारत निश्चित ही निकट भविष्य में विश्व गुरू बन कर रहेगा।

वैज्ञानिक एवं अभियंता प्रभाग के राष्ट्रीय अध्यक्ष बी.के. मोहन सिंहल जी नें कहा कि पूरे धरती एक कुटुंब हैं, जिसमें प्रकृति के पांच तत्व, जानवर एवं पक्षी भी आते हैं। ब्रह्माकुमारीज़ के संस्थापक प्रजापिता ब्रह्मा बाबा में सबको साथ लेकर चलनें की कला थी। वे सहज ही दूसरों के मन को जीत लेते थे। हमें भी दूसरों के मन जीतनें है। हमें जियो और जीने दो के सिद्वांत पर चलकर सभी को जीनें का अवसर प्रदान करना है। पुरूष अर्थात आत्मा और प्रकृति के इस रंगमंच में हो रहे खेल को समझना है। धर्म अर्थात धारणाओं की रक्षा एवं सम्मान करना है।

रसिया से पधारे ब्रदर सासा जी नें कहा कि वे पिछले 29 वर्षों से ब्रह्माकुमारीज़ से जुडकर राजयोग का अभ्यास कर रहे हैं। उन्होनें पाया कि ब्रह्म ज्ञान बहुत सरल है, सम्पन्नता से भरपूर है। और इस ईश्वरीय ज्ञान से प्रेम, प्यार, आनंद, शक्ति आदि मिलती है, जिससे पवित्रता आती है। इस ज्ञान को सारे विश्व में फैलाएंगे तो भारत निश्चित ही विश्व गुरू बन जाएगा।

कार्यक्रम में स्वागत भाषण देते हुए ब्रह्माकुमारीज, भोपाल जोन की निदेशिका राजयोगिनी बी. के. अवधेष बहन जी नें कहा कि भारत समुद्र के जहाज जैसा है जहां से पंछी उड़ जाता है, लेकिन उसे वापस वहीं आना पड़ता है। ठीक इसी तरह पाश्चात्य देशों के लोगों को सुख-शांति, समृद्धि एवं आनंद चाहिए तो भारत में ही आना होगा। भारत की सभ्यता को समझना एवं मानना होगा। इस वर्ष की दीवाली में हम नई संस्कृति एवं सभ्यता अपने जीवन मेें धारण कर भारत को पुनः विश्व गुरू बनाने के लिए अपना सहयोग दे सकते हैं।

उन्होनें कहा कि भारत को विश्व गुरू बनाने हेतु सबसे पहले खुद पर ध्यान देना होगा। प्रातः ब्रह्म मुहूर्त में उठकर, ईश्वरीय ज्ञान एवं राजयोग के आधार पर हम अपने अंदर सकारात्मक परिवर्तन ला सकते हैं। भोपाल, भारत का हृदयस्थल है इसलिए भारत को विश्व गुरू बनाने का बीजारोपण यहीं से हुआ है। अब हमें ध्यान देना है कि बीज पौधा बनें एवं फिर वृक्ष बनकर सारे संसार का मार्गदर्शन करें। हमें ध्यान रखना होगा कि इस पौधे को कीड़े आदि से बचाकर रखना होगा।

बी.के. बनारसी भाई कार्यपालक सचिव चिकित्सा प्रभाग, ब्रह्माकुमारीज़ माउंट आबू नें कहा कि राजयोग की चिकित्सा पद्धति से छः महीने में हार्ट के ब्लाकेज़ खुल सकते हैं। अनेक ऐसे उदाहरण हैं। हम माउंट आबू से भोपाल आकर यह चिकित्सा पद्धति सिखाकर भोपाल को स्वस्थ एवं हृदय रोग मुक्त करना चाहते हैं।

कार्यक्रम में दिल्ली से पधारीं ब्रह्माकुमारीज़ ओमशांति रिट्रीट सेन्टर, दिल्ली की निदेशिका राजयोगिनी बी. के. शुक्ला दीदी नें आषीर्वचन दिए।

इस अवसर पर सर्व वर्गों की एक पुस्तक का विमोचन भी किया गया । जिसमें बम्हाकुमारीज़ के 20 वर्ग के कार्यां को चित्रों एवं लिखित के माध्यम से एवं साथ ही भारत सरकार की 10 समाजसेवी योजनाओं जैसे- स्वच्छता, बेटी बचाओ, पर्यावरण संरक्षण, आदि को भी दर्शाया गया है। पुस्तक की रचना बी. के. किरण बहन एव बी. के. सुखेन्द्र भाई नें की है।

कार्यक्रम में रूस एवं चीन के प्रतिनिधि भी उपस्थित थे। छतरपुर से पधारी कुमारी शिवांशी नें स्वागत नृत्य प्रस्तुत किया ।कार्यक्रम के प्रारंभ में माउंट आबू से पधारे मधुरवाणी ग्रुप के सतीश भाई एवं गौतम भाई नें सुंदर गीत प्रस्तुत कर कार्यक्रम में समा बांध दिया। चाइना से पधारी कुमारी आई वी, कुमारी रोज़, कुमारी सुनिति नें भारत की महिमा में सुंदर नृत्य प्रस्तुत किया । गीत के बोल थे- येे मत कहो खुदा से, देश रंगीला एवं वंदेमातरम् प्रस्तुतियां देकर पूरी सभा को देश प्रेम के भावों से भर दिया।

कार्यक्रम के अंत में छतरपुर सेवाकेन्द्र प्रभारी बी. के. शैलजा जी नें आभार प्रदर्शन किया। बी. के. शैलजा जी, सेवाकेन्द्र प्रभारी, छतरपुर नें कुशल मंच संचालन किया एवं अभियान के बारे में विस्तार से बताया। कार्यक्रम के आरंभ में दीप प्रज्जवलन कर कार्यक्रम का विधिवत उद्घाटन किया गया। कुमारी आकृति, कुमारी यशस्वी एवं ग्रुप नें नृत्य के माध्यम ये अपने भावों को व्यक्त किया।

ये महारथी भी रहे मंच की शोभाः

बी. के. अशोक गाबा जी, अध्यक्ष, सुरक्षा प्रभाग

बी. के. भारत भूषण, राष्ट्रीय संयोजक, वैज्ञानिक एवं अभियंता प्रभाग

बी. के. सुशांत भाई, राष्ट्रीय संयोजक, मीडिया प्रभाग

बी. के. दयाल भाई, राष्ट्रीय संयोजक, कला एवं संस्कृति प्रभाग

बी. के. सतीश भाई, मुख्यालय संयोजक, कला एवं संस्कृति प्रभाग

बी. के. शिविका बहन, मुख्यालय संयोजिका, शिक्षा प्रभाग

बी. के. लता बहन, मुख्यालय संयोजक, न्यायविद प्रभाग

बी. के. जगबीर, मुख्यालय संयोजक, खेलकूद प्रभाग

बी. के. सविता, मुख्यालय संयोजिका, महिला प्रभाग

बी. के. हरीश, मुख्यालय संयोजक, प्रशासक सेवा प्रभाग

बी. के. सुरेश, मुख्यालय संयोजक, यातायात एवं परिवहन प्रभाग

इसके अलावा ग्राम विकास प्रभाग, युवा प्रभाग, स्पार्क प्रभाग, आई. टी. प्रभाग आदि के प्रतिनिधि उपस्थित रहे ।

उक्त जानकारी देते हुए संस्था की बी.के. डॉ. रीना बहन नें बताया कि कल पूरे भोपाल में सभी वर्गों के अनेक कार्यक्रम आयोजित किए जाएंगे एवं दिनांक 15 से 18 अक्टूबर तक पूरे मध्यप्रदेश में कार्यक्रम आयोजित होंगे।

ब्रह्माकुमारीज़, भोपाल

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