माफिया पर कारवाही के विरोध में सरकार को अस्थिर करने की कोशिश -कमलनाथ

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मनोहर

भोपाल-  कमलनाथ सरकार को संकट से  उबारने के लिए मध्यप्रदेश कैबिनेट के 20 मंत्रियों ने कमलनाथ को अपना इस्तीफा सौंप दिया। एवं केबिनेट के पुनर्गठन की स्वेच्छा जताई है। माना जाता है कि मुख्यमंत्री कमलनाथ से नाराज चल रहे विधायकों को नए मंत्रिमंडल में जगह देकर उन्हें मनाया जाएगा। इस बीच दिन में तेजी से बदल रहे घटनाक्रम में नाराज चल रहे ज्योतिरादित्य सिंधिया के खेमे के 17 विधायक बंगलूरू चले गए है ।  सभी सिंधिया समर्थित विधायकों के मोबाइल बंद हैं।

वहीं खबर है कि ज्योतिरादित्य सिंधिया ने भाजपा नेताओं से मुलाकात की है। खेमे के विद्रोह की अटकलों के बीच कमलनाथ ने आनन-फानन में अपने आवास पर आपात बैठक बुलाई। जिसमे 20 मंत्रियों ने अपने इस्तीफे मुख्यमंत्री कमलनाथ को सौप दिए है।

मुख्यमंत्री कमलनाथ ने  कहा है कि , माफिया पर कारवाही के विरोध में सरकार को अस्थिर करने की कोशिश की जा रही है। मैं माफिया की मदद से किसी को भी अपनी सरकार नहीं गिराने दूंगा। मैंने अपना पूरा जीवन लोगों की सेवा में लगा दिया, लेकिन भाजपा मेरी सरकार गिराने के लिए अनैतिक हथकंडे अपना रही है।

सिंधिया नहीं माने तो व्हिप जारी कर सकती है कांग्रेस

 सरकार पर उठे संकट के बीच भोपाल में मुख्यमंत्री आवास में बैठक हुई। इस बैठक में इस बात पर सहमति बनती दिखी है कि अगर ज्योतिरादित्य सिंधिया नहीं मानते हैं तो कांग्रेस व्हिप जारी कर सकती है। और व्हिप के जरिए पार्टी विशेष सत्र बुलाकर सिंधिया समर्थक विधायकों को अयोग्य घोषित किया जा सकता है। अगर ऐसा होता है कि कांग्रेस को 105 विधायकों के साथ बहुमत साबित करना पड़ेगा।

भाजपा पर भी संकट 

ऐसा नहीं है की संकट केवल कांग्रेस पर  है  भाजपा भी इससे अछूती नहीं है भाजपा के भी कुछ विधायक मंत्री पद की लालसा में कांग्रेस का दमन थम सकते है , जिस हेतु भाजपा भी सतर्क है। ोे अपने विधायकों को साधने में जुटी है। बीजेपी ने भी आज शाम विधायक दल की बैठक बुलाई है। बैठक में पूर्व मुख्यमंत्री शिवराज सिंह को विधायक दल का नेता चुना जा सकता है।