आदर्श परिवार और आदर्श समाज के निर्माण में नारी की महत्वपूर्ण भूमिका होती है :- अनुराधा

Scn news india

हर्षिता वंत्रप 

सारनी :- भारतीय संस्कृति में संस्कृति में नारी का स्थान और सम्मान सर्वोपरि रहा है। कहा गया है कि यत्र नार्यस्तु पूज्यन्ते, रमन्ते तत्र देवता अर्थात् जहाँ स्त्री के प्रति पूज्य व सम्मान का भाव तथा व्यवहार होता है, वहाँ देवता विहार करते हैं । नारी संपूर्ण सृष्टि का आधार है। उसमें क्षमा, दया, करूणा, धैर्य आदि अनेक गुण जन्मजात होते हैं। आदर्श परिवार और आदर्श समाज के निर्माण में नारी की महत्वपूर्ण भूमिका होती है।

उक्त विचार सरस्वती विद्या मंदिर में मातृभारती द्वारा अंतरराष्ट्रीय महिला दिवस पर आयोजित कार्यक्रम में मुख्य वक्ता के रूप में उपस्थित गायत्री परिवार की वरिष्ठ कार्यकर्ता तथा नारी जागरण आंदोलन की तहसील प्रभारी अनुराधा सोलंकी ने व्यक्त किए। श्रीमती सोलंकी ने कहा कि भारतीय नारी अबला कभी नहीं रही, नारी को अबला कहना या मानना नारी शक्ति का अपमान है। भारतीय इतिहास नारी के त्याग, साहस, शौर्य और पराक्रम की गाथाओं से भरा पड़ा है। सती, सीता, सावित्री, अनसुइया, गार्गी, लक्ष्मी, मीरा, अहिल्याबाई ,जीजाबाई, पन्ना धाय जैसी महान नारियों की गौरव कथाएँ आज भी भारतीय नारी समाज के लिए प्रेरणास्रोत हैं। इससे पूर्व मुख्य अतिथि एसआई अलका राय, आरक्षक (ऊर्जा डेस्क) पूनम तिवारी, आफिसर क्लब की स्पोर्ट्स सेकेट्री रेणु त्रिपाठी एवं समिति सचिव योगेन्द्र ठाकुर ने दीप प्रज्ज्वलित कर कार्यक्रम की शुरुआत की।

सरस्वती वंदना पश्चात् मंचस्थ अतिथियों का विद्यालय परिवार की ओर से स्वागत किया गया। इस अवसर पर एसआई अलका राय, आरक्षक पूनम तिवारी एवं रेणु त्रिपाठी ने वर्तमान में भारतीय नारी की दशा और दिशा के परिप्रेक्ष्य में अपने विचार व्यक्त किए। समिति के सचिव योगेन्द्र ठाकुर एवं प्राचार्य राजेन्द्र तिवारी ने कार्यक्रम में उपस्थित मातृ -शक्ति को अंतर्राष्ट्रीय महिला दिवस की शुभकामनाएँ एवं बधाई दी। समिति की ओर से वीडी त्रिपाठी ने एसआई अलका राय एवं आरक्षक पूनम तिवारी को स्मृति चिन्ह भेंट कर सम्मानित किया। इस अवसर पर सरिता तिवारी, शालिनी जैन और ज्योति धोटे ने नारी महिमा पर केन्द्रित गीत गायन किया। कार्यक्रम का संचालन श्रीमती अनीता कोसे एवं आभार प्रदर्शन श्रीमती गीता धोटे ने किया। कार्यक्रम में प्रतिभा ठाकुर, सरिता गिरि, लता हारोड़े, भारती तिवारी, गीतांजली सालोडे़, साधना ठाकुर, प्रिया सहारे, बिन्द्रा लांजीवार सहित बड़ी संख्या में महिलाओं की उपस्थिति रही।