अतिथि विद्वानो नो पीएससी की नई भर्ती में मिलेंगे अतिरिक्त 20 अंक एवं आयु सीमा का बंधन नहीं – मंत्री श्री पटवारी

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मनोहर

इंदौर – खेल एवं युवा कल्याण एवं उच्च शिक्षा मंत्री श्री जीतू पटवारी ने आज प्रेस वार्ता में अतिथि विद्वानों के धरना प्रदर्शन को लेकर मीडिया कर्मियों के सवालों के उत्तर दिये एवं उनके माध्यम से सरकार द्वारा किये जा रहे प्रयासों के बारे में जानकारी दी। भोपाल में पिछले 72 दिनों से चल रहे धरने एवं बुधवार के  दिन एक महिला अतिथि विद्वान के द्वारा मुंडन कराने की घटना को लेकर दुख एवं सरकार की संवेदनशीलता व्यक्त की।

उन्होंने बताया कि पिछले 30 सालों से देश में लगातार शिक्षा के मापदण्ड बढ़ते जा रहे हैं  जबकि मध्यप्रदेश तुलनात्मक रूप से पिछड़ता जा रहा है। उन्होंने कहा कि पिछले तीन दशकों में मध्यप्रदेश लोक सेवा आयोग की भर्ती एवं परीक्षा नियमित तौर पर आयोजित न होने के कारण योग्य व्यक्ति सरकार द्वारा बताये हुये रास्ते अर्थात अतिथि विद्ववान के रूप में कार्य करने लगे। इन्हीं कमियों को दूर करते हुये आगामी पीएससी भर्ती परीक्षा में अतिथि विद्वानों के लिये अतिरिक्त 20 अंक एवं आयु सीमा का बंधन नहीं रखा गया है। यह इसलिये क्योंकि अतिथि विद्वानों का समयदान एवं अनुभव हमारे लिये महत्वपूर्ण है। उन्होंने यह भी कहा कि नियमित करने की प्रक्रिया संवैधानिक तथा नियमानुसार होगी। साथ ही यह अनुरोध किया कि अतिथि विद्वान धैर्य रखें एवं धरने को समाप्त करें क्योंकि सरकार द्वारा इस संबंध में ठोस व्यवस्था बनाई जा रही है।

मंत्री श्री पटवारी ने बताया कि जहां 4900 अतिथि विद्वान कार्य कर रहे थे वहां केवल 1900 प्रभावित हुये हैं। जिसके लिये 1570 नई भर्ती निकाली गई एवं 500 लोगों ने कार्य करना शुरू किया इसके अतिरिक्त लगभग एक हजार अन्य भर्ती भी निकाला जाना प्रस्तावित है। अर्थात सरकार का आशय स्पष्ठ तौर पर अतिथि विद्वानों को यथोचित सम्मान देना है।

कॉलेज में भी पीटीएम शुरू करने का विचार

मंत्री श्री पटवारी ने बताया कि भविष्य में कॉलेज में भी विद्यालयों जैसी पेरेंट टीचर मीटिंग की व्यवस्था बनाई जा सकती है। इसका उद्देश्य शिक्षा की गुणवत्ता में सुधार करना एवं छात्र एवं शिक्षकों दोनों को अपने कर्तव्य के प्रति जिम्मेदार बनाना है।