घरेलू हिंसा से पीड़ित महिलाओं को मिल रहा न्याय, साढ़े तीन साल में 1872 केस

Scn news india

मनोहर

इंदौर -घरेलू हिंसा के खिलाफ अब महिलाएं मुखर होने लगी हैं। वे खुलकर शिकायत तो करने ही लगीं हैं बल्कि अब उन्हें न्याय भी मिलने लगा है। महिलाओं और लड़कियों की मदद के लिए नवंबर 2016 में वन स्टॉप सेंटर की शुरूआत हुई थी। यहां करीब साढ़े तीन सालों में हजारों घरेलू हिंसा के मामले आ चुके हैं।
घरेलू हिंसा से पीड़ित ज्यादातर महिलाएं पुलिस थाने तक पहुंचने में कतराती थीं। इसे देखते हुए 18 नवंबर 2016 को इंदौर सहित 18 जिलों में वन स्टॉप सेंटर का संचालन किया। भारत में इसके 488 जिलों में और मध्यप्रदेश में हर जिले में वन स्टॉप सेंटर बन चुके हैं। इनमें ज्यातर मामलों आ चुके हैं। इनमें ज्यातर मामलों  में महिलाओं के साथ मारपीट और उन्हें दहेज के लिए प्रताड़ित करने के मामले हैं।

प्रत्येक थाने पर होगा प्रचार-प्रसार

इंदौर के वन स्टॉप सेंटर की प्रशासक डॉ. वंचना सिंह परिहार ने बताया कि वन स्टॉप सेंटर 22 अप्रैल 2019 को मुरई मोहल्ला, छावनी में शिफ्ट किया है। कोई भी महिला या युवती अपनी शिकायत लेकर यहां आ सकती है। इसके अलावा हमें 0731-4911804 नंबर पर भी शिकायत कर सकती है। डॉ. सिंह ने कहा ज्यादा से ज्यादा महिलाओं को वन स्टॉप सेंटर के प्रति जागरूक करने के लिए हम 49 थानों पर सूचना बोर्ड लगाने वाले हैं। इसके अलावा रेलवे और बस स्टॉप से लेकर कई सार्वजनिक स्थानों पर भी प्रचार-प्रसार करेंगे।

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