क्रांति यात्रा के माध्यम से किसानों ने निकाली ऐतिहासिक रैली रही सर्वाधिक संख्या

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होशंगाबाद से प्रवीण गौर की खास रिपोर्ट

राज्य सरकार केंद्र सरकार एवं स्थानीय प्रशासन से संबंधित मांगों को लेकर क्रांति यात्रा

जिला प्रशासन ने समस्याओं से संबंधित विभागों एवं राष्ट्रीय किसान मजदूर संघ के प्रतिनिधिमंडल के साथ बैठकर की जिला स्तरीय समस्याओं के निराकरण की पहल

क्रांति यात्रा का हुआ जगह-जगह स्वागत

यह ऐतिहासिक यात्रा बाजे गाजे के साथ देशभक्ति गीतों गाते हुए निकली जिसका जगह-जगह हुआ स्वागत जिसमें राष्ट्रीय किसान मजदूर संघ ग्राम इकाई मालाखेड़ी , प्रियंका हायर सेकेंडरी स्कूल एवं कामाख्या गार्डन के सामने नगर वासियों के द्वारा बड़ी भव्यता से स्वागत किया गया ।

राष्ट्रीय किसान मजदूर संघ जिला होशंगाबाद के तत्वाधान में आयोजित किसान क्रांति यात्रा के माध्यम से किसानों ने अपनी ताकत का एहसास कराया जिला प्रशासन को ।

जिला मुख्यालय पर गुरुवार को किसानों ने अपनी मांगों को लेकर किया प्रदर्शन

क्रांति यात्रा में रही मातृशक्ति की उपस्थिति

क्रांति यात्रा में 4 मार्च को बांद्राभान में किसान संगोष्ठी , नर्मदा मैया का भंडारा एवं 5 मार्च को मां नर्मदा का पूजन कर क्रांति यात्रा होशंगाबाद के लिए रवाना हुई जिसमें किसान रैली में हजारों की संख्या में किसान मजदूर एवं महिलाओं की उपस्थिति रही ।

किसान पैदल मोटरसाइकिल एवं ट्राली ट्रैक्टर से रैली का रूप लेकर होशंगाबाद के मुख्य मार्गो से होते हुए गुप्ता ग्राउंड पहुंचे

आज प्रातः ही प्रशासन नेजनसुनवाई कक्ष कलेक्ट्रेट में राष्ट्रीय किसान मजदूर संघ के प्रतिनिधिमंडल की बैठक जिला प्रशासन की मध्यस्थता में संबंधित विभागों के समक्ष हुई ।

जिसमें अपर कलेक्टर त्रिपाठी जी की मध्यस्थता में संबंधित विभागों के अधिकारियों के समक्ष किसानों से संबंधित विषय रखा गया । जिसमें राष्ट्रीय किसान मजदूर संघ की ओर से प्रदेश कोषाध्यक्ष नीतिराज सिंह पटेल , जिला अध्यक्ष श्री राकेश गौर , जिला मंत्री दिनेश मीणा, जिला मीडिया प्रभारी गणेश गौर , भागवेंद्र कौरव , मनोज यादव उपस्थित रहे ।

राष्ट्रीय किसान मजदूर संघ के द्वारा निम्न समस्याएं प्रशासन एवं संबंधित विभागों के समक्ष रखी गई जिसमें :

केंद्र सरकार से संबंधित 
घोषणा अनुसार लागत के आधार पर डेढ़ गुना लाभकारी मूल्य प्रदान किया जावे ।
देश की आयात निर्यात नीति को व्यवहारिक व किसान हितेषी बनाया जावे । पर्याप्त मात्रा में खाद्यान्न होने के पश्चात चना आदि जिंसों का आयात व्यावहारिक नहीं है ।
स्वामीनाथन आयोग की सिफारिशों को लागू किया जावे ।
अन्य उत्पादों की तरह कृषि उपज का भी एमएसपी की जगह एमआरपी तय किया जावे ।
कृषि मूल्य आयोग में किसानों को भी सम्मिलित किया जावे ।
K.C.C. के माध्यम से किसानो का बीमा प्रीमियम काटा गया है । जिन किसानो की फसल नष्ट हुई है उनको बीमा क्लेम राशि प्रदान की जावें ।


केन्द्र सरकार द्वारा तय की गई किसान सम्मान निधि जिन किसानों के खाते में जमा नहीं हुई है । उसे तुरंत जमा किया जावे एवं किसान सम्मान निधि को बढ़ाकर प्रति एकड़ ₹12000 प्रतिवर्ष किया जावे ।
शासन द्वारा समस्त कृषि उपजों को समर्थन मूल्य पर खरीदने की गारंटी प्रदान की जाए ।
किसान कल्याण कोष को बृहद रूप दिया जाए और नागरिक एवं करदाताओं से 1% राशि वसूल कर किसानों को राहत प्रदान की जाए ।
बीमा नीति को व्यवहारिक बनाया जावे ।


मध्य प्रदेश शासन संबंधित 
जल संरक्षण को दृष्टिगत रखते हुए सतपुड़ा की पहाड़ियों पर प्रस्तावित दूधी नदी डैम का निर्माण कार्य शीघ्र प्रारंभ किया जावे । एवं जिले की नदियों में जगह-जगह बाधों का निर्माण किया जावे ।
जंगली जानवर हिरण सूअर आदि के द्वारा किसानो की नष्ट हुई फसलों की R.B.C. -6, 4 के अनुसार राहत राशि प्रदान की जावें ।
ग्रीष्मकालीन मूंग की सिंचाई के लिए नहर द्वारा किसानों को पानी प्रदान किया जावे ।
प्रदेश सरकार द्वारा घोषित किसानों के सभी बैंकों (राष्ट्रीयकृत , क्षेत्रीय , निजी ) के 2 लाख के कर्ज माफ किये जावे ।
विगत वर्ष के किसानो के गेहूं के 160 रूपये व चना के 100 रुपये की बोनस राशि शीघ्र किसानों के खाते में जमा की जावे ।
समर्थन मूल्य पर गेहूं खरीदी के लिए समुचित व्यवस्था करते हुए नवीन खरीदी केंद्र स्वीकृत किये जावे । जैसे – बरंडुआ


राजस्व विभाग संबंधित  
पारिवारिक बंटवारे बिना स्टांप शुल्क के समय सीमा में किए जावे ।
पटवारियों का निवास कर्तव्य स्थल पर सुनिश्चित किया जावे ।
रजिस्ट्री के पश्चात नामांतरण की प्रक्रिया को सहज किया जावे ।
प्रमाणित खसरा किश्तबंदी एवं नक्शा में ₹30 एवं अतिरिक्त प्रति पेज के ₹10 लिया जाते है । जिसे ₹1 प्रति पेज लिया जाए ।
अनावरी एवं सर्वे में किसान प्रतिनिधियों को सम्मिलित किया जाए ।
ट्रेड यूनियन राष्ट्रीय किसान मजदूर संघ को जिला मुख्यालय पर कार्यालय उपलब्ध करावे ।
गांव-गांव में बिक रहे अवैध मादक पदार्थों पर रोक लगाई जावे ।

विद्युत मंडल से संबंधित
कृषि पंपों की सामूहिक क्षमता वृद्धि को वापस किया जावे ।
कृषि के लिए दिन में 3 फेस 12 घंटे विद्युत प्रदान की जावे ।
नियमानुसार ट्रांसफार्मर लाने लेजाने का कार्य विभाग का है । जबकि इसे किसान कर रहा है इसे विभाग द्वारा कराया जावें। यदि किसान ट्रांसफार्मर ले जा रहे है तो उसे ट्रांसपोर्टिंग का चार्ज विभाग द्वारा प्रदान किया जावे ।
जले हुए ट्रांसफार्मर बिना घूसखोरी के बदले जावे । जैसे ………………….
जले ट्रांसफार्मरों में आयल कम बताकर की जा रही अवैध वसूली को बंद किया जावे ।
सेविंग्राम के तहत अतिरिक्त ट्रांसफार्मर डिवीजन में रखे जावें ।
अनुदान योजना को पुनः प्रारंभ करते हुए किसानों के ट्रांसफार्मर तत्काल रखे जावे ।
गांव में की जा रही विद्युत कटौती को तत्काल बंद किया जावे ।
गांव में किसी 11kv तारों के नीचे सेफ्टी तार झूला लगाए जावे ।
किसानों पर बनाए गए विद्युत चोरी के झूठे प्रकरणों को वापस लिया जावे एवं बिना पंचनामा के प्रकरण न बनाए जावे ।
शिक्षा से संबंधित
भारत कृषि प्रधान देश है इसलिए जिला स्तर पर कृषि विश्वविद्यालय की स्थापना की जावे ।
कृषि विषय को अनिवार्य करते हुए कक्षा छठवीं से अध्ययन में जोडा जावे ।
शिक्षा के क्षेत्र में किसानों की बच्चों को विशेष आरक्षण देते हुए फीस माफ की जावे ।
समान शिक्षा नीति लागू की जावे ।
ग्रामीण समाज के बच्चों को बेरोजगारी भत्ता एवं पेंशन प्रदान की जावे ।
स्वास्थ्य विभाग से संबंधित :-
सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्रों में पर्याप्त डॉक्टरों की व्यवस्था की जावे ।
स्वास्थ्य केंद्रों पर पर्याप्त दवाइयों की व्यवस्था की जाबे ।
मेडिकल क्षेत्र में हो रही लूट को बंद किया जावे ।
अमानक एवं अत्यधिक मूल्य पर बेची जा रही दवाइयों पर रोक लगाई जावे ।
सहकारिता से संबंधित 
जिन किसानों का कर्ज माफ हुआ है उनकी सूची चस्पा की जावे ।
किसानों के माफ हुए ऋण को खातों में समायोजित किया जावे जिसकी रसीद किसानों को प्रदान की जाए ।
मंडी से संबंधित :-
मंडी अधिनियम के तहत समस्त कृषि उपजों की समर्थन मूल्य से ऊपर खरीदी की जावे ।
नियमानुसार समर्थन मूल्य से कम खरीदी करने पर दंडात्मक प्रक्रिया की जावे ।
किसानों को कृषि आदान विक्रय के पश्चात 24 घंटे के अंदर नगद या आरटीजीएस के माध्यम से मंडी प्रांगण में ही भुगतान किया जावे ।
प्रत्येक कृषि उपज मंडी में किसानों के लिए विश्राम ग्रह भोजन एवं जल की मंडी प्रशासन द्वारा समुचित व्यवस्था की जावे ।
वन विभाग :-
मैदान में घूम रहे वन्य प्राणियों को अभ्यारण छोड़ने की व्यवस्था की जावे ।
वन्य प्राणियों के द्वारा किसानों की फसल के नुकसान की भरपाई वन विभाग एवं प्रशासन द्वारा की जावे ।
किसानों एवं ग्रामीण लोगों के लिए जलाऊ लकड़ी उठाने की अनुमति प्रदान की जावे ।
कृषि विभाग से संबंधित :-
अमानक खाद बीज एवं कीटनाशकों की सूची चस्पा की जावे ।
अमानक खाद बीज विक्रेता पर दंडात्मक कार्यवाही की जावे ।
अनुदान पर किसानों को पर्याप्त मात्रा कीटनाशक एवं नींदा नाशक दवाइयां उपलब्ध कराई जावे ।
ग्राम सेवकों का गांव में प्रवास का दिन निश्चित किया जावे एवं ग्राम पंचायत में मोबाइल नंबर सहित यह जानकारी चस्पा की जावे ।
जनपद व पंचायत से संबंधित :-
सड़कों पर फिर रही मारी मारी गौ माता की व्यवस्था के लिए प्रत्येक गांव में गौशाला का निर्माण किया जाए जिसमें टीन सेट व पानी पीने की टंकी बनाई जावे ।
ग्राम पंचायत द्वारा खेत पहुंच मार्गों को दुरुस्त किया जावे ।
वृद्धावस्था पेंशन समय सीमा में खातों में डाली जाए ।
गांव के लोगों को व्यक्तिगत उपयोग हेतु रेत उठाने की अनुमति प्रदान की जाए ।

राष्ट्रीय किसान मजदूर संघ के संस्थापक चौधरी दर्शन सिंह , राव प्रमोद कुमार प्रदेश प्रवक्ता सुनील गौर , प्रदेश कोषाध्यक्ष नीतिराज सिंह पटेल , होशंगाबाद जिला अध्यक्ष राकेश गौर , नरसिंहपुर जिला अध्यक्ष एकम सिंह पटेल रायसेन जिला अध्यक्ष हेमंत पटेल , चौधरी प्रणवीर सिंह , वसंत खैरौनिया , जिला मंत्री दिनेश मीणा , मनोज कुमार यादव , देवकीनंदन गौर, रिंकू रावत , सुधीर गौर , गणेश गौर , राहुल गौर , नरेंद्र यादव , सियाराम कीर, भागबिंद्र कौरव , जगदीश लोवंशी सहित राष्ट्रीय किसान मजदूर संघ के कार्यकर्ता एवं हजारों की संख्या में किसान मजदूर बंधु उपस्थित हैं