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करोड़ की लागत से निर्माणधीन महाविद्यालय भवन में उपयोग हो रहा मिट्टी युक्त रेत का प्रयोग

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साबिर खान की रिपोर्ट 

  • करोड़ की लागत से निर्माणधीन महाविद्यालय भवन में उपयोग हो रही मिट्टी युक्त रेत
  •  स्थानीय नालों की रेट मजदूरों की सुरक्षा के नहीं है इंतजाम

 

मवई जनपद मुख्यालय में  लंबे अरसे से इंतजार के बाद स्वीकृत हुए महाविद्यालय हेतु करोड़ की लागत से भवन निर्माण का कार्य चल रहा है। निर्माण की गुणवत्ता इतनी घटिया है कि जानकारों का कहना है कुछ ही वर्षों मैं खंडहर में तब्दील होना शुरू हो जाएगा।

जैसाकि मवई मुख्यालय में बने करोड़ों की लागत से मॉडल स्कूल मवई का भवन 5 वर्षों के भीतर ही दीवारों में  दरार सहित छत के टपकने जैसे समस्याओं का सामना करना पड़ता है।

यदि ध्यान नहीं दिया गया तो ठीक इसी प्रकार महाविद्यालय भवन भी कुछ वर्षों में जर्जर होना शुरू हो जाएगा। क्षेत्र वासियों के लंबे जद्दोजहद के बाद स्वीकृत हुए महाविद्यालय भवन में हर दर्जे की  गुणवत्ता विहीन सामग्री का उपयोग  क्षेत्रवासियों के लिए परेशानी का सबब बना हुआ  है।

क्षेत्र वासियों का कहना है ऐसी बड़ी सौगात ग्रामीण क्षेत्रों को बहुत मुश्किल से मिलती है और वह भी भ्रष्टाचार के भेंट चढ़ जाए इससे बड़ा दुर्भाग्य क्या होगा।

वन आंचल क्षेत्र मवई मैं जिम्मेदार आला अधिकारी भी गुणवत्ता हीन निर्माण कार्य के निरीक्षण  हेतु नहीं पहुंचते। जिसका लाभ खुल कर ठेकेदार उठते हैं ,और  जनता के पैसों की होली खेली जाती है। जिम्मेदार अधिकारी एवं कर्मचारी व जनप्रतिनिधि सब मूक बने रहते हैं।  जिसका आशय -सहमति ठेकेदार को प्राप्त है।

मिटटी युक्त रेत का हो रहा है धड़ल्ले से उपयोग 
निर्माण स्थल जम कर दोयम दर्जे की गुणवत्ताहीन सामग्री का उपयोग रोकने यहां नहीं रहता कोई तकनीकी अमला , मीडिया के पंहुचने पर पाया गया की मिस्त्री और मजदूरों के भरोसे काम चल रहा है। निरीक्षण के दौरान देखा गया कि वहां पर विभागीय शासकीय अधिकारी का कोई भी जिम्मेदार या शासकीय तंत्र की तकनीकी अमला मौजूद नहीं पाया गया और ना ही कोई ऐसा मिला जो यह बता सके कि वहां बना रहे कंक्रीट सीमेंट मसाला का मापदंड क्या है। साथ ही सीमेंट में काली रेट एवं भवन में लग रहे लोहे का गेज कितना है जैसे अहम जानकारी देने वाला कोई भी जिम्मेदार व्यक्ति उपस्थित नहीं मिला।

अंदाजा लगाया जा सकता है वहां पर निर्माणधीन  कॉलेज भवन में कितना घटिया और गुणवत्ता हीन कराया जा रहा है इतने बड़े निर्माण कार्य में जिम्मेदार अधिकारी निगरानी रखने के बजाय गायब रहते हैं।

जिस तरीके से मवई होस्पिटल पुताई एवं पुट्टी करते समय ठेकेदार के द्वारा तकनीकी समान मजदूरों को नहीं दिया गया था और अस्पताल काम करते वक्त एक गरीब मजदूर के गिरने से मौत हो गई इस तरीके से महाविद्यालय में काम करने वालों को ठेकेदार के द्वारा कोई भी बचा तकनीकी का सामान नहीं दिया गया जबकि अभी आए दिन मवई मुख्यालय में कुछ ना कुछ घटना होती  ही रहती  है।